PM On Ganga Expressway News : “29 अप्रैल को ‘स्पीड का महाउद्घाटन’, पीएम मोदी करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, 594 किमी लंबा एक्सप्रेसवे बनेगा विकास की नई लाइफलाइन

लखनऊ, रफ़्तार टूडे । उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। यह भव्य कार्यक्रम जनपद हरदोई में आयोजित होगा, जहां से प्रदेश के विकास की नई रफ्तार का आगाज़ होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तैयार हुई यह मेगा परियोजना “नए उत्तर प्रदेश” की मजबूत बुनियाद मानी जा रही है।
“2020 से 2026 तक—रिकॉर्ड समय में तैयार हुआ ड्रीम प्रोजेक्ट”
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना को वर्ष 2020 में मंत्रिपरिषद की स्वीकृति मिली थी, जिसके बाद इसे प्राथमिकता के आधार पर तेजी से आगे बढ़ाया गया।
सरकार की मॉनिटरिंग और प्रशासनिक सख्ती के चलते इस प्रोजेक्ट ने रिकॉर्ड समय में आकार लिया। यह एक्सप्रेसवे अब प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का सबसे बड़ा प्रतीक बनकर उभरा है।
“594 किलोमीटर लंबा—पश्चिम से पूर्व तक सीधी कनेक्टिविटी”
गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 594 किलोमीटर है। यह मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर दांदू गांव तक पहुंचेगा। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच की दूरी न केवल कम होगी, बल्कि यात्रा समय में भी भारी कमी आएगी। लोगों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।
“12 जिलों को सीधा फायदा—519 गांव जुड़ेंगे विकास से”
यह मेगा प्रोजेक्ट मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, सम्भल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 प्रमुख जिलों को सीधे जोड़ेगा। करीब 519 गांव इस एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। यह कनेक्टिविटी विकास का नया इकोसिस्टम तैयार करेगी।
“एक्सप्रेसवे किंग बनता यूपी—देश में 60% हिस्सेदारी”
वर्तमान में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 55 प्रतिशत है। गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के बाद यह आंकड़ा बढ़कर करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा, जिससे यूपी देश में एक्सप्रेसवे निर्माण के मामले में सबसे अग्रणी राज्य बन जाएगा।
“निवेश, उद्योग और रोजगार—तीनों को मिलेगा बूस्ट”
बेहतर सड़क नेटवर्क का सीधा असर उद्योग और व्यापार पर पड़ता है। गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, जिससे कंपनियों को बड़ा फायदा मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे एक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा, जहां नए निवेश आएंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
“किसानों के लिए वरदान—फसल सीधे पहुंचेगी बाजार”
प्रदेश के किसानों के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं है। अब कृषि उत्पाद तेजी से मंडियों और बड़े बाजारों तक पहुंच सकेंगे, जिससे उनकी गुणवत्ता बनी रहेगी और उन्हें बेहतर कीमत मिलेगी। खासतौर पर जल्दी खराब होने वाले उत्पादों के लिए यह एक्सप्रेसवे सप्लाई चेन को मजबूत करेगा।
“पर्यटन को नई उड़ान—प्रयागराज तक आसान पहुंच”
गंगा एक्सप्रेसवे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई गति देगा। प्रयागराज जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा, जिससे स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
“सड़क नहीं, विकास की नई धुरी”
गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला एक शक्तिशाली इंजन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अप्रैल को होने वाला इसका लोकार्पण प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा और यूपी को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।



