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YEIDA Authority News : यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में खुलने जा रहा हाईटेक कौशल विकास केंद्र, युवाओं को मिलेगा रोजगार, उद्योगों को मिलेंगे प्रशिक्षित युवा, उद्योगों और युवाओं के बीच सेतु बनेगा यह केंद्र, सीएसआर फंड का सदुपयोग

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में जल्द ही एक ऐसा कौशल विकास केंद्र बनने जा रहा है, जो न सिर्फ युवाओं के भविष्य की राह को आसान करेगा, बल्कि यहां स्थापित हो रहे उद्योगों को भी प्रशिक्षित और प्रोफेशनल युवाओं की बड़ी सौगात देगा। यह केंद्र टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के सहयोग से तैयार होगा और व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग इसकी जिम्मेदारी संभालेगा। यमुना प्राधिकरण का यह कौशल विकास केंद्र न सिर्फ एक इमारत होगा, बल्कि यह हजारों युवाओं के सपनों को उड़ान देने का जरिया बनेगा।
यह केंद्र उद्योगों और शिक्षा जगत को जोड़ते हुए एक नया मॉडल तैयार करेगा। भविष्य में जब यहां के युवा प्रशिक्षित होकर फैक्ट्रियों और मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करेंगे, तो यह क्षेत्र पूरे देश में कौशल और रोजगार के लिए मिसाल बनेगा।

सेक्टर-33 में होगा निर्माण

यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-33 में 8704 वर्गमीटर भूखंड पर यह कौशल विकास केंद्र बनाया जा रहा है। यह भूखंड पहले ही विभाग को आवंटित किया जा चुका था, लेकिन लंबे समय से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया था। अब टाटा टेक्नोलॉजीज की तकनीकी विशेषज्ञता और सहयोग से यह परियोजना गति पकड़ रही है।

उद्योगों और युवाओं के बीच सेतु बनेगा यह केंद्र

यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-33 में बनने वाले इस व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास केंद्र का उद्देश्य सीधे-सीधे स्थानीय युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है। यहां प्रशिक्षित होने वाले युवक-युवतियां आने वाले समय में क्षेत्र की फैक्ट्रियों और कंपनियों में सीधा रोजगार पा सकेंगे।
8704 वर्गमीटर में बनने वाला यह केंद्र लंबे समय से योजना में था, लेकिन अब जाकर इसके निर्माण की दिशा तय हुई है।

फैक्ट्रियों को भी मिलेगा बड़ा फायदा

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में तेजी से औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, वेयरहाउसिंग और आईटी जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेशक यहां आ रहे हैं। ऐसे में इन फैक्ट्रियों और कंपनियों को प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता है।
यह केंद्र उद्योगों और युवाओं के बीच सेतु का काम करेगा। यानी कंपनियों को अनुभवी स्टाफ ढूंढने की परेशानी नहीं होगी और स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलेंगे।

किसान संगठनों की भी थी मांग

दिलचस्प बात यह है कि इस कौशल विकास केंद्र को शुरू करने की मांग किसान संगठनों द्वारा भी लंबे समय से उठाई जा रही थी। किसानों का कहना था कि उनकी ज़मीन उद्योगों के लिए ली गई है, तो उनके बच्चों को भी रोजगार का रास्ता मिलना चाहिए।
यमुना प्राधिकरण ने इस मांग को गंभीरता से लिया और अब यह परियोजना धरातल पर उतरने जा रही है।

प्राधिकरण सीईओ राकेश कुमार सिंह का बयान

यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कहा,
“यह केंद्र व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग और टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से बनाया जा रहा है। इसके शुरू होने से युवाओं को ट्रेनिंग की आधुनिक सुविधा मिलेगी और रोजगार की राह खुलेगी। यह कदम क्षेत्र के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगा।”

युवाओं को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण

इस केंद्र में युवाओं को सिर्फ परंपरागत शिक्षा ही नहीं, बल्कि आधुनिक औद्योगिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

रोबोटिक्स

इलेक्ट्रॉनिक्स

ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी

इंडस्ट्रियल डिज़ाइन

वर्कशॉप मैनेजमेंट
जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इससे यहां से प्रशिक्षित छात्र सीधे उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होंगे।

सीएसआर फंड का सदुपयोग

गौरतलब है कि लंबे समय तक इस परियोजना पर काम शुरू नहीं हो पाया था। लेकिन प्राधिकरण ने विभाग से सीएसआर फंड के माध्यम से निर्माण कराने का सुझाव दिया। टाटा टेक्नोलॉजीज जैसी दिग्गज कंपनी का सहयोग मिलने से यह प्रोजेक्ट अब तेजी से आकार ले रहा है।

स्थानीय युवाओं के लिए सुनहरा भविष्य

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में पहले से ही हजारों युवा रहते हैं जो रोज़गार की तलाश में दूर-दराज़ के शहरों में जाते हैं। यह केंद्र खुलने से उन्हें घर के पास ही ट्रेनिंग और नौकरी दोनों का अवसर मिलेगा।
यह कदम पलायन को भी कम करेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा।

क्षेत्रीय विकास में नया अध्याय

यमुना प्राधिकरण का यह कदम न केवल युवाओं और उद्योगों के लिए लाभकारी होगा, बल्कि इससे पूरा क्षेत्र विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। यहां बनने वाला कौशल विकास केंद्र नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के युवाओं के लिए करियर की दिशा तय करेगा।

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बनने वाला यह कौशल विकास केंद्र युवाओं के लिए रोजगार का दरवाजा खोलेगा और क्षेत्र को औद्योगिक विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। यह कदम साबित करेगा कि जब प्रशासन, उद्योग और समाज मिलकर काम करते हैं तो विकास की राह और भी आसान हो जाती है।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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