Breaking News : “खेल बना खतरा!, बास्केटबॉल कोर्ट की जाली में दौड़ा करंट, महागुन मायवुड्स में मचा हड़कंप, खेलते-खेलते करंट की चपेट में आया बच्चा, चंद सेकंड में बिगड़ी हालत, मेंटेनेंस पर उठे गंभीर सवाल

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे ।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की चर्चित हाउसिंग सोसायटी महागुन मायवुड्स में एक बड़ा हादसा होते–होते टल गया, जब खेलके दौरान एक बच्चा करंट की चपेट में आ गया। यह घटना उस समय हुई जब बच्चा अपने दोस्तों के साथबास्केटबॉल कोर्ट में खेल रहा था। करंट लगने के कारण बच्चे को तेज झटका लगा और वह कुछ समय के लिएअचेत हो गया। घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा–तफरी का माहौल बन गया और मौके पर लोगों की भीड़ जुटगई।
“जाली में दौड़ रहा था करंट—एक गलती बन सकती थी बड़ा हादसा”
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोसायटी के बास्केटबॉल कोर्ट में लगे लोहे के जाल (जॉली) में करंट आ रहा था।बच्चा जैसे ही खेलते–खेलते जाली के संपर्क में आया, उसे जोरदार करंट लगा और वह चीखने लगा। स्थानीय लोगोंने तुरंत उसे बचाया और प्राथमिक सहायता दी। गनीमत रही कि करंट की तीव्रता ज्यादा नहीं थी, अन्यथा यहघटना जानलेवा साबित हो सकती थी।
“जांच में सामने आई खतरनाक लापरवाही”
घटना के बाद मौके पर पहुंची टीम ने जब जांच की, तो एक चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई। बास्केटबॉलकोर्ट के पास एक स्ट्रीट लाइट पोल लगा हुआ था। जाली को सहारा देने के लिए लोहे का सरिया पोल से जोड़दिया गया था। इस कनेक्शन के कारण बिजली का करंट जाली तक पहुंच रहा था। मेंटेनेंस टीम ने टेस्टर से जांचकी, जिसमें पोल के साथ–साथ जाली में भी करंट पाया गया।
“निवासियों का गुस्सा फूटा—मेंटेनेंस पर लापरवाही के आरोप”
घटना के बाद सोसायटी के निवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने मेंटेनेंस विभाग पर गंभीरलापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया
बिजली के उपकरणों की नियमित जांच नहीं हो रही। बच्चों के खेलने वाले स्थान पर इतनी बड़ी चूक अस्वीकार्यहै। निवासियों ने इस मामले की शिकायत पुलिस से भी की है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
“घटना के बाद जागा मेंटेनेंस—तुरंत की गई मरम्मत”
हादसे के बाद मेंटेनेंस विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत समस्या को ठीक किया। जाली और बिजली केपोल के बीच के खतरनाक कनेक्शन को हटाया गया और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए गए।
हालांकि, निवासियों का कहना है कि यह कार्रवाई हादसे के बाद की गई, जबकि ऐसी लापरवाही पहले ही रोकीजानी चाहिए थी।
“बड़ा सवाल—कब सुधरेगी सोसायटी सुरक्षा व्यवस्था?”
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या सोसायटी में सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन होरहा है? बच्चों के खेलने के स्थान पर इस तरह की लापरवाही न केवल चिंता का विषय है, बल्कि भविष्य में बड़ेहादसे का कारण भी बन सकती है।
सावधानी ही सुरक्षा, लापरवाही नहीं”
महागुन मायवुड्स की यह घटना एक चेतावनी है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है। अब जरूरी है कि सभी सोसायटियों में नियमित सुरक्षा जांच हो। बिजली और संरचनात्मक सुरक्षा को प्राथमिकतादी जाए। जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी भी मासूम की जिंदगी खतरे में न पड़े।



