Greater Noida News : बुजुर्गों के लिए राहत और मुस्कान, विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर वृद्धाश्रम में लगा निःशुल्क चिकित्सा शिविर, 25 वृद्धजनों को मिला उपचार और परामर्श

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
बुजुर्गों की सेवा और स्वास्थ्य सुरक्षा को समर्पित एक अनूठा प्रयास रविवार को ग्रेटर नोएडा में देखने को मिला। अवसर था विश्व फिजियोथेरेपी दिवस और स्थान था नॉलेज पार्क-2 स्थित रामलाल वृद्धाश्रम, जहां विज़न हेल्थ एंड एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा फेथ हेल्थकेयर फिजियोथेरेपी एंड रिहैब सेंटर के सहयोग से निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर आयोजित यह शिविर केवल चिकित्सा सेवा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक संदेश भी बनकर सामने आया कि “बुजुर्गों की देखभाल समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”
इस तरह की पहलें न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाती हैं बल्कि बुजुर्गों को आत्मसम्मान और अपनापन भी प्रदान करती हैं।
इस शिविर का शुभारंभ पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने वृद्धजनों की न केवल जांच की बल्कि उन्हें फिजियोथेरेपी, योग और व्यायाम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की।
बुजुर्गों की सेहत के लिए विशेष जांच और उपचार
शिविर के दौरान वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनुज श्रीवास्तव और डॉ. प्राची श्रीवास्तव ने करीब 25 वृद्धजनों का ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, पल्स और ऑक्सीजन लेवल की जांच की। वहीं, जोड़ों के दर्द और हड्डियों की जकड़न से पीड़ित बुजुर्गों का विशेष उपचार फिजियोथेरेपी मशीनों के माध्यम से डॉ. साकेत ने किया।
इसके साथ ही डॉ. किशन त्यागी ने वृद्धजनों को व्यायाम करवाया और उन्हें रोजाना शारीरिक गतिविधियां करने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि नियमित हल्का व्यायाम न केवल शारीरिक ताकत को बनाए रखता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूत करता है।

उम्र बढ़ने के साथ फिजियोथेरेपी का महत्व
विज़न हेल्थ फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने इस अवसर पर कहा कि –
“फिजियोथेरेपी गति, मुद्रा और मांसपेशियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में बेहद महत्वपूर्ण है। यह न केवल शरीर को सक्रिय रखती है, बल्कि गिरने और गंभीर बीमारियों की संभावना को भी कम करती है।”
उन्होंने आगे बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) हर साल अलग-अलग विषयों के साथ इस दिवस को मनाता है। इस वर्ष का थीम है –
“स्वस्थ उम्रदराज़ी में फिजियोथेरेपी और शारीरिक गतिविधि की भूमिका”, जिसमें कुपोषण, कमजोरी और गिरने की रोकथाम पर खास जोर दिया गया है।
सेवा और संवेदनाओं से भरा माहौल
शिविर के दौरान वृद्धजनों के चेहरों पर राहत और संतोष झलक रहा था। कई बुजुर्गों ने बताया कि इस तरह के शिविर उनके लिए बेहद मददगार हैं, क्योंकि यहां न केवल मुफ्त इलाज मिलता है बल्कि डॉक्टर उन्हें परिवार की तरह समझते हुए इलाज और परामर्श देते हैं।
कार्यक्रम में रेणु कुमारी, अनुज जैन, ज्ञानी सिंह, सौरभ सिंह, रोहित कुमार, पीयूष गर्ग, डॉ. अरुण प्रताप सहित कई समाजसेवी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।



