Breaking News : बारिश बना मासूम की मौत का कारण!, खुले गड्ढे में डूबने से 6 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल, तीन दिन से खुला था गड्ढा, नहीं थी बैरिकेडिंग, RWA ने लगाया लापरवाही का आरोप, सुरक्षा ऑडिट की उठी मां दर्ज, जांच शुरू
हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने नॉलेज पार्क थाने में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसायटी के पास शनिवार शाम एक हृदयविदारक हादसे में छह वर्षीय मासूम की जान चली गई। लगातार बारिश के कारण पानी से भरे एक खुले गड्ढे में गिरने से बच्चे की डूबकर मौत हो गई। यह गड्ढा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से बोरिंग कार्य के लिए खोदा गया था। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार, पहली कक्षा में पढ़ने वाला छह वर्षीय बच्चा अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह कलाधाम सोसायटी के पास स्थित लगभग 15 फीट गहरे गड्ढे के निकट पहुंच गया। बारिश के कारण गड्ढा पूरी तरह पानी से भर चुका था। बताया जा रहा है कि पानी में तैर रही एक लकड़ी उठाने के प्रयास में बच्चे का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को गड्ढे से बाहर निकाला और तत्काल यथार्थ अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक के पिता केंद्रीय विद्यालय में उप-प्रधानाचार्य हैं। इस दर्दनाक घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
तीन दिन से खुला था गड्ढा, नहीं थी बैरिकेडिंग
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बोरिंग कार्य के लिए खोदा गया गड्ढा पिछले तीन दिनों से खुला पड़ा था। उसके आसपास न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। लोगों का कहना है कि मौके की स्ट्रीट लाइटें भी खराब थीं, जिससे शाम और रात के समय खतरा और अधिक बढ़ गया था। रेस्क्यू में शामिल लोगों ने बताया कि उन्हें तैरना भी नहीं आता था, लेकिन उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चे को बचाने का प्रयास किया। यदि गड्ढे के चारों ओर सुरक्षा इंतजाम किए गए होते, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
आरडब्ल्यूए ने लगाया लापरवाही का आरोप
स्थानीय आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि बोरिंग कार्य शुरू करने से पहले सोसायटी को कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई थी। साथ ही निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि खुले गड्ढे को सुरक्षित तरीके से ढका या घेरा जाना चाहिए था, जिससे बच्चों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
एफआईआर दर्ज, जांच शुरू
हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने नॉलेज पार्क थाने में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इससे पहले भी खुले गड्ढों के कारण कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए गए दावे केवल कागजों तक ही सीमित रहे।
सुरक्षा ऑडिट की उठी मांग
घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से शहर में चल रहे सभी निर्माण कार्यों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराने, खुले गड्ढों की अनिवार्य बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने तथा निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में भी ऐसे दर्दनाक हादसे दोहराए जा सकते हैं।



