Mathura YEIDA News : “अब वृंदावन में नहीं लगेगा जाम!, यमुना किनारे बनेगा मेगा पिलग्रिम गेटवे सेंटर, पार्किंग से लेकर दर्शन तक सब होगा आसान”, “यमुना किनारे 17.5 हेक्टेयर में बनेगी विशाल पार्किंग, जाम से मिलेगी राहत”, “4.1 किमी नई सड़क और सस्पेंशन ब्रिज से जुड़ेगा पूरा नेटवर्क”

मथुरा/वृंदावन, रफ़्तार टूडे। धार्मिक नगरी Vrindavan में लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात दबाव को कम करने के लिए अब एक बड़ा और दूरगामी कदम उठाया जा रहा है। Yamuna Expressway Industrial Development Authority (यीडा) ने यहां “पिलग्रिम गेटवे सेंटर” विकसित करने की योजना को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल ट्रैफिक जाम से राहत दिलाएगी, बल्कि श्रद्धालुओं को एक सुव्यवस्थित और सुविधाजनक धार्मिक यात्रा का अनुभव भी प्रदान करेगी।
“यमुना किनारे 17.5 हेक्टेयर में बनेगी विशाल पार्किंग, जाम से मिलेगी राहत”
इस परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण यमुना नदी के किनारे विकसित होने वाली 17.5 हेक्टेयर में फैली विशाल पार्किंग है। अभी तक स्थिति यह है कि Banke Bihari Temple जाने वाले अधिकांश श्रद्धालु अपने वाहनों के साथ सीधे मंदिर क्षेत्र तक पहुंचते हैं, जिससे पूरे शहर में भारी जाम की स्थिति बन जाती है।
नई योजना के तहत श्रद्धालु अपनी गाड़ियां इस आधुनिक पार्किंग में खड़ी करेंगे और वहां से ई-रिक्शा या पैदल मंदिर तक पहुंचेंगे। इससे न केवल ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि शहर की संकरी गलियों में होने वाली अव्यवस्था पर भी नियंत्रण मिलेगा।
“4.1 किमी नई सड़क और सस्पेंशन ब्रिज से जुड़ेगा पूरा नेटवर्क”
पिलग्रिम गेटवे सेंटर को सुचारु रूप से जोड़ने के लिए लगभग 4.1 किलोमीटर लंबी नई सड़क का निर्माण भी किया जाएगा। यह सड़क National Highways Authority of India द्वारा बनाए जा रहे मार्ग और यमुना नदी पर प्रस्तावित सस्पेंशन ब्रिज से जुड़ेगी।
इसके साथ ही, एनएच-44 को Yamuna Expressway के 101 किलोमीटर माइलस्टोन से जोड़ने के लिए 15.3 किमी लंबी सड़क भी बनाई जा रही है, जिससे इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी।
“90% श्रद्धालु एक दिन में लौटते हैं—नई योजना से मिलेगा व्यवस्थित अनुभव”
अधिकारियों के अनुसार, Vrindavan आने वाले करीब 90 प्रतिशत श्रद्धालु केवल एक दिन के लिए ही आते हैं। वे सीधे मंदिर पहुंचते हैं, दर्शन करते हैं और वापस लौट जाते हैं।
इसी वजह से शहर में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों और लंबी अवधि के प्रवासियों को काफी परेशानी होती है।
पिलग्रिम गेटवे सेंटर बनने के बाद यह पूरा प्रवाह नियंत्रित और व्यवस्थित हो जाएगा—श्रद्धालु सीधे पार्किंग पहुंचेंगे, वहीं से दर्शन के लिए जाएंगे और वापस लौट जाएंगे।
“पार्किंग में ही मिलेगा भोजन और बुनियादी सुविधाएं”
इस परियोजना को केवल पार्किंग तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे एक पूर्ण सुविधायुक्त ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां श्रद्धालुओं के लिए भोजन, विश्राम, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उनकी यात्रा अधिक आरामदायक और व्यवस्थित हो सके।
“किसानों की सहमति से खरीदी जाएगी जमीन”
यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के अनुसार, इस परियोजना के लिए जमीन का अधिग्रहण किसानों की सहमति से किया जाएगा। प्राधिकरण जल्द ही भूमि खरीद की प्रक्रिया शुरू करेगा, जिससे स्थानीय किसानों को भी इस विकास में भागीदारी और आर्थिक लाभ मिल सके।
“हेरिटेज सिटी प्रोजेक्ट भी जल्द पकड़ेगा रफ्तार”
पिलग्रिम गेटवे सेंटर के साथ-साथ यीडा मथुरा क्षेत्र में एक और बड़े प्रोजेक्ट “हेरिटेज सिटी” को भी विकसित करने जा रहा है। करीब 750 एकड़ क्षेत्र में बनने वाली इस हेरिटेज सिटी की डीपीआर पहले ही स्वीकृत हो चुकी है। हाल ही में यीडा चेयरमैन आलोक कुमार ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण भी किया था।
इस प्रोजेक्ट को लेकर 6 अप्रैल को लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें निविदा प्रक्रिया पर चर्चा होगी।
“PPP मॉडल पर होगा विकास—निजी निवेश से बदलेगी तस्वीर”
दोनों परियोजनाओं—पिलग्रिम गेटवे सेंटर और हेरिटेज सिटी—को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इससे न केवल सरकार पर वित्तीय बोझ कम होगा, बल्कि आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के जरिए इन परियोजनाओं को विश्वस्तरीय बनाया जा सकेगा।
“वृंदावन की धार्मिक यात्रा होगी अब और भी सहज”
Vrindavan में प्रस्तावित यह पिलग्रिम गेटवे सेंटर न केवल ट्रैफिक की समस्या का समाधान करेगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को एक नया आयाम भी देगा।
आने वाले समय में यह परियोजना श्रद्धालुओं के लिए एक स्मार्ट, व्यवस्थित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव सुनिश्चित करेगी, साथ ही स्थानीय निवासियों को भी राहत प्रदान करेगी।



