Braeking Police Good News : मंदिरों के चोरों पर पुलिस का वार दो गिरफ्तार, 3.5 किलो चांदी और अवैध चाकू बरामद — सेक्टर-12 के मंदिर से हुई थी चोरी, मुरादाबाद में गलवाई जाती थी चांदी!, बरामद हुआ चोरी का सामान, गिरफ्तार आरोपियों पर एनडीपीएस व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज

नोएडा, रफ़्तार टुडे। थाना सेक्टर-24 पुलिस ने एक शानदार कार्रवाई करते हुए मंदिर से हुई चोरी की वारदात का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से करीब 3.5 किलो चांदी की सिल्ली, एक अवैध चाकू, और चोरी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
यह गिरफ्तारी न केवल मंदिरों में हो रही लगातार चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाएगी, बल्कि यह भी दर्शाती है कि पुलिस की चौकसी कितनी सक्रिय है।
वीडियोकोन चौक से मिली बड़ी सफलता
पुलिस के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 को थाना सेक्टर-24 को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई कि कुछ संदिग्ध युवक चोरी के सामान के साथ सेक्टर-11, वीडियोकोन चौक के पास घूम रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की और घेराबंदी कर दो युवकों — राजू सिंह उर्फ सोनू पुत्र चतर सिंह निवासी पूर्वी विनोद नगर, दिल्ली, और सदाशिव पुत्र राजा राम निवासी मोहल्ला फैजगंज, मुरादाबाद — को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी का भारी माल और हथियार बरामद हुए।
बरामद हुआ चोरी का सामान
गिरफ्तार राजू सिंह के पास से पुलिस ने निम्नलिखित सामान बरामद किया
पांच सफेद धातु की सिल्ली, जिनका कुल वजन लगभग 3 किलो 540 ग्राम है।
एक अवैध चाकू, जिसका उपयोग वारदात के दौरान किया जाता था।
मोटरसाइकिल (DL10AA9570), जिसका उपयोग चोरी के दौरान भागने के लिए किया गया।
पुलिस ने बताया कि बरामद चांदी की अनुमानित कीमत लाखों रुपये में है।
सेक्टर-12 के मंदिर से चुराई थी चांदी
पूछताछ में आरोपी राजू सिंह ने सनसनीखेज खुलासा किया कि वह मंदिरों की रैकी कर वहां से चांदी के आभूषण, कलश, छत्र और शिवलिंग पर जड़े चांदी के आवरण चुराता था। करीब दस दिन पहले उसने सेक्टर-12 स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर से शिवलिंग पर लगे चांदी के आभूषण चोरी किए थे। चोरी का माल वह मुरादाबाद ले जाकर अपने साथी सदाशिव को देता था, जो उसे गलाकर चांदी की सिल्ली बना देता था, ताकि पहचान छिपाई जा सके।
मुरादाबाद में होती थी चांदी की गलावट
सदाशिव ने भी पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि वह राजू से चोरी का चांदी का सामान लेकर उसे गलाता (melt) था और सिल्ली (silver bar) बनाकर वापस राजू को सौंप देता था। इस प्रक्रिया से चोरी का सामान आसानी से बेचने योग्य बन जाता था और पुलिस के लिए उसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था। दोनों के बीच यह अवैध धंधा लंबे समय से चल रहा था।
पुलिस की तत्परता से हुआ खुलासा
थाना सेक्टर-24 पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर की।
जांच अधिकारी ने बताया कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और नोएडा व दिल्ली के मंदिरों को निशाना बना रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों ने अब तक कितने मंदिरों से चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों पर एनडीपीएस व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। राजू सिंह के खिलाफ चोरी, शस्त्र अधिनियम और साजिश से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जबकि सदाशिव पर अवैध गलावट और चोरी के माल की खरीद-बिक्री का आरोप लगाया गया है।
पुलिस दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया में है।
पुलिस की जांच और नेटवर्क की पड़ताल जारी
पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी के इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दायरे में अब मुरादाबाद, दिल्ली और गाजियाबाद के कई गलावट कारोबारी भी आ सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अगर जांच में कोई और नाम सामने आता है तो आगे रेड और गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर पुलिस का फोकस
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा कितनी अहम है। पुलिस अब मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों के आसपास सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, रात में गश्त तेज करने और पुजारियों को सतर्क रहने की सलाह देने की तैयारी में है।
पुलिस अधिकारी का बयान
थाना ASP स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया “मंदिरों की पवित्रता और जनता की आस्था से जुड़ी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। चोरी की यह वारदात सुलझाने में हमारी टीम ने बेहतरीन काम किया है। जिन लोगों ने भी मंदिरों को निशाना बनाया है, उन्हें अब किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”
थाना सेक्टर-24 पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक संगठित चोरी गिरोह का भंडाफोड़ है, बल्कि मंदिरों में हो रही चोरियों के खिलाफ एक सख्त संदेश भी है। अब इस केस के खुलासे से पुलिस को यह उम्मीद है कि बाकी बचे चोरी के मामलों में भी महत्वपूर्ण सुराग मिल सकेंगे।



