Breaking News : जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह का सख्त अंदाज़, UPSIDC अधिकारी पर बरसे, बोले “लोकतंत्र में तानाशाही नहीं चलेगी”, अब मनमर्जी नहीं चलेगी”, मामला कहाँ का है और क्यों हुआ विवाद?, व्यापारियों की शिकायत और प्रतिनिधिमंडल की पहल

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। अपने क्षेत्र की जनता के मुद्दों को लेकर हर बार खुलकर आवाज उठाने वाले जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार मामला ग्रेटर नोएडा साइट-4 का है, जहाँ उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDC) द्वारा वेंडर जोन बनाए जाने की योजना पर स्थानीय व्यापारियों ने आपत्ति जताई। व्यापारियों का आरोप है कि बिना किसी जनप्रतिनिधि से सलाह किए और बिना जनता की राय लिए UPSIDC ने मनमाने ढंग से 60 दुकानों का निर्माण शुरू कर दिया। इस शिकायत पर विधायक धीरेंद्र सिंह ने मौके पर ही अधिकारी को बुलाकर कड़ी फटकार लगाई। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह की इस पहल ने एक बार फिर यह साबित किया है कि लोकतंत्र में जनता की राय सबसे अहम है। UPSIDC का मनमाना रवैया जहाँ व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को परेशान कर रहा था, वहीं विधायक के हस्तक्षेप ने उन्हें राहत दी है।
इस घटना से साफ है कि यदि जनप्रतिनिधि ईमानदारी से जनता की समस्याओं को उठाएँ तो बड़े से बड़ा प्रशासनिक ढांचा भी फैसले बदलने पर मजबूर हो सकता है।
मामला कहाँ का है और क्यों हुआ विवाद?
ग्रेटर नोएडा के साइट-4 स्थित रामलीला मैदान और सेंट्रल पार्क के पास UPSIDC द्वारा एक वेंडर जोन का निर्माण कराया जा रहा था। इस वेंडर जोन में करीब 60 दुकानों का निर्माण प्रस्तावित था। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने आशंका जताई कि इतनी बड़ी संख्या में दुकानें बनने से मुख्य सड़क पर ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ेगी और आम जनता को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
व्यापारियों ने कहा कि किसी भी विकास कार्य में जनता की सहमति और जनप्रतिनिधियों की राय को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मगर UPSIDC अधिकारियों ने मनमाने ढंग से काम शुरू कर दिया।
व्यापारियों की शिकायत और प्रतिनिधिमंडल की पहल
इस मामले को लेकर व्यापारियों ने वरिष्ठ व्यापारी नेता मनोज गर्ग के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल बनाया और जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह से मुलाकात की। उन्होंने विधायक को बताया कि UPSIDC का यह कदम पूरी तरह से एकतरफा और तानाशाही भरा है।
व्यापारियों ने कहा कि यह वेंडर जोन उनकी दुकानों और व्यापार पर भी असर डालेगा। वहीं, लोगों ने इस बात पर भी जोर दिया कि स्थानीय निकाय, व्यापार मंडल और जनता को नजरअंदाज करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।
विधायक धीरेंद्र सिंह का कड़ा रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक धीरेंद्र सिंह ने तुरंत ही UPSIDC अधिकारी को मौके पर तलब कर लिया। वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि विधायक अधिकारी से सख्त लहजे में कह रहे हैं ।

“लोकतंत्र में तानाशाही नहीं चलेगी, अब मनमर्जी नहीं चलेगी।”
उन्होंने अधिकारी को साफ निर्देश दिया कि इस वेंडर जोन से संबंधित सभी कागजात लेकर उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करें और जनता को विश्वास में लिए बिना आगे कोई भी काम शुरू न किया जाए।
विधायक के हस्तक्षेप के बाद काम बंद
विधायक धीरेंद्र सिंह की फटकार और हस्तक्षेप का असर तुरंत दिखाई दिया। UPSIDC ने तत्काल प्रभाव से वेंडर जोन का निर्माण कार्य रोक दिया। इससे व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली।
लोगों का कहना है कि चुने हुए जनप्रतिनिधि को इसी तरह जनता की आवाज बनकर सामने आना चाहिए।
सोशल मीडिया पर विधायक की तारीफ
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोगों ने विधायक धीरेंद्र सिंह की जमकर सराहना की। कई लोगों ने लिखा –
“ऐसे ही जनप्रतिनिधि जनता की सच्ची आवाज होते हैं।”
“धीरेंद्र सिंह जी ने साबित कर दिया कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है।”
विधायक धीरेंद्र सिंह की छवि
धीरेंद्र सिंह पहले भी किसानों, व्यापारियों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखते रहे हैं। चाहे जमीन अधिग्रहण का मामला हो, जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट से विस्थापित किसानों की समस्या हो या फिर स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी – वे हर बार सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
इस घटना के बाद उनकी जनता के सच्चे नेता की छवि और मजबूत हुई है।
आगे क्या होगा?
अब सवाल यह है कि UPSIDC इस पूरे मामले में आगे क्या कदम उठाएगा। क्या वेंडर जोन की योजना पूरी तरह से रद्द होगी या फिर किसी नए स्थान पर इसका निर्माण होगा? फिलहाल विधायक ने साफ कर दिया है कि बिना जनता और व्यापारियों की सहमति के कोई भी काम आगे नहीं बढ़ेगा।



