Greater Noida Authority News : इकोटेक-16 में विकास की सुपरफास्ट गूंज!, ग्रेटर नोएडा में 80, 60 और 24 मीटर चौड़ी सड़कों का मेगा प्लान, 43 करोड़ की लागत से उद्योगों को मिलेगी टर्बो रफ्तार, CEO NG रवि कुमार ने कहा कि 130 मीटर दादरी–जीटी रोड से होगा ‘डायरेक्ट हाई-स्पीड कनेक्शन’
ACEO सुमित यादव का बड़ा बयान — “इंडस्ट्रियल सेक्टरों में गति दुगुनी कर दी गई है”,

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा के तेज़ी से उभरते औद्योगिक गलियारे इकोटेक-16 में विकास का ऐसा माहौल बन चुका है, मानो पूरे क्षेत्र को ‘इंडस्ट्रियल सुपरहाइवे’ का अपग्रेड मिल गया हो। प्राधिकरण ने 43 करोड़ रुपये की भारी-भरकम परियोजना को हरी झंडी दी है, जिसके तहत 80 मीटर, 60 मीटर और 24 मीटर चौड़ी सड़कों का निर्माण पूरे सेक्टर की तस्वीर बदल देगा। यह सिर्फ सड़कें नहीं होंगी… बल्कि उद्योगों के लिए नई ऊर्जा, रोजगार के अवसरों और निवेश की सुनामी का रास्ता खोलने वाली प्रीमियम लाइफलाइन होंगी।
130 मीटर दादरी–जीटी रोड से होगा ‘डायरेक्ट हाई-स्पीड कनेक्शन’
इकोटेक-16 का कनेक्शन अब और अधिक पॉवरफुल होने जा रहा है। इस पूरे औद्योगिक सेक्टर को 130 मीटर चौड़ी दादरी–जीटी रोड से जोड़ा जा रहा है। इससे ट्रकों, कंटेनरों और कच्चे माल की आवाजाही में पहले से कहीं अधिक गति आएगी। व्यापारियों के मुताबिक, यह कनेक्शन वहां स्थापित होने वाली हर फैक्ट्री को मेट्रो-लेवल की कनेक्टिविटी देगा—समय बचेगा, लागत घटेगी और नई कंपनियों के निवेश का रास्ता खुलेगा।
25-25 एकड़ के दो विशाल भूखंड ‘ग्रीन एनर्जी’ को समर्पित
इकोटेक-16 का आकर्षण बढ़ाने में सबसे बड़ा योगदान सोलर एनर्जी सेक्टर का है। प्राधिकरण ने दो बड़े 25-25 एकड़ के भूखंडों का आवंटन अवाडा इलेक्ट्रो जैसी सोलर कंपनियों को दे दिया है।
इससे साफ संदेश जाता है कि ग्रेटर नोएडा अब सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर का नहीं, बल्कि ग्रीन इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन का केंद्र बनने जा रहा है। अन्य बड़ी कंपनियों के लिए भी भूखंड आवंटन प्रक्रिया चल रही है, जिससे आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र एक मिनी ‘इंडस्ट्रियल सिटी’ में बदल सकता है।
सुनपुरा, खेड़ी और धूममानिकपुर की जमीन पर आकार ले रहा इंडस्ट्रियल भविष्य
पूरे इकोटेक-16 सेक्टर का निर्माण सुनपुरा, खेड़ी और धूममानिकपुर गांव की भूमि पर किया जा रहा है। ढांचागत विकास में प्राधिकरण लगातार तेजी ला रहा है, ताकि उद्योगों को बिना देरी के सुविधा मिल सके। सेक्टर का लेआउट इस तरह तैयार किया गया है कि बड़ी फैक्ट्रियों से लेकर स्टार्टअप यूनिट्स तक, हर तरह के उद्यमियों को आरामदायक और आधुनिक माहौल मिल सके।
विकास कार्यों में लगी ‘टर्बो स्पीड’
वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही सड़क निर्माण का काम शुरू हो गया है। करीब 3 किलोमीटर लंबी नई सड़क मीताई गांव के पास से सीधा इकोटेक-16 को जोड़ेगी। यह लिंक सड़क पूरे औद्योगिक क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित होगी। इससे माल परिवहन की दक्षता बढ़ेगी और सड़क जाम जैसी परेशानियों से भी राहत मिलेगी।
सेक्टर की मुख्य सड़क होगी 24 मीटर चौड़ी
इकोटेक-16 के भीतर की मुख्य सड़क को 24 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है, ताकि बड़े-बड़े कंटेनरों, भारी वाहनों और औद्योगिक मशीनरी का आवागमन बिना किसी बाधा के हो सके। इसके साथ ही 130 मीटर रोड से जोड़ने वाले समर्पित मार्ग भी विकसित किए जा रहे हैं, जिससे औद्योगिक यातायात बिना किसी रुकावट के संचालित होगा।
ACEO सुमित यादव का बड़ा बयान — “इंडस्ट्रियल सेक्टरों में गति दुगुनी कर दी गई है”
प्राधिकरण के सहायक महाप्रबंधक (एसईओ) सुमित यादव ने स्पष्ट कहा कि नए औद्योगिक सेक्टरों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इकोटेक-16 में सड़क निर्माण को ‘फास्ट ट्रैक मोड’ पर शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि सर्कल ऑफिस के अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी हाल में निर्माण कार्य समय सीमा से अधिक न बढ़े।
उद्योगों के लिए बनेगा भविष्य का ‘सुपर हब’
विशेषज्ञों का मानना है कि 43 करोड़ की लागत से बनने वाली ये सड़कें और कनेक्टिविटी इकोटेक-16 को आने वाले कुछ वर्षों में एक हाई-इम्पैक्ट इंडस्ट्रियल हब बना देंगी।
यहां बड़े निवेश, रोजगार के नए अवसर और MSME सेक्टर की भागीदारी बढ़ने की पूरी संभावना है। ग्रेटर नोएडा का औद्योगिक ग्राफ अब एक नए युग में प्रवेश कर रहा है।
इकोटेक-16 — ग्रेटर नोएडा का नया इंडस्ट्रियल शोस्टॉपर
इकोटेक-16 अब सिर्फ एक औद्योगिक सेक्टर नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा की औद्योगिक क्रांति 2.0 का केंद्र बनने जा रहा है।
चौड़ी सड़कें, बेहतरीन कनेक्टिविटी, बड़े भूखंडों का आवंटन और तेज़ी से चल रहे विकास कार्य इस पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा, नए उद्योग और नई संभावनाओं की बाढ़ लेकर आएंगे।



