APJ School News : “कर्ण की गाथा साहस का गीत,अपमानों में भी जिसने रखा मन प्रवीत, त्याग-तपस्या जिसकी पहचान बनी, धर्म की राह पर चलकर आत्मा अमर हुई, अजय बनी", विद्यालय का वार्षिकोत्सव (2025-2026)"धर्मचक्र" ( संघर्ष से सम्मान तक) बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। इसी सद्भावना के साथ एपीजे इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा ने विद्यालय का वार्षिकोत्सव (2025-2026)”धर्मचक्र” ( संघर्ष से सम्मान तक) बड़े हर्ष और उल्लास के साथ दिनांक 22/11/2025 को मनाया गया।
विशिष्ट अतिथि श्री विकास चंद्र (भूतपूर्व आई जी, बीएसएफ ), डॉ. जितेंद्र सिंह तोमर, (डिप्टी डायरेक्टर जनरल एवं एचओडी, एनएसएसटीए),सम्माननीया श्रीमती सविता चड्ढा (कवयित्री,कहानीकार, लेखिका) एवं एपीजे एजुकेशन के माननीय वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी श्री नैय्यर जी,विद्यालय के पूर्व छात्र(2017 बैच) श्री नीलोत्पल त्रिपाठी इत्यादि सभी सम्माननीय गण उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित सुश्री मेधा रूपम, जिलाधिकारी, गौतम बुद्ध नगर, प्रशासनिक दायित्वों के कारण उपस्थित नहीं हो सकीं, परंतु उन्होंने विद्यार्थियों के लिए अपने हार्दिक शुभकामनाएँ एवं आशीर्वाद प्रेषित किए।
कार्यक्रम की शुरुआत आकर्षक वाद्य-प्रस्तुति “ताल से ताल मिला” और “Hymn for the Weekend” से हुई। इसके बाद ज्ञान के अंधकार पर विजय का प्रतीक जल दीप प्रज्वलन विद्यार्थियों द्वारा श्लोक उच्चारण के साथ संपन्न हुआ। तत्पश्चात विद्यालय के छात्रों ने आध्यात्मिक भावना से ओतप्रोत “शिव स्तुति – अनादि अनन्त” ने दर्शकों को भक्ति-रस में डुबो दिया।
तत्पश्चात प्री-प्राइमरी बच्चों का मनमोहक नृत्य सभी के हृदय जीत गया। इसके बाद देशप्रेम से भरा सशक्त गीत “कसम सिंदूर की” सैनिकों के साहस और बलिदान को समर्पित था।
एपीजे एजुकेशन की महासचिव एवं प्रबंधन बोर्ड की सदस्य डॉ. नेहा बर्लिया का विशेष वीडियो संदेश भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सभी गणमान्य अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया।
विद्यालय की डायरेक्टर प्रिंसिपल, डॉ. नेहा शर्मा, ने गर्मजोशी से संबोधित करते हुए सभी अतिथियों और अभिभावकों का धन्यवाद किया तथा विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों पर बधाई दी। श्रीमती निवेदिता प्रियदर्शिनी ने वार्षिक विद्यालय रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें शिक्षण-प्राप्ति, खेल और सह-शैक्षणिक उपलब्धियों, आधारभूत संरचना में विकास तथा समग्र शिक्षा के प्रति विद्यालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाया गया।
इसके उपरांतविशेष अतिथियों ने कक्षा दसवीं एवं बारहवीं के सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं 2024- 25) में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए निम्नलिखित विद्यार्थियों को सम्मानित किया –
समृद्धा रॉय (दसवीं) प्रथम स्थान
ऋचा छेत्री, प्रखर आनंद सक्सेना एवं भव्या शर्मा (दसवीं) द्वितीय स्थान
यवन झा, ताशी गोयल तथा अफ़ान अहमद खान (दसवीं) तृतीय स्थान
एवं कक्षा बारहवीं से
महकप्रीत कौर-प्रथम स्थान
वंश सिंघल- द्वितीय स्थान
तनिष्ठा सिंह – तृतीय स्थान को सम्मानित किया गया।
विद्यालय के निम्नलिखित विद्यार्थियों
1 महकप्रीत कौर,कक्षा बारहवीं (मास्टर जगन्नाथ स्वर्ण पदक) से सम्मानित किया गया।
2.वंश सिंघल कक्षा बारहवीं 2024-25 (प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल)से सम्मानित किया गया।
3.रिया सिंह कक्षा बारहवीं 2024-25 (प्रेसिडेंट सिल्वर मेडल)से सम्मानित किया गया।
विद्यालय के अन्य सभी विषयों में अव्वल रहे विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफीयां प्रदान की गई।
इस शुभ और यादगार अवसर के उपलक्ष्य में, निम्नलिखित छात्रों को मानवीय मूल्यों के लिए प्रतिष्ठित डॉ. सत्य पॉल पुरस्कार व छात्रवृत्ति प्रदान की गई:
सुविज्ञा शुक्ला (पुरस्कार व पाँच हजार रुपए छात्रवृत्ति 6-8 कक्षा समूह)
मणिका शुक्ला (पुरस्कार व सात हजार पाँच सौ रुपए छात्रवृत्ति 9-10 कक्षा समूह)
दक्षिता सिंह (पुरस्कार व 10 हजार रूपए छात्रवृत्ति 11-12 समूह)
विद्यालय के सभी कार्यक्रमों में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए निम्नलिखित विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
आइमा तारिक – प्री–प्राइमरी विंग
आन्या खुँगर – प्राइमरी विंग
प्रकृत चंद्र – मिडिल विंग
अदिति – सीनियर विंग
पुरस्कार के द्वितीय चरण में डॉ नेहा शर्मा जी एवं श्री नीलोत्पल त्रिपाठी ने विद्यालय के विभिन्न गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। सत्र ( 2024 – 25) एकेडमिक ट्रॉफी सत्य सदन स्पोर्ट्स ट्रॉफी लक्ष्य सदन एवम विद्यालयी अन्य गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए शक्ति सदन को पुरस्कृत किया गया।
विशिष्ट अतिथियों के प्रेरक संबोधन इस शाम की विशेष उपलब्धि रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि *भूतपूर्व आईजी, बीएसएफ, श्री विकास चंद्रा ने नारी शक्ति को सलाम करते हुए छात्रों को प्रेरित किया और बताया कि अनुशासन, साहस और समर्पण राष्ट्र-निर्माण की नींव हैं। उन्होंने युवा शिक्षार्थियों को स्वयं पर विश्वास रखने और भारत के भविष्य को मजबूत बनाने वाले जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रोत्साहित किया।*
डॉ. जितेंद्र सिंह तोमर, डीडीजी एवं एचओडी, एनएसएसटीए ने “संघर्ष से सम्मान तक” की सच्ची भावना को उजागर करते हुए याद दिलाया कि *कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे चुनौतियों का डटकर सामना करें और हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने का प्रयास करें।*
*प्रख्यात कवयित्री और लेखिका डॉ. सविता चड्ढा ने “धर्मचक्र” के अर्थ को सुंदर ढंग से समझाया—अपने कर्तव्यों का निरंतरता और ईमानदारी से निर्वहन करना। उन्होंने छात्रों को मूल्यों से जुड़ा रहने, समर्पण की भावना रखने और कृतज्ञता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।*
*एपीजे के पूर्व छात्र (बैच 2016–17) श्री नीलोत्पल त्रिपाठी ने विद्यालय के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की, जिसने उनके शैक्षणिक और नैतिक विकास की मजबूत नींव रखी। उन्होंने साझा किया कि किस प्रकार शिक्षकों का मार्गदर्शन और विद्यालय की संस्कृति आज भी उनकी यात्रा को प्रभावित करती है। उनके प्रेरक शब्दों ने दर्शकों को ज्ञान, देशभक्ति और मूल्यों एवं नेतृत्व की गहरी समझ से समृद्ध किया।*
इसके पश्चात भव्य नाट्य मंचन “धर्मचक्र – संघर्ष से सम्मान तक”, जिसमें कर्ण के संपूर्ण जीवन को भावनात्मक गहराई और कलात्मक उत्कृष्टता के साथ प्रस्तुत किया गया। यह प्रस्तुति अत्यंत प्रभावशाली रही और दर्शकों से भरपूर सराहना प्राप्त की।
शाम का एक अविस्मरणीय क्षण था ग्रैंड फिनाले, जो राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित शानदार प्रस्तुति थी। संगीत, नृत्य और देशभक्ति के जोश से भरी इस प्रस्तुति ने मातृभूमि के अमर गौरव का उत्सव मनाया।
कार्यक्रम का समापन विद्यालय की अध्यापिका श्रीमती जसजीत कौर ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन करके किया। इस उत्साह वर्धक कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान द्वारा किया गया।



