Yamuna Authority Bulldozer News : जेवर-ककोड़ में योगी सरकार का बुलडोजर, यमुना प्राधिकरण का अब तक का सबसे बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान, 2500 करोड़ की जमीन मुक्त, अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोज़र का पहिया, बुलडोज़र चला ध्वस्त हुई अवैध कॉलोनियां, 250 बीघा जमीन कब्जा मुक्त, भू-माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस

रफ़्तार टुडे | ग्रेटर नोएडा/जेवर रिपोर्ट। यमुना प्राधिकरण की यह कार्रवाई केवल अवैध कब्जे हटाने की कवायद नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि एयरपोर्ट क्षेत्र में अब केवल वैध और सुनियोजित विकास ही होगा। भू-माफियाओं का खेल खत्म होने की शुरुआत हो चुकी है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
भू-माफियाओं के साम्राज्य पर भारी पड़ा प्राधिकरण का बुलडोज़र
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द लगातार बढ़ती जमीनों की कीमतों के बीच, भू-माफियाओं का गोरखधंधा भी चरम पर पहुंच चुका था। लोग भोली-भाली जनता को लुभावने दामों पर प्लॉट का झांसा देकर करोड़ों की ठगी कर रहे थे। लेकिन इस बार यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने भू-माफियाओं के मंसूबों पर ऐसा बुलडोज़र चलाया कि सब कुछ मिट्टी में मिल गया।
मंगलवार को प्राधिकरण ने बुलंदशहर जनपद के झाझर और ककोड़ गांव में अब तक का सबसे बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया और करीब 250 बीघा भूमि को कब्जा मुक्त कराया। इस जमीन की कीमत बाजार में करीब 2500 करोड़ रुपए आंकी गई है।
भारी पुलिस बल और जेसीबी की गर्जना
इस कार्रवाई की खासियत यह रही कि इसे पूरी गोपनीयता से तैयार किया गया था। अधिकारियों ने पहले से किसी को भनक नहीं लगने दी। जैसे ही मंगलवार सुबह दर्जनों पुलिसकर्मी, जेसीबी, डंपर और अन्य मशीनरी के साथ प्राधिकरण की टीम गांव में उतरी, वहां हड़कंप मच गया।
गांवों में फैले अवैध कॉलोनाइजर और उनके लोग भाग खड़े हुए। मौके पर बनी दीवारें, सड़कें, गेट और अस्थायी निर्माण मिनटों में ढहा दिए गए। बुलडोज़र की आवाज़ और मलबे का धुआं इस बात की गवाही दे रहा था कि प्राधिकरण अब किसी भी अवैध कब्जे को बख्शने वाला नहीं है।
कौन-कौन सी कॉलोनियां हुई ध्वस्त?
अभियान में जिन प्रमुख कॉलोनियों पर बुलडोज़र चला उनमें शामिल थीं:
ऐरोनेस्ट कॉलोनाइजर, झाझर, श्री राधा गौरी एनक्लेव, ककोड़, रुद्र प्रॉपर्टीज, ककोड़
इन सभी जगहों पर अवैध प्लॉटिंग चल रही थी और भोले-भाले लोगों को प्लॉट बेचे जा रहे थे। अब यह पूरा इलाका कब्जामुक्त हो गया है।
जेसीबी और पुलिस फोर्स संग पहुंचा प्रशासन
सुबह-सुबह झाझर और ककोड़ गांव में अचानक भारी पुलिस बल, जेसीबी, डंपर और अन्य मशीनरी के साथ YEIDA की टीम पहुंची। जैसे ही लोगों को कार्रवाई की भनक लगी, अवैध कॉलोनाइजर और मजदूरों में भगदड़ मच गई। बिना किसी देरी के टीम ने अवैध कॉलोनियों पर ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया।
इस दौरान ऐरोनेस्ट कॉलोनाइजर (झाझर), श्री राधा गौरी एनक्लेव (ककोड़) और रुद्र प्रॉपर्टीज (ककोड़) जैसी अवैध कॉलोनियों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया। वहां बनीं दीवारें, सड़कें और ढांचे मिनटों में मलबे में तब्दील हो गए।
250 बीघा जमीन मुक्त, कीमत 2500 करोड़ रुपए
नोएडा एयरपोर्ट के आसपास जमीनों की कीमत आसमान छू रही है। ऐसे में कब्जे की गई जमीन की मौजूदा बाजार कीमत करीब 2500 करोड़ रुपए आंकी गई है। प्राधिकरण का कहना है कि इस तरह की अवैध कॉलोनियां न केवल सरकारी योजना को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि निवेशकों को भी धोखा देती हैं।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
यह अभियान केवल मशीनों और पुलिस बल पर निर्भर नहीं था, बल्कि इसकी कमान उच्च अधिकारियों ने खुद संभाली। मौके पर मौजूद थे:
डिप्टी कलेक्टर शिव अवतार सिंह
विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) अजय कुमार शर्मा
ओएसडी अभिषेक शाही
ओएसडी कृष्ण गोपाल त्रिपाठी
साथ ही बुलंदशहर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी भी सक्रिय रहे।

भू-माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’
ओएसडी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने साफ कहा कि यह केवल शुरुआत है। यमुना प्राधिकरण भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपना रहा है। आने वाले दिनों में और भी बड़े पैमाने पर अभियान चलाए जाएंगे ताकि एयरपोर्ट क्षेत्र में निवेशकों को किसी प्रकार का धोखा न मिले।
जनता से अपील – “अपनी गाढ़ी कमाई को अवैध कॉलोनियों में न फंसाएं”
अभियान के बाद अधिकारियों ने आम जनता को स्पष्ट संदेश दिया “यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में जमीन खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। अवैध कॉलोनियों में निवेश करने पर प्राधिकरण किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं लेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी ने पहले से ऐसे प्लॉट खरीदे हैं तो वे तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं और उसकी एक प्रति प्राधिकरण को भी दें। इससे धोखेबाज कॉलोनाइजरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई संभव होगी।
क्यों बन रही हैं ये अवैध कॉलोनियां?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आस-पास की जमीनों की कीमत पिछले कुछ सालों में कई गुना बढ़ गई है। यही वजह है कि भू-माफिया जमीनों पर कब्जा कर नकली रजिस्ट्री और झूठे वादों के जरिए लोगों को फंसाते हैं। चूंकि ज्यादातर लोग एयरपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्र में भविष्य देखते हुए जमीन लेना चाहते हैं, इसलिए वे इन कॉलोनाइजर्स के जाल में आसानी से फंस जाते हैं।
क्या होगा आगे?
प्राधिकरण अब ऐसी कॉलोनियों की लिस्ट तैयार कर रहा है जिन्हें चिन्हित कर एक-एक कर तोड़ा जाएगा।
अवैध प्लॉट बेचने वालों पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज होंगे। निवेशकों को सुरक्षित और वैध जमीन दिलाने के लिए सख्त निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी।



