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Greater Noida Authority News : “ग्रेटर नोएडा में कूड़े पर अब चलेगा ‘सख़्त कानून का डंडा’!, बुल्क वेस्ट जनरेटरों को स्वास्थ्य विभाग की दो-टूक—अब नहीं चलेगी लापरवाही, सॉलिड वेस्ट रूल 2016–2024 पर खास वर्कशॉप में दी चेतावनी”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ, हरा-भरा और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब पूरी गंभीरता के साथ मैदान में उतर चुका है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2016 व अपडेटेड रूल 2024 के उल्लंघन पर अब बुल्क वेस्ट जनरेटरों (BWGs) यानी बड़े पैमाने पर कूड़ा उत्पन्न करने वाले उद्योगों, संस्थानों और प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है।

एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस के निर्देश पर प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग ने फीडबैक फाउंडेशन के साथ मिलकर बोर्ड रूम में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की, जिसमें बीडब्ल्यूजी प्रतिनिधियों को साफ-साफ चेतावनी दी गई कि “जो कचरा मैनेजमेंट में सुधार नहीं करेगा, उस पर कार्रवाई निश्चित है।”

क्यों हो रहा है सख्त रवैया?, कूड़ा निस्तारण में बढ़ती लापरवाही!

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि कई बड़े संस्थान, उद्योग और कॉरपोरेट परिसर अब भी कचरे को सेग्रिगेट (अलग-अलग) नहीं करते, न ही स्वयं उसका प्रबंधन कर रहे हैं, जबकि नियम के अनुसार— बुल्क वेस्ट जनरेटर को अपना कूड़ा खुद ही प्रबंधित करना अनिवार्य है।

यानी: गीला कचरा – परिसर में निस्तारण

सूखा कचरा – छांटकर अधिकृत एजेंसी को सौंपना

मेडिकल/हैजर्डस कचरा – नियमों के अनुसार निपटाना

यूज़र चार्ज – समय से भुगतान

लेकिन कुछ बीडब्ल्यूजी ये जिम्मेदारी निभाने में कोताही बरत रहे थे।

कार्यशाला में क्या सिखाया गया?

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2016 और 2024 पर विस्तृत प्रस्तुति
फीडबैक फाउंडेशन की टीम ने उद्योगों को नए अपडेट्स और पुराने नियमों का अंतर समझाया। प्रस्तुति में खास तौर पर शामिल रहा—

कचरे का स्रोत पर ही सेग्रिगेशन

कचरे को सुरक्षित स्थान पर स्टोर करने के नियम

गीले कचरे का ऑन-साइट निस्तारण

अधिकृत एजेंसियों को कचरा सौंपने की अनिवार्यता

मासिक कचरा प्रबंधन रिपोर्ट प्राधिकरण को भेजना

यूज़र चार्ज न चुकाने पर दंड

नियम तोड़ने पर पेनल्टी + कानूनी कार्रवाई

प्राधिकरण ने चेतावनी दी कि कूड़ा प्रबंधन में लापरवाही अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वच्छ ग्रेनो” का संकल्प — प्रतिभागियों ने ली सामूहिक शपथ

कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों ने ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ और टिकाऊ बनाने के लिए— जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन

कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन

हर स्तर पर सेग्रिगेशन

का सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम में कौन-कौन मौजूद रहा?

सहायक प्रबंधक गौरव बघेल, स्वास्थ्य विभाग फीडबैक फाउंडेशन के प्रतिनिधि, इंडस्ट्री बिजनेस एसोसिएट के अध्यक्ष अमित उपाध्याय, कोषाध्यक्ष राकेश अग्रवाल, विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधिगण, सभी ने प्राधिकरण के प्रयासों की सराहना करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

ग्रेनो प्राधिकरण का लक्ष्य — “जीरो वेस्ट, क्लीन सिटी”

ग्रेटर नोएडा को उत्तर भारत का सबसे स्वच्छ औद्योगिक शहर बनाने के प्राधिकरण का लक्ष्य अब तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
नियम तोड़ने वालों पर सख्ती और जिम्मेदार उद्योगों को प्रोत्साहन—दोनों के ज़रिए शहर को एक स्वच्छ, जागरूक और आधुनिक वेस्ट-मैनेजमेंट मॉडल बनाया जा रहा है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
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