Sharda University News : शारदा यूनिवर्सिटी में 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' अभियान का आयोजन, युवाओं ने ली नशा मुक्त भारत बनाने की शपथ, गौतमबुद्ध नगर के CDO भाल चंद्र त्रिपाठी ने दीप प्रज्वलित कर किया, शारदा यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया
कार्यक्रम का शुभारंभ गौतमबुद्ध नगर के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) भाल चंद्र त्रिपाठी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद उपस्थित विद्यार्थियों ने 'नशा मुक्त भारत' की शपथ लेते हुए स्वयं नशे से दूर रहने, अपने परिवार और समाज को जागरूक करने तथा देश को नशा मुक्त बनाने में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया, MY Bharat के डिप्टी डायरेक्टर शिवेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि "नशा मुक्त भारत केवल सरकार का अभियान नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब युवा स्वयं इस मुहिम से जुड़ते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं, तभी इसका वास्तविक प्रभाव दिखाई देता है।

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। शारदा यूनिवर्सिटी ने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा MY Bharat के सहयोग से “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत” अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गौतमबुद्ध नगर के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) भाल चंद्र त्रिपाठी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद उपस्थित विद्यार्थियों ने ‘नशा मुक्त भारत’ की शपथ लेते हुए स्वयं नशे से दूर रहने, अपने परिवार और समाज को जागरूक करने तथा देश को नशा मुक्त बनाने में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर शारदा यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें नशे की लत से व्यक्ति, परिवार और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को भावपूर्ण तरीके से दर्शाया गया। प्रस्तुति के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि नशे से दूर रहकर ही स्वस्थ, सुरक्षित और सफल जीवन का निर्माण किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें ‘यूथ डायलॉग फॉर चेंज’ विषय पर वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिता, ‘वर्ड्स फॉर चेंज’ स्लोगन लेखन, ‘कलर्स ऑफ चेंज’ पेंटिंग प्रतियोगिता, थीम आधारित नृत्य, नुक्कड़ नाटक, ‘वॉइसेज़ फॉर चेंज’ स्लैम पोएट्री, संगीत प्रस्तुति, रील मेकिंग और शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता शामिल रहीं। विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों के माध्यम से नशा मुक्त भारत के प्रति अपनी सोच, जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार, डीन – स्टूडेंट्स वेलफेयर ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। यदि वे सही दिशा में आगे बढ़ें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं तो समाज और देश में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि शारदा यूनिवर्सिटी का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सामाजिक रूप से जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाना भी है। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका समझने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देते हैं।
MY Bharat के डिप्टी डायरेक्टर शिवेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि “नशा मुक्त भारत केवल सरकार का अभियान नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब युवा स्वयं इस मुहिम से जुड़ते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं, तभी इसका वास्तविक प्रभाव दिखाई देता है। आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत के भविष्य के निर्माता हैं और हमें विश्वास है कि वे इस संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाएंगे।”
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शांति नारायणन ने किया। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट (डॉ.) यशोधरा राज, ऋषांक अग्रवाल, आशीष, रचना बंसल सहित विश्वविद्यालय के सभी विभागों के डीन, फैकल्टी सदस्य, स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
शारदा यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं में सामाजिक जागरूकता, जिम्मेदारी और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी इस प्रकार के जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास से जोड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।



