Breaking News : ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क हॉस्टल में चली गोलियां, दोस्ती से दुश्मनी तक का खतरनाक सफर, गोलीकांड में एक छात्र की मौत और दूसरा जिंदगी के लिए संघर्षरत, दोस्ती में दरार या अचानक भड़का विवाद?

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
शिक्षा के लिए मशहूर नॉलेज पार्क क्षेत्र मंगलवार को अचानक गोलियों की गूंज से दहल उठा। एक निजी कॉलेज के हॉस्टल के कमरे में हुई गोलीबारी ने न केवल छात्रों बल्कि पूरे शहर को हिला दिया। इस खौफनाक वारदात में एमबीए का छात्र दीपक कुमार (22 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी और करीबी दोस्त पीजीडीएम छात्र देवांश चौहान (23 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया। वर्तमान में वह एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। पुलिस की प्रारंभिक जांच इस घटना को दोस्तों के बीच विवाद, गोलीबारी और आत्महत्या के प्रयास से जोड़ रही है।
नॉलेज पार्क हॉस्टल गोलीकांड सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि यह शिक्षा जगत और समाज दोनों के लिए चेतावनी है। यह हादसा हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि शिक्षा के मंदिरों में हथियार और हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। अब देखना यह है कि पुलिस की जांच और प्रशासन की कार्रवाई से इस घटना की असली सच्चाई कब सामने आती है।
कराह की आवाज़ से खुला राज, शीशा तोड़कर खोला गया दरवाज़ा
घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब हॉस्टल परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड ने एक कमरे से कराहने की आवाजें सुनीं। उसने तुरंत वार्डन को सूचना दी। दरवाज़ा खोलने की कोशिश की गई लेकिन वह अंदर से बंद था। इसके बाद सीढ़ी लगाकर बालकनी से झांकने पर सबके होश उड़ गए।
कमरे के अंदर दो युवक खून से लथपथ ज़मीन पर पड़े थे। वार्डन ने शीशा तोड़कर दरवाज़ा खोला और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों छात्रों को बाहर निकाला। दीपक कुमार मृत अवस्था में था, जबकि देवांश चौहान गंभीर रूप से घायल था और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
एक दोस्त की मौत, दूसरा मौत से जूझ रहा
पुलिस ने मृतक छात्र की पहचान दीपक कुमार, निवासी चिलकुलरी, आंध्र प्रदेश के रूप में की। दीपक एमबीए का छात्र था। वहीं घायल छात्र की पहचान देवांश चौहान, निवासी भगवान टॉकीज, आगरा के रूप में हुई, जो पीजीडीएम कोर्स कर रहा है।
दोस्ती में दरार या अचानक भड़का विवाद?
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पाया कि दोनों छात्र अच्छे दोस्त थे। लेकिन घटना के पीछे की वजह आपसी विवाद बताई जा रही है। आशंका है कि गुस्से में आकर पहले किसी एक छात्र ने साथी पर गोली चलाई और फिर खुद को भी गोली मार ली।
मौके से बरामद रिवॉल्वर और कारतूस
पुलिस ने मौके से लाइसेंसी रिवॉल्वर, चार जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा कमरे से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य निजी सामान भी जब्त किया गया है। अब पुलिस फॉरेंसिक जांच की मदद से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोली किसने पहले चलाई और विवाद की असली वजह क्या थी।
पुलिस की जांच और प्रशासन की सतर्कता
थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लाइसेंसी रिवॉल्वर हॉस्टल तक कैसे पहुंचा और इसके लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार है। इस पूरे प्रकरण ने हॉस्टल सुरक्षा व्यवस्थाओं और कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कॉलेज प्रशासन में मचा हड़कंप
गोलीकांड की सूचना मिलते ही कॉलेज प्रशासन और छात्र-छात्राओं में अफरा-तफरी मच गई। हॉस्टल के अन्य छात्र डरे-सहमे हैं। कई अभिभावकों ने भी कॉलेज प्रबंधन से सवाल किए कि आखिर छात्रों की सुरक्षा के लिए कौन से उपाय किए जा रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
ग्रामीण और परिजन स्तब्ध
मृतक छात्र दीपक कुमार के घर और गांव में घटना की खबर पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिजन सदमे में हैं और कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। वहीं, घायल देवांश के परिजन अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से उसके इलाज में कोई कोताही न बरतने की अपील की।
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि आखिरकार कैसे एक छात्र हॉस्टल में रिवॉल्वर लेकर घुस आया? क्या सुरक्षा जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है? छात्रों के बीच बढ़ता तनाव, अवसाद और मानसिक दबाव भी अब गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
समाज और शिक्षा जगत के लिए सबक
ग्रेटर नोएडा की इस सनसनीखेज घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि युवाओं में तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता क्यों नहीं बढ़ाई जा रही। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए कॉलेजों को काउंसलिंग सेशन, हेल्पलाइन और निगरानी तंत्र को और मजबूत करना होगा।



