Eros Sampoornam News : "संवेदनहीन प्रबंधन बनाम जागरूक नागरिक", ग्रेटर नोएडा वेस्ट की Eros Sampoornam सोसाइटी में गूंजा विरोध का स्वर, दर्जनों परिवार सड़क पर उतरे,गगनचुंबी इमारतों के पीछे की चुप्पी टूटी", "अब होगा अनशन": आंदोलन लेगा नया मोड़"

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की प्रमुख हाउसिंग सोसायटी Eros Sampoornam इन दिनों तीव्र नागरिक असंतोष का केंद्र बन गई है। शनिवार को सोसाइटी के 150 से अधिक निवासियों ने मिलकर एक शांतिपूर्ण लेकिन सशक्त विरोध प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, युवा और बच्चों के माता-पिता भी बढ़-चढ़कर शामिल हुए।
इस प्रदर्शन ने न केवल सोसाइटी प्रशासन को चेताया, बल्कि Eros Group के प्रबंधन तक सीधे संदेश भी पहुंचा दिया — कि अब मौन स्वीकार्यता नहीं, बल्कि संगठित नागरिक प्रतिरोध का दौर शुरू हो चुका है।
“गगनचुंबी इमारतों के पीछे की चुप्पी टूटी”
पिछले कुछ महीनों से Eros Sampoornam के निवासी अनेक प्रकार की बुनियादी समस्याओं का सामना कर रहे थे।
जहां एक ओर सोसाइटी का ब्रांड प्रचार “संपूर्ण जीवनशैली” के नाम पर होता रहा, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत बिजली कटौती, पानी की किल्लत, बढ़ते मेंटेनेंस चार्ज और लचर सुरक्षा व्यवस्था जैसी परेशानियों से जूझती रही।
जनता के हाथ में माइक: खुलकर रखी गई मांगें
प्रदर्शन के दौरान Estate Manager श्री बाबिश कुमार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें निवासियों की 8 प्रमुख मांगें दर्ज थीं:
1️⃣ VCAM (कॉमन एरिया बिजली) के दोहरे भुगतान को तत्काल प्रभाव से रोका जाए
2️⃣ बिजली आपूर्ति नियमित की जाए और DG कटौती की मनमानी बंद हो
3️⃣ पानी की सप्लाई में व्यवधान का स्थायी समाधान निकाला जाए
4️⃣ DG सप्लाई काटने के अनुचित तरीके को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए
5️⃣ मेंटेनेंस चार्ज में हुई वृद्धि को वापस लिया जाए
6️⃣ सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए – गेट एंट्री, सीसीटीवी और गार्ड गश्त में सुधार
7️⃣ लिफ्ट सेवाएं नियमित और सुरक्षित बनाई जाएं
8️⃣ रेरा रजिस्टर्ड कम्युनिटी सेंटर में सभी फ्लैट ओनर्स को निष्पक्ष एंट्री सुनिश्चित की जाए
शब्द नहीं, संघर्ष की भाषा बोली गई
प्रदर्शन के दौरान मीडिया की उपस्थिति ने माहौल को और ज़ोरदार बना दिया।
Eros Sampoornam के Sales Office के बाहर खड़े रहकर निवासियों ने खुलकर अपनी पीड़ा, समस्याएं और मांगें कैमरे के सामने रखीं।
न्यूज़18, आजतक, NDTV इंडिया, Zee News और अन्य चैनलों की कवरेज ने इस आंदोलन को व्यापक जन समर्थन भी दिलाया।
निवासियों की प्रतिक्रिया: “कितनी बार सहें?”
👵 वरिष्ठ नागरिकों ने कहा – “हम पेंशन पर चल रहे हैं, हर महीने 4-5 हज़ार का मेंटेनेंस और फिर बिजली-पानी की किल्लत? ये कैसी योजना है!”
👩👧 माताओं ने कहा – “बच्चे गर्मी में बिलबिलाते हैं, पानी नहीं, लिफ्ट बंद, और डीजल सप्लाई कब बंद हो जाए – भरोसा नहीं।”
👨💼 वर्क फ्रॉम होम करने वाले युवाओं ने कहा – “नेट बंद, बिजली गायब, और ऊपर से अतिरिक्त चार्ज – इस सिस्टम में रहना ही सज़ा हो गया है।”
एस्टेट मैनेजर का आश्वासन: “शुक्रवार तक हल निकलने की उम्मीद”
Estate Manager श्री बाबिश कुमार ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए यह कहा कि:
“मैं आप सबकी बातों को गंभीरता से SMSPL हेड ऑफिस तक पहुंचाऊंगा, और आगामी शुक्रवार तक सकारात्मक समाधान की उम्मीद है।”
हालांकि निवासियों ने साफ शब्दों में कह दिया कि यदि यह सिर्फ “एक और आश्वासन” साबित हुआ, तो अगली बार प्रदर्शन और भी बड़ा और उग्र होगा।
“अब होगा अनशन”: आंदोलन लेगा नया मोड़
प्रदर्शन की समाप्ति पर Eros Sampoornam Residents Welfare Group की ओर से एक सार्वजनिक घोषणा की गई:
“यदि हमारी मांगों पर शुक्रवार तक कोई ठोस और लिखित समाधान नहीं दिया गया, तो ‘आमरण अनशन’ की शुरुआत की जाएगी।”
इस घोषणा के साथ प्रदर्शनकारियों ने संकल्प लिया कि:
- इस संघर्ष को **राजनीतिक और कानूनी दोनों मंचों तक ले जाया जाएगा
- रेरा, जिलाधिकारी, प्राधिकरण और राज्य सरकार को भी इसमें शामिल किया जाएगा
- सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर #JusticeForSampoornam अभियान शुरू किया जाएगा
⚠️ रेरा रजिस्टर्ड होकर भी समस्याएं क्यों?
इस पूरे मामले का एक संवेदनशील पहलू यह भी है कि Eros Sampoornam एक रेरा रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट है, और फिर भी:
- मेंटेनेंस की पारदर्शिता नहीं
- फ्लैट ओनर्स के अधिकार सीमित
- फैसिलिटी में भेदभाव और प्रतिबंध
यह स्थिति रेरा नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करती है, जिस पर अधिकारी अगर कार्रवाई नहीं करते तो आंदोलन का रुख न्यायालय की ओर मोड़ सकता है।
🧾 निवासियों की योजना: सामूहिक रजिस्ट्रेशन और लीगल केस
Residents Welfare Group के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि अब वे:
- सभी निवासियों का सामूहिक रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं
- रेरा, उपभोक्ता फोरम और RTI जैसे कानूनी माध्यमों से दबाव बनाएंगे
- अगर जरूरत पड़ी तो पुलिस कंप्लेंट और PIL भी दायर की जाएगी
📌 निष्कर्ष: जब जनता जागती है, व्यवस्था हिलती है
Eros Sampoornam का यह विरोध प्रदर्शन एक बार फिर साबित करता है कि संवेदनशील नागरिक जब संगठित होते हैं, तो बड़े से बड़ा सिस्टम भी झुकने को मजबूर होता है।
यह सिर्फ एक सोसाइटी की लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के हज़ारों फ्लैट खरीदारों की चेतावनी है कि अब यदि समस्याओं की अनदेखी हुई, तो हर प्रोजेक्ट में ऐसे ही प्रदर्शन होंगे।
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