Greater Noida Authority News : हादसों पर लगेगा ब्रेक!, सड़क दुर्घटनाओं के संभावित इलाकों में ग्रेनो प्राधिकरण का बड़ा सुरक्षा अभियान एसीईओ सुमित यादव ने 130 मीटर रोड, सेक्टर-2 व 3 का लिया जमीनी जायजा, सभी वर्क सर्किल मैदान में, तीन दिन की डेडलाइन
एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने बताया कि सभी वर्क सर्किलों को शपथ पत्र (एफिडेविट) देना होगा, जिसमें यह प्रमाणित करना होगा कि उनके क्षेत्र में मौजूद सभी दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा के समुचित इंतज़ाम कर दिए गए हैं

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। हाल ही में नोएडा में सड़क किनारे बने एक बेसमेंट में कार गिरने और पानी में डूबकर एक इंजीनियर की दर्दनाक मौत की घटना ने पूरे प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) श्री एन.जी. रवि कुमार ने सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा और सख़्त अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
सीईओ ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि सड़कों पर या उनके आसपास मौजूद किसी भी प्रकार के गड्ढे, खतरनाक मोड़, शार्प यूटर्न और ब्लैक स्पॉट को तत्काल चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक को अपनी जान न गंवानी पड़े।
सभी वर्क सर्किल मैदान में, तीन दिन की डेडलाइन
सीईओ के निर्देशों पर तुरंत अमल करते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने रविवार देर शाम महाप्रबंधक (परियोजना) एके सिंह और सभी वर्क सर्किल प्रभारियों के साथ एक अहम ऑनलाइन बैठक की।
इस बैठक में सभी सहायक प्रबंधकों, प्रबंधकों और वरिष्ठ प्रबंधकों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में फील्ड भ्रमण कर दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान करें गड्ढों, खुले नालों, शार्प यूटर्न, ब्लैक स्पॉट और अंधेरे हिस्सों को सूचीबद्ध करें
तीन दिन के भीतर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित कर रिपोर्ट सौंपें
प्राधिकरण ने इस अभियान की शुरुआत सोमवार से ही कर दी है।
फील्ड में उतरे अधिकारी, मौके पर हो रहे सुरक्षा इंतज़ाम
इस विशेष सड़क सुरक्षा अभियान की निगरानी एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस और एसीईओ सुमित यादव स्वयं कर रहे हैं।
परियोजना विभाग की टीम, महाप्रबंधक एके सिंह के नेतृत्व में, सभी वर्क सर्किलों के वरिष्ठ प्रबंधकों और इंजीनियरों के साथ फील्ड में उतर चुकी है।
टीमें मौके पर जाकर निम्न सुरक्षा उपाय कर रही हैं—
सड़कों पर रोड मार्किंग और दिशा संकेतक
कैट्स आई (Cat Eyes) और रिफ्लेक्टर की स्थापना
सेंट्रल वर्ज की दीवारों पर पेंट और रिफ्लेक्टिव स्ट्रिप
जिन नालों पर दीवार नहीं है, वहां बैरिकेटिंग
मुख्य मार्गों से जुड़ने वाले संपर्क मार्गों पर स्पीड ब्रेकर
शार्प मोड़ों और ब्लाइंड स्पॉट पर चेतावनी संकेत
एसीईओ सुमित यादव का 130 मीटर रोड पर निरीक्षण
एसीईओ सुमित यादव ने स्वयं 130 मीटर चौड़ी सड़क, सेक्टर-2 और सेक्टर-3 क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी ब्लैक स्पॉट को तत्काल दुरुस्त किया जाए
किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
सुरक्षा मानकों में चूक पाए जाने पर संबंधित वर्क सर्किल के खिलाफ कार्रवाई होगी
उनका कहना था कि सड़क केवल आवाजाही का माध्यम नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा से सीधा जुड़ा विषय है।
अंधेरे से भी खतरा, बिजली विभाग को सख़्त निर्देश
प्राधिकरण ने विद्युत अभियांत्रिकी विभाग को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि— किसी भी मार्ग पर अंधेरा नहीं रहना चाहिए
सभी स्ट्रीट लाइटों की जांच और मरम्मत तत्काल पूरी की जाए
जहां जरूरत हो, वहां अतिरिक्त लाइटें लगाई जाएं
रात के समय खराब रोशनी को भी सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण मानते हुए इसे प्राथमिकता पर लिया गया है।
बिल्डरों पर भी सख़्ती, निर्माण स्थलों को करना होगा सुरक्षित
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि निर्माणाधीन साइटों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब नहीं चलेगी।
सभी बिल्डरों को निर्देश दिए गए हैं कि—
खुले बेसमेंट, गहरे गड्ढों और निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग अनिवार्य करें
चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा गार्ड तैनात करें
नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी
वर्क सर्किल को देना होगा शपथ पत्र
एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने बताया कि सभी वर्क सर्किलों को शपथ पत्र (एफिडेविट) देना होगा, जिसमें यह प्रमाणित करना होगा कि—
उनके क्षेत्र में मौजूद सभी दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा के समुचित इंतज़ाम कर दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनहित और जीवन सुरक्षा से जुड़ा मिशन है।
वाहन चालकों से भी अपील
प्राधिकरण की ओर से वाहन चालकों से भी यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
अधिकारी मानते हैं कि सड़क सुरक्षा प्रशासन और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का यह विशेष अभियान एक साफ़ संदेश देता है— अब सड़क पर लापरवाही नहीं, केवल सुरक्षा और जवाबदेही चलेगी।



