Noida Authority Anti-Encroachment Drive News : पीला पंजा पड़ा भारी!, नोएडा में भू-माफियाओं की नींद उड़ी, 500 करोड़ से ज्यादा की जमीन आज़ाद—सीईओ डॉ लोकेश एम के सख्त आदेश पर 3 गांवों में गरजा बुलडोज़र, 83,000 वर्ग मीटर सरकारी जमीन से हटा अवैध कब्जा, 70 कर्मचारी, भारी पुलिस बल और साफ संदेश

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा में अवैध कब्जों और भू-माफियाओं के खिलाफ प्राधिकरण ने ऐसा प्रहार किया है, जिसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दे रही है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) डॉ. लोकेश एम के स्पष्ट और सख्त निर्देशों पर गुरुवार को भंगेल बेगमपुर, सुथियाना और सौरखा जाहिदाबाद गांवों में एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव चलाई गई। इस अभियान में करीब 83,000 वर्ग मीटर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, जिसकी बाजार कीमत ₹500 करोड़ से अधिक आंकी जा रही है।
यह कार्रवाई केवल जमीन खाली कराने तक सीमित नहीं रही, बल्कि नोएडा में वर्षों से जड़ें जमाए बैठे अवैध कब्जाधारियों और भू-माफियाओं के लिए एक सख्त चेतावनी बनकर सामने आई है—अब अवैध निर्माण का खेल नहीं चलेगा।
सुबह-सुबह गरजा बुलडोज़र, माफियाओं में मचा हड़कंप
गुरुवार सुबह जैसे ही नोएडा प्राधिकरण के भूलेख विभाग और वर्क सर्किल-8 की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची, इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पांच जेसीबी मशीनें, दर्जनों डंपर और भारी पुलिस बल देखकर अवैध कब्जाधारियों के हौसले पस्त हो गए। कुछ लोगों ने विरोध करने की कोशिश जरूर की, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे वे टिक नहीं सके और देखते-देखते मौके से गायब हो गए।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यह जमीन लंबे समय से डूब क्षेत्र और अधिसूचित क्षेत्र में होने के बावजूद अवैध रूप से घिरी हुई थी। यहां प्लॉटिंग कर बेचने, अस्थायी निर्माण खड़े करने और भविष्य में बड़े निर्माण की तैयारी की जा रही थी।
तीन गांव, एक्शन एक—कहां कितनी जमीन हुई कब्जामुक्त
इस व्यापक अभियान में तीन गांवों में बड़ी कार्रवाई की गई—
ग्राम सुथियाना (सेक्टर-143):
हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में स्थित 75,000 वर्ग मीटर अर्जित सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाया गया। यह इलाका पर्यावरण और जल संरक्षण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
ग्राम सौरखा जाहिदाबाद:
यहां डूब क्षेत्र में करीब 6,000 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध निर्माण किया गया था, जिसे बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया।
भंगेल बेगमपुर गांव:
खसरा संख्या-58 की 2,000 वर्ग मीटर अधिसूचित भूमि से अवैध कब्जा हटाया गया।
इस तरह कुल मिलाकर 83,000 वर्ग मीटर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।
70 कर्मचारी, भारी पुलिस बल और साफ संदेश
इस अभियान में करीब 70 अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस फोर्स और तकनीकी स्टाफ तैनात रहा। पूरे ऑपरेशन को इस तरह प्लान किया गया था कि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।
वर्क सर्किल-8 के अधिकारियों का कहना है कि मुक्त कराई गई जमीन की अंतिम कीमत का आकलन जारी है, लेकिन शुरुआती अनुमान में यह 500 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में इतनी बड़ी जमीन का अवैध कब्जे में होना प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय था।

सीईओ डॉ. लोकेश एम का दो-टूक संदेश
सीईओ डॉ. लोकेश एम ने साफ शब्दों में कहा है कि नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र और डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों की पहचान कर लगातार अभियान चलाया जाए और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
उनका यह रुख साफ संकेत देता है कि आने वाले दिनों में भी नोएडा में ‘पीला पंजा’ लगातार चलता रहेगा।
जनहित और पर्यावरण संरक्षण की बड़ी जीत
इस कार्रवाई को केवल प्रशासनिक सख्ती के तौर पर नहीं, बल्कि जनहित और पर्यावरण संरक्षण की जीत के रूप में देखा जा रहा है। डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण न केवल सरकारी जमीन पर कब्जा होता है, बल्कि बाढ़ और जलभराव जैसी समस्याओं को भी जन्म देता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ऐसे अभियान लगातार चलते रहे, तो नोएडा में अवैध कॉलोनियों और अनियोजित विकास पर प्रभावी लगाम लग सकेगी।
अभी और चलेगा बुलडोज़र!
प्राधिकरण के संकेत साफ हैं—यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में अन्य गांवों और सेक्टरों में भी अवैध कब्जों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा में अब संदेश साफ है:
सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं, नियमों से विकास होगा—और जो नहीं मानेगा, उस पर पीला पंजा जरूर चलेगा।



