Authority Breaking News : ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर बड़ी सौगात, सेक्टर पी-3 गोलचक्कर के पास बनेगा नया 3 लेन का पुल, ट्रैफिक जाम और हादसों से मिलेगी राहत, प्राधिकरण सीईओ NG रवि कुमार का विजन स्मार्ट और सुरक्षित नोएडा, कब तक पूरा होगा पुल का सपना?

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा शहरवासियों के लिए खुशखबरी है। सेक्टर पी-3 गोलचक्कर के पास हवालिया नाले पर वर्षों पुराना और जर्जर पाइप पुल अब इतिहास बनने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इसकी जगह नया 3 लेन का आधुनिक पुल बनाने की स्वीकृति दे दी है। इस फैसले से न केवल आसपास के सेक्टरों के लाखों लोगों को राहत मिलेगी बल्कि सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रवाह भी सुगम हो जाएगा।
सेक्टर पी-3 गोलचक्कर के पास बनने वाला नया 3 लेन का पुल सिर्फ कंक्रीट और लोहे का ढांचा नहीं होगा, बल्कि यह लाखों लोगों की सुरक्षा, सुविधा और विकास की गारंटी होगा। पुराने संकरे पाइप पुल की जगह अब एक आधुनिक और मजबूत पुल बनेगा जो आने वाली पीढ़ियों तक शहर को सुरक्षित और स्मार्ट बनाएगा।
क्यों ज़रूरी था नया पुल?
हवालिया नाले पर बने पाइप पुल की हालत लंबे समय से खराब थी। यह पुल संकरा था और अक्सर यहां ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती थी। बारिश के मौसम में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता था। पुल की ऊंचाई मेन रोड से काफी नीची थी, जिसके चलते बड़े वाहनों को गुजरने में दिक्कत होती थी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार यहां से गुजरते वक्त हादसे का डर बना रहता था। अब नया पुल बनने से यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
प्राधिकरण का विजन – स्मार्ट और सुरक्षित नोएडा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने कहा “लोगों को ट्रैफिक जाम और हादसों की समस्या से बचाने के लिए शहर में नई सड़कों और पुलों का निर्माण किया जा रहा है। जहां-जहां आवश्यकता है, वहां मुख्य सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है और पुराने ढांचों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।”
यह बयान साफ करता है कि प्राधिकरण का लक्ष्य सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था है।
प्राधिकरण की योजना – होगा आधुनिक पुल निर्माण
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक नए पुल की लंबाई 25 मीटर और चौड़ाई 10.50 मीटर होगी। इसकी ऊंचाई भी कम से कम तीन मीटर अधिक रखी जाएगी ताकि बरसात और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में भी यातायात प्रभावित न हो।
पुल का निर्माण आरसीसी (Reinforced Cement Concrete) से किया जाएगा, जो बेहद मजबूत और टिकाऊ होगा।
7 करोड़ रुपये होंगे खर्च, सिंचाई विभाग करेगा निर्माण
वर्क सर्कल ड्रेन के वरिष्ठ प्रबंधक मनोज कुमार सचान ने जानकारी दी कि पुल निर्माण की स्वीकृति सीईओ रवि कुमार एनजी द्वारा दी जा चुकी है। निर्माण कार्य सिंचाई विभाग को सौंपा गया है। विभाग के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) की प्रक्रिया चल रही है।
निर्माण कार्य शुरू होने के बाद एक साल के भीतर पुल तैयार कर दिया जाएगा। इस पर कुल करीब 7 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
किन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ?
यह पुल सूरजपुर-कासना मार्ग और आस-पास के कई सेक्टरों को जोड़ता है।
सेक्टर पी-3, ओमेगा-1, चाई-3, फाई-3
बिल्डर्स एरिया
यमुना एक्सप्रेसवे सर्विस रोड
और आसपास के गांव
इन सभी इलाकों के लाखों लोगों को नए पुल का सीधा लाभ मिलेगा। खासकर दफ्तर आने-जाने वाले कर्मचारियों और छात्रों के लिए यह बड़ा राहत भरा कदम होगा।

हादसों का खतरा होगा खत्म
वर्तमान में जो पुल मौजूद है, वह पाइप का बना है और बेहद संकरा है। इस पर से गुजरते वक्त वाहन चालकों को हमेशा खतरे का डर बना रहता है। कई बार छोटे-बड़े हादसे भी हो चुके हैं।
नया पुल बनने से –
सड़क की चौड़ाई बढ़ जाएगी
ट्रैफिक जाम नहीं लगेगा
पानी भरने की समस्या खत्म होगी
और सड़क सुरक्षा में बड़ा सुधार आएगा।
ट्रैफिक दबाव होगा कम
ग्रेटर नोएडा शहर लगातार विस्तार कर रहा है। नए सेक्टरों का विकास
बढ़ता औद्योगिक और शैक्षणिक हब
और जेवर एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं
इन सबके कारण ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में नया पुल आने वाले वर्षों की यातायात ज़रूरतों को पूरा करने में अहम साबित होगा।
स्थानीय लोगों की राय
स्थानीय निवासी संदीप शर्मा कहते हैं “हर दिन इस पुल से गुजरना बहुत मुश्किल होता है। जाम में फंसना आम बात है। नया पुल बनेगा तो हमें बड़ी राहत मिलेगी।”
वहीं, छात्रा नेहा गुप्ता का कहना है “कॉलिज जाने में रोज़ाना समय बर्बाद होता है। कई बार देर भी हो जाती है। उम्मीद है कि नया पुल हमारी मुश्किलें खत्म करेगा।”
आर्थिक और सामाजिक फायदा
नए पुल से न केवल लोगों का समय बचेगा बल्कि ईंधन की बचत भी होगी।
छोटे कारोबारियों को माल ढुलाई में आसानी होगी।
औद्योगिक क्षेत्र तक आसान पहुंच से निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
सामाजिक दृष्टि से यह पुल आस-पास के गांवों और सेक्टरों को जोड़कर लोगों की जीवनशैली में बड़ा सुधार लाएगा।
कब तक पूरा होगा सपना?
अगर सब कुछ तय समय पर चला तो एक साल में नया पुल तैयार हो जाएगा। यानी 2026 तक ग्रेटर नोएडा की जनता को इस नई सौगात का लाभ मिलने लगेगा।



