Breaking News : दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े सांसद महेश शर्मा, सेक्टर-150 हादसे में जान गंवाने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर के परिजनों से मिले, घटनास्थल का भी लिया जायज़ा, मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा के थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र अंतर्गत सेक्टर-150 में निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में पानी भर जाने से डूबकर हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दर्दनाक मौत के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद आज गौतम बुद्ध नगर से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा मृतक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के परिजनों से मिलने उनके आवास पहुंचे और गहरी संवेदना व्यक्त की।
सांसद महेश शर्मा ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि इस दुख की घड़ी में वे परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
घटनास्थल पर पहुंचकर लिया हालात का जायज़ा
परिजनों से मुलाकात के बाद सांसद डॉ. महेश शर्मा स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने मौके की स्थिति का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि किस तरह बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में लंबे समय से पानी भरा हुआ था, जो जानलेवा साबित हुआ। सांसद ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जवाबदेही तय करने की बात कही।
पिता बोले—SIT गठन से मिली तसल्ली
इस मौके पर मृतक के पिता राजकुमार मेहता ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार द्वारा इस मामले में की गई त्वरित कार्रवाई से उन्हें संतोष मिला है।
उन्होंने कहा “एसआईटी का गठन किया गया है, इससे हमें तसल्ली हुई है। हमें लगता है कि इससे हमारे बेटे की आत्मा को सुकून मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रशासन और जिम्मेदार एजेंसियां सतर्क होतीं, तो शायद आज उनका बेटा जीवित होता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस लड़ाई का उद्देश्य केवल उनके बेटे के लिए न्याय नहीं, बल्कि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े, यह सुनिश्चित करना है।

मीडिया की भूमिका को सराहा
राजकुमार मेहता ने इस पूरे मामले को प्रमुखता से उठाने के लिए मीडिया का आभार जताया।
उन्होंने कहा— “मीडिया ने इस मुद्दे को सही तरीके से और सही प्लेटफॉर्म पर उठाया, उसी की वजह से सरकार और प्रशासन ने संज्ञान लिया और कार्रवाई शुरू हुई।”
उनका कहना था कि अगर यह मामला दबा दिया जाता, तो शायद जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा
मृतक के पिता ने यह भी बताया कि वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी बात सीधे रखना चाहते हैं।
उन्होंने भरोसा जताया कि प्रदेश सरकार उन्हें न्याय दिलाने में कोई कोताही नहीं बरतेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि—
“नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को हटाना शासन की अपनी प्रक्रिया है, लेकिन हमारी लड़ाई सिस्टम की जवाबदेही तय करने की है।”
सवालों के घेरे में निर्माण स्थलों की सुरक्षा
यह हादसा एक बार फिर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। खुले गड्ढे, बिना बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और निगरानी के अभाव में आम नागरिकों की जान खतरे में पड़ रही है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसी लापरवाहियों पर सिर्फ निलंबन नहीं, बल्कि कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।
इंसाफ की उम्मीद और सिस्टम से जवाब की मांग
इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें एसआईटी जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।



