Breaking News : ग्रेटर नोएडा में रह रहे थे पाकिस्तान के स्लीपर सेल, मजदूर और वेटर बनकर रच रहे थे साजिश, 4 गिरफ़्तार, एटीएस ने की कार्रवाई, नेटवर्क का मकसद देश के भीतर अशांति फैलाना था

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। एटीएस द्वारा आतंकी गिरोह के चार सदस्यों को धरा गया है। इसमें मेरठ के दो आतंकियों समेत ग्रेटर नोएडा के छपरौला निवासी, पपला का बुलंदशहर निवासी दोस्त विकास उर्फ रौनक भी शामिल है।
वहीं, जांच में पता चला कि विकास भी यहीं पर किराए के मकान में रहता था, लेकिन वह किसके मकान में और कहां पर रहता था, फिलहाल अभी तक स्थानीय पुलिस भी पता नहीं लगा सकी है। मोहल्ले के लोग भी विकास को कभी देखने या पहचानने से मना कर रहे हैं।
एटीएस की कार्रवाई में पपला और विकास का पता छपरौला की रामविहार कॉलोनी की गली नंबर दो बताया गया है। आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस शुक्रवार देर रात तक विकास किराए के किस मकान में रहता था, पता लगाने का प्रयास करती रही।
पुलिस ने बताया कि लोकेश, उर्फ पपला, बादलपुर पुलिस थाना क्षेत्र के छपरौला का रहने वाला है और अपने माता-पिता तथा बड़े भाई के साथ रहता था। परिवार वालों के अनुसार, लोकेश अनपढ़ है। उसके माता-पिता शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं।
परिवार ने बताया कि 8 मार्च को लोकेश बिना किसी को बताए एक हफ़्ते के लिए घर से चला गया था। उसके रिश्तेदारों के अनुसार, उसका कोई भी दोस्त कभी उसके घर नहीं आया था। हालांकि, लोकेश और विकास अपना ज़्यादातर समय एक साथ बिताते थे। वे दिहाड़ी मजदूर और वेटर के तौर पर काम करते थे और नशे के आदी थे।
उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था, अमिताभ यश ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर्स के निर्देश पर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों, वाहनों एवं रेलवे सिग्नल बॉक्स में आगजनी जैसी राष्ट्रविरोधी साजिश रचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए UP ATS द्वारा 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार हैंडलरों के कब्जे से 7 स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं। सभी अभियुक्तों को गहन पूछताछ के लिए यूपी एटीएस द्वारा 5 अप्रैल से 5 दिन का पुलिस कस्टडी रिमाण्ड प्राप्त किया गया है।
एटीएस की जांच से पता चला है कि लोकेश और विकास दोनों ही एक पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर काम कर रहे थे। जांच एजेंसी को शक है कि इस नेटवर्क का मकसद देश के भीतर अशांति फैलाना था, विशेष रूप से विधानसभा चुनावों से पहले माहौल को अस्थिर करने की साज़िश रची जा रही थी।



