Paramount Golf Foreste News : सोसाइटी में सुरक्षा या लापरवाही?, पैरामाउंट गोल्फ सोसाइटी में जर्मन शेफर्ड के हमले से आईटी इंजीनियर लहूलुहान, पालतू कुत्तों के नियमों पर खड़े हुए बड़े सवाल, टहलते वक्त हुआ हमला, पल भर में बदला माहौल, निवासियों में फूटा गुस्सा

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा की हाई-प्रोफाइल मानी जाने वाली पैरामाउंट गोल्फ सोसाइटी एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई सुविधा नहीं, बल्कि एक गंभीर सुरक्षा चूक है। सोसाइटी परिसर के भीतर जर्मन शेफर्ड नस्ल के एक पालतू कुत्ते ने आईटी इंजीनियर पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने न सिर्फ सोसाइटी में हड़कंप मचा दिया, बल्कि पालतू कुत्तों को लेकर बने नियमों और उनके पालन पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
टहलते वक्त हुआ हमला, पल भर में बदला माहौल
पीड़ित आईटी इंजीनियर की पहचान हिल्लोल चौधरी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि घटना उस समय हुई जब वे सोसाइटी परिसर में सामान्य रूप से चल रहे थे। उसी दौरान एक महिला जर्मन शेफर्ड नस्ल के कुत्ते को टहला रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुत्ता अचानक उग्र हो गया और बिना किसी चेतावनी के हिल्लोल चौधरी पर झपट पड़ा।
कुछ ही सेकंड में कुत्ते ने उन्हें काट लिया, जिससे वे ज़मीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला, लेकिन तब तक इंजीनियर को गंभीर चोटें लग चुकी थीं।
अस्पताल पहुंचाया गया घायल इंजीनियर
घटना के तुरंत बाद घायल आईटी इंजीनियर को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। बताया जा रहा है कि कुत्ते के काटने से गहरे घाव आए हैं और एंटी-रेबीज इंजेक्शन समेत अन्य उपचार दिए गए हैं।
घटना के बाद पीड़ित और उनके परिजनों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर समय रहते मदद न मिलती, तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई
पीड़ित पक्ष ने इस पूरे मामले की पैरामाउंट गोल्फ फोरेस्ट सोसाइटी प्रबंधन से लिखित शिकायत की। आरोप है कि शिकायत के बावजूद न तो कुत्ते की मालकिन के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही पीड़ित को कोई संतोषजनक जवाब मिला।
पीड़ित का कहना है कि सोसाइटी प्रबंधन मामले को हल्के में ले रहा है और सिर्फ “आपसी समझौते” की बात कहकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है।
निवासियों में फूटा गुस्सा
इस घटना के बाद सोसाइटी के अन्य निवासियों में भी जबरदस्त नाराज़गी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरी सोसाइटी की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
निवासियों के अनुसार,
सोसाइटी में बच्चे खेलते हैं
बुजुर्ग मॉर्निंग वॉक करते हैं
महिलाएं और परिवार सार्वजनिक स्थानों का उपयोग करते हैं। ऐसे में खुलेआम बिना पट्टे और बिना मज़ल (मुंह पर जाली) के कुत्तों को घुमाना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है।
प्राधिकरण की गाइडलाइन पर सवाल
घटना के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा जारी पालतू कुत्तों की गाइडलाइन पर भी सवाल उठने लगे हैं। नियमों के अनुसार—सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को पट्टे (Leash) से बांधकर रखना अनिवार्य है
खतरनाक नस्ल के कुत्तों के लिए मज़ल (Muzzle) जरूरी है
कुत्तों का रजिस्ट्रेशन और वैक्सीनेशन अनिवार्य होना चाहिए
लेकिन निवासियों का आरोप है कि इन नियमों का पालन केवल कागज़ों तक सीमित है, ज़मीनी हकीकत बिल्कुल अलग है।
“आज इंजीनियर, कल कोई बच्चा भी हो सकता है”
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि अब भी सख्ती नहीं बरती गई, तो आगे और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।
एक निवासी ने कहा “आज एक आईटी इंजीनियर घायल हुआ है, कल कोई बच्चा या बुजुर्ग भी इसका शिकार हो सकता है। तब जिम्मेदारी कौन लेगा?”
कार्रवाई की मांग, सुरक्षा सर्वोपरि
अब सोसाइटी निवासी मांग कर रहे हैं कि—
दोषी कुत्ते के मालिक पर सख्त कार्रवाई हो
सोसाइटी में पालतू जानवरों को लेकर नियमों को सख्ती से लागू किया जाए
प्रबंधन और प्राधिकरण मिलकर सुरक्षा ऑडिट कराएं
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि हाई-राइज़ सोसाइटियों में सुविधाएं जितनी ज़रूरी हैं, उतनी ही ज़रूरी सुरक्षा और नियमों की सख्ती भी है।



