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Sharda Care Hospital News : शारदा केयर हेल्थसिटी में एडवांस ब्रैकीथेरेपी यूनिट की शुरुआत, कैंसर के इलाज में नई दिशा, नई आशा, नई तकनीक, नया भरोसा, ब्रैकीथेरेपी क्या है और क्यों है खास?, तकनीक और संवेदना का संगम — यही है शारदा केयर का मिशन”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। कैंसर के एडवांस इलाज में एक और बड़ा कदम उठाते हुए, शारदा केयर हेल्थसिटी, जो उत्तर भारत के प्रमुख मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों में से एक है, ने आज अपने अत्याधुनिक हाई डोज रेट (HDR) ब्रैकीथेरेपी यूनिट की आधिकारिक शुरुआत की। इस नई तकनीक का उद्देश्य मरीजों को अधिक सटीक, सुरक्षित और बेहतर कैंसर उपचार प्रदान करना है। इस यूनिट का नेतृत्व डॉ. अनिल ठकवानी, सीनियर कंसल्टेंट और हेड ऑफ डिपार्टमेंट – ऑन्कोलॉजी, शारदा केयर हेल्थसिटी द्वारा किया जा रहा है।

ब्रैकीथेरेपी कैंसर का एक ऐसा इलाज है जिसमें रेडिएशन को सीधे ट्यूमर के अंदर या उसके पास पहुंचाया जाता है। इसमें बहुत छोटे रेडियोएक्टिव सीड्स या कैप्सूल रखे जाते हैं जो केवल ट्यूमर पर असर करते हैं, जिससे आसपास के स्वस्थ अंगों को नुकसान नहीं होता। HDR ब्रैकीथेरेपी, जिसे Varian (पहले Nucleotron) ने विकसित किया है, एक एडवांस तकनीक है जो Iridium-192 नामक लाइव सोर्स का उपयोग करती है। यह रेडिएशन को सीमित और सटीक तरीके से ट्यूमर तक पहुंचाती है। इस पद्धति से ट्यूमर का पूरा इलाज संभव होता है लेकिन आसपास के अंगों – जैसे ब्लैडर और रेक्टम – पर बहुत कम असर होता है। यह पारंपरिक एक्सटर्नल बीम रेडिएशन (EBRT) या लीनियर एक्सेलेरेटर (LINAC) की तुलना में अधिक सुरक्षित और प्रभावी है।

ब्रैकीथेरेपी क्या है और क्यों है खास?

ब्रैकीथेरेपी एक ऐसी अत्याधुनिक रेडिएशन तकनीक है जिसमें रेडिएशन को सीधे ट्यूमर के अंदर या उसके बेहद पास पहुंचाया जाता है।
इसके तहत रेडियोएक्टिव सीड्स या कैप्सूल ट्यूमर के स्थान पर रखे जाते हैं, जिससे रेडिएशन केवल कैंसरग्रस्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है और आसपास के स्वस्थ अंगों को नुकसान नहीं होता।

HDR ब्रैकीथेरेपी, जिसे Varian (पहले Nucleotron) ने विकसित किया है, Iridium-192 सोर्स का उपयोग करती है जो ट्यूमर पर बेहद सीमित और नियंत्रित रेडिएशन डालती है। इससे कैंसर कोशिकाएं पूरी तरह नष्ट होती हैं, जबकि ब्लैडर, रेक्टम और अन्य स्वस्थ अंगों पर कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं पड़ता।

यह तकनीक पारंपरिक एक्सटर्नल बीम रेडिएशन (EBRT) या लीनियर एक्सेलेरेटर (LINAC) की तुलना में अधिक सटीक और मरीज के अनुकूल मानी जा रही है।

डॉ. अनिल ठकवानी, सीनियर कंसल्टेंट और हेड ऑफ डिपार्टमेंट –ऑन्कोलॉजी, शारदा केयर हेल्थसिटी ने कहा:
“ब्रैकीथेरेपी की सटीकता कैंसर के इलाज में बड़ा बदलाव लाने वाली है, खासकर गायनेकोलॉजिकल कैंसर जैसे सर्वाइकल कैंसर में, जहां पारंपरिक रेडिएशन थेरपी के दौरान ब्लैडर और रेक्टम जैसे नजदीकी अंगों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। HDR ब्रैकीथेरेपी में रेडिएशन केवल ट्यूमर तक सीमित रहता है, जिससे बाकी अंग सुरक्षित रहते हैं। इससे हम ट्यूमर का पूरा इलाज करने में सक्षम होते हैं और जटिलताएं काफी हद तक कम होती हैं। Iridium-192 सोर्स की मदद से हम ट्यूमर पर पूरी तरह फोकस कर पाते हैं, जिससे ब्लैडर और रेक्टम जैसे जरूरी अंगों को बचाया जा सकता है। इससे मरीजों को उन गंभीर दिक्कतों से राहत मिलती है जो पारंपरिक रेडिएशन में होती हैं, जैसे ब्लैडर इंफेक्शन, रेक्टल अल्सर, या फिस्टुला। कुल मिलाकर, यह तकनीक इलाज को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और मरीजों की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाती है।”

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शारदा केयर हेल्थसिटी में एडवांस ब्रैकीथेरेपी यूनिट की शुरुआत, कैंसर के इलाज में नई दिशा, नई आशा, नई तकनीक, नया भरोसा, ब्रैकीथेरेपी क्या है और क्यों है खास?

उन्होंने आगे कहा, “शारदा केयर हेल्थसिटी में सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों के साथ-साथ, एंडोमीट्रियल, प्रोस्टेट और हेड एंड नेक कैंसर जैसे अन्य कैंसर भी ब्रैकीथेरेपी से सफलतापूर्वक इलाज किए जा रहे हैं। अब तक अस्पताल में 50 से अधिक प्रक्रियाएं इस तकनीक के माध्यम से की जा चुकी हैं। जागरूकता बढ़ने से अब मरीज शुरुआती या उपचार योग्य स्टेज पर पहुंच रहे हैं, जबकि अफ्रीकी देशों से आने वाले कई मरीज अभी भी देर से, एडवांस स्टेज में आते हैं। पिछले एक साल से अस्पताल में HDR ब्रैकीथेरेपी का सफलतापूर्वक उपयोग हो रहा है और कई जटिल मामलों में अच्छे परिणाम मिले हैं।”

हम सिर्फ मशीनें नहीं, उम्मीदें भी ला रहे हैं” – एमडी ऋषभ गुप्ता

इस अवसर पर श्री ऋषभ गुप्ता, मैनेजिंग डायरेक्टर, शारदा केयर हेल्थसिटी ने कहा —

“HDR ब्रैकीथेरेपी यूनिट में निवेश हमारे उस विजन का हिस्सा है, जिसके तहत हम चिकित्सा जगत में इनnovation और करुणा को साथ लेकर चल रहे हैं। यह सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि एक नई आशा है। हमारा लक्ष्य है कि हर मरीज को ऐसा इलाज मिले जो न केवल वैज्ञानिक रूप से उन्नत हो, बल्कि मानवीय दृष्टि से भी संवेदनशील हो।”

उन्होंने बताया कि शारदा केयर हेल्थसिटी में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ अनुभवी डॉक्टरों की टीम, मल्टीडिसिप्लिनरी ट्रीटमेंट एप्रोच, और पेशेंट सेंट्रिक केयर सिस्टम अपनाया गया है।

“हम चाहते हैं कि कैंसर मरीजों को यहां वह भरोसा मिले जो उन्हें ठीक होने की प्रेरणा दे। HDR ब्रैकीथेरेपी इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।”

इस अवसर पर श्री ऋषभ गुप्ता, मैनेजिंग डायरेक्टर, शारदा केयर हेल्थसिटी ने कहा: “HDR ब्रैकीथेरेपी यूनिट में हमारा निवेश यह दर्शाता है कि हम मेडिकल इनोवेशन के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी बने रहना चाहते हैं। शारदा केयर हेल्थसिटी में हम केवल नई मशीनें ही नहीं ला रहे हैं, बल्कि हम कैंसर के इलाज को एक नई दिशा दे रहे हैं, जहां सटीकता, करुणा और उन्नत तकनीक मिलकर मरीजों के लिए सर्वोत्तम परिणाम देते हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर मरीज को ऐसा इलाज मिले जो सुरक्षित, सटीक और परिणामों पर केंद्रित हो।”

शारदा केयर हेल्थसिटी – उत्तर भारत में कैंसर केयर का नया केंद्र

ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा केयर हेल्थसिटी पहले से ही कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और ट्रॉमा केयर में अग्रणी संस्थान है। अब HDR ब्रैकीथेरेपी यूनिट के शुभारंभ से यह अस्पताल कैंसर ट्रीटमेंट टेक्नोलॉजी में अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित हो गया है।

यहां कैंसर के इलाज के लिए निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध हैं —

3D ट्रीटमेंट प्लानिंग सिस्टम

कस्टमाइज्ड रेडिएशन डिलीवरी

रियल-टाइम मॉनिटरिंग और इमेज गाइडेंस

स्पेशलाइज्ड कैंसर केयर टीम और पोस्ट-ट्रीटमेंट काउंसलिंग

अस्पताल की यह नई तकनीक न केवल भारत बल्कि अफ्रीकी और एशियाई देशों से आने वाले मरीजों को भी उन्नत उपचार प्रदान करेगी।

तकनीक और संवेदना का संगम — यही है शारदा केयर का मिशन”

HDR ब्रैकीथेरेपी यूनिट की शुरुआत से शारदा केयर हेल्थसिटी ने न सिर्फ कैंसर ट्रीटमेंट में एक नई तकनीक को अपनाया है, बल्कि मरीज-केंद्रित हेल्थकेयर मॉडल की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
यह पहल इस बात का प्रतीक है कि जब तकनीक और करुणा एक साथ आती हैं, तो चिकित्सा सेवा केवल इलाज नहीं, बल्कि जीवन को नया अर्थ देने का माध्यम बन जाती है।

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