Noida Bhumafia News : भूमाफ़ियाओं पर नोएडा प्राधिकरण का महाप्रहार!, अवैध निर्माण करने वालों की अब खैर नहीं, बुलडोज़र–सीलिंग–एफआईआर से मचा हड़कंप, 174 अतिक्रमणकर्ता रडार पर, 527 नोटिस जारी, जनता के लिए सीधा संदेश “अवैध कॉलोनियों से रहें दूर”
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉक्टर लोकेश एम नोएडा ने नागरिकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि— नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में कोई भी निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है। भूमाफ़ियाओं के झांसे में आकर प्लॉट या फ्लैट खरीदना सीधा नुकसान साबित हो सकता है।

नोएडा, रफ़्तार टुडे। नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। नोएडा प्राधिकरण ने भूमाफ़ियाओं और अनधिकृत निर्माण करने वालों पर शिकंजा कसते हुए एक संयुक्त और सख्त अभियान तेज कर दिया है। प्राधिकरण ने साफ शब्दों में कह दिया है कि अधिसूचित क्षेत्र, डूब क्षेत्र और अर्जित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह वर्जित है, और जो भी नियमों की अनदेखी करेगा, उस पर ध्वस्तीकरण, सीलिंग, एफआईआर और विभागीय कार्रवाई तय है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ), नोएडा प्राधिकरण ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों को अवैध निर्माणों के खिलाफ अविरल और प्रभावी अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए हैं। यही कारण है कि बीते दो वर्षों में नोएडा प्राधिकरण ने रिकॉर्ड स्तर पर कार्रवाई कर अवैध कब्जों से हजारों वर्गमीटर जमीन मुक्त कराई है।
आंकड़ों में कार्रवाई की सच्चाई: हजारों वर्गमीटर जमीन मुक्त
नोएडा प्राधिकरण द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार—
वर्ष 2024-25 में
2,15,912 वर्ग मीटर भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई
वर्ष 2025-26 में
अब तक 23,93,158 वर्ग मीटर भूमि कब्जा मुक्त कराई जा चुकी है
इन सभी जमीनों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 2745 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह आंकड़ा खुद इस बात की गवाही देता है कि अवैध कॉलोनियों और कब्जों का खेल कितने बड़े स्तर पर चल रहा था, और प्राधिकरण ने उस पर कितनी सख्ती से लगाम कसी है।
एफआईआर से लेकर नौकरी से बाहर तक, दोषियों पर गिरी गाज
नोएडा प्राधिकरण ने सिर्फ अतिक्रमण हटाने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर कानूनी कार्रवाई भी की है।
अब तक— लगभग 25 एफआईआर संबंधित पुलिस थानों में दर्ज कराई जा चुकी हैं।
अवैध निर्माण और अतिक्रमण में प्राधिकरण के जिन कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई, उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए गए।
दोषी कर्मचारियों पर विभागीय जांच, सेवा से अवमुक्ति, और वेतन रोके जाने जैसी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। प्राधिकरण का साफ संदेश है— “कानून तोड़ने वाला चाहे बाहरी हो या भीतर का, बख्शा नहीं जाएगा।”
174 अतिक्रमणकर्ता रडार पर, 527 नोटिस जारी
फिलहाल नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में—
174 अतिक्रमणकर्ताओं को चिन्हित किया गया है
उनके खिलाफ 527 नोटिस जारी किए जा चुके हैं
इसके साथ ही प्राधिकरण लगातार समाचार पत्रों, सार्वजनिक सूचना बोर्डों और चेतावनी पट्टों के माध्यम से जनसामान्य को आगाह कर रहा है, ताकि लोग किसी भी तरह की अवैध कॉलोनी या गैरकानूनी बहुमंजिला इमारत में निवेश कर अपनी मेहनत की कमाई न गंवाएं।

जनता के लिए सीधा संदेश: “अवैध कॉलोनियों से रहें दूर”
मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा ने नागरिकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि— नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में कोई भी निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है।
भूमाफ़ियाओं के झांसे में आकर प्लॉट या फ्लैट खरीदना सीधा नुकसान साबित हो सकता है।
अवैध कॉलोनियों में न तो रजिस्ट्री सुरक्षित होती है, न ही भविष्य। सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि डूब क्षेत्र, अर्जित भूमि और अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण दिखते ही तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए।
“जीरो टॉलरेंस” नीति पर नोएडा प्राधिकरण
नोएडा प्राधिकरण अब जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है। संदेश बिल्कुल साफ है—
जो अवैध बनाएगा, वह खुद ढहाएगा या बुलडोज़र ढहाएगा।
शहर को सुरक्षित, नियोजित और कानूनसम्मत बनाने की दिशा में यह अभियान लगातार जारी रहेगा। आने वाले दिनों में अवैध निर्माणों के खिलाफ और भी बड़े एक्शन देखने को मिल सकते हैं।
रफ़्तार टुडे की अपील
यदि कहीं भी अवैध निर्माण या अवैध कॉलोनी की जानकारी मिले, तो लोग संबंधित विभाग या प्राधिकरण को सूचित करें और खुद भी सतर्क रहें। कानून का पालन ही सुरक्षित निवेश और सुरक्षित शहर की पहचान है।



