Namo Bharat Train News : नमो भारत के बाद बुलेट ट्रेन की बारी, सराय काले खां से दौड़ेगी दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल, नोएडा-लखनऊ होते हुए बनारस तक 12 स्टेशन, दिल्ली से वाराणसी सिर्फ 4 घंटे में, NHSRCL तैयार करेगा नई DPR

नई दिल्ली / नोएडा, रफ़्तार टूडे। दिल्ली-एनसीआर में परिवहन ढांचे को नया आयाम देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठने जा रहा है। Delhi–Meerut RRTS यानी नमो भारत कॉरिडोर के बाद अब केंद्र सरकार दिल्ली से बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी तेज कर रही है। प्रस्तावित Delhi–Varanasi High Speed Rail Corridor के तहत दिल्ली के Sarai Kale Khan से हाईस्पीड ट्रेन शुरू होगी, जो उत्तर प्रदेश के कई बड़े शहरों को जोड़ते हुए वाराणसी तक पहुंचेगी।
इस परियोजना के लागू होने के बाद दिल्ली से वाराणसी की दूरी महज चार घंटे से भी कम समय में तय की जा सकेगी, जो फिलहाल ट्रेन से लगभग 10-12 घंटे लगते हैं।
सराय काले खां बनेगा देश का बड़ा ट्रांसपोर्ट हब
दिल्ली का Sarai Kale Khan पहले ही तेजी से एक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित हो रहा है। यहां Hazrat Nizamuddin railway station, दिल्ली मेट्रो, इंटरस्टेट बस टर्मिनल और नमो भारत रैपिड रेल जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
अब यहां से बुलेट ट्रेन की शुरुआत होने के बाद यह देश के सबसे बड़े परिवहन केंद्रों में शामिल हो सकता है। यात्रियों को एक ही स्थान पर मेट्रो, रैपिड रेल, बस और हाईस्पीड ट्रेन जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी।
दिल्ली से वाराणसी सिर्फ 4 घंटे में
प्रस्तावित Delhi–Varanasi High Speed Rail Corridor करीब 813 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट होगा। इस कॉरिडोर में बुलेट ट्रेन की गति लगभग 300 से 350 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है।
इस हाईस्पीड रेल के शुरू होने से दिल्ली से वाराणसी का सफर बेहद तेज और सुविधाजनक हो जाएगा। खासतौर पर व्यापार, पर्यटन और धार्मिक यात्रा करने वाले लोगों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
नोएडा एयरपोर्ट समेत 12 शहर होंगे कनेक्ट
इस हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का सबसे बड़ा फायदा उत्तर प्रदेश को मिलने वाला है। प्रस्तावित रूट में दिल्ली से वाराणसी के बीच कई महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ा जाएगा।
इस रूट पर संभावित प्रमुख स्टेशन इस प्रकार हो सकते हैं—
दिल्ली (सराय काले खां)
Noida International Airport
Mathura
Agra
Firozabad
Etawah
Kannauj
Lucknow
Raebareli
Prayagraj
Bhadohi
Varanasi
इसके अलावा Ayodhya को लिंक लाइन के जरिए इस कॉरिडोर से जोड़ने की भी योजना बनाई जा रही है।
NHSRCL तैयार करेगा नई DPR
इस परियोजना की जिम्मेदारी National High Speed Rail Corporation Limited को दी गई है। रेलवे बोर्ड ने कंपनी को परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) में संशोधन करने के निर्देश दिए हैं ताकि नई परिस्थितियों और प्रस्तावित अलाइनमेंट के अनुसार इसे आगे बढ़ाया जा सके।
पहले तैयार की गई योजना में सराय काले खां स्टेशन शामिल नहीं था, लेकिन अब इसे परियोजना का मुख्य प्रारंभिक स्टेशन बनाने पर विचार किया जा रहा है।
द्वारका से भी जुड़ सकता है हाईस्पीड कॉरिडोर
दिल्ली में हाईस्पीड रेल कॉरिडोर को Dwarka से भी जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। यदि यह योजना लागू होती है तो पश्चिमी दिल्ली और गुरुग्राम क्षेत्र के यात्रियों को भी बुलेट ट्रेन तक आसान पहुंच मिल सकेगी।
यह पूरा नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और मजबूत बनाएगा।
भूमि अधिग्रहण 2026-27 में शुरू होने की उम्मीद
सूत्रों के मुताबिक इस हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में शुरू हो सकती है।
केंद्र सरकार ने फरवरी 2026 में इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए फास्ट-ट्रैक नीति लागू की है, ताकि पर्यावरण मंजूरी, भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी हो सकें।
देश में प्रस्तावित 7 नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर
केंद्रीय बजट में सरकार ने देश में 7 नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर जोर दिया है। इनमें शामिल हैं—
दिल्ली–वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर
मुंबई–पुणे हाईस्पीड कॉरिडोर
पुणे–हैदराबाद हाईस्पीड कॉरिडोर
हैदराबाद–बेंगलुरु हाईस्पीड कॉरिडोर
हैदराबाद–चेन्नई हाईस्पीड कॉरिडोर
चेन्नई–बेंगलुरु हाईस्पीड कॉरिडोर
वाराणसी–सिलीगुड़ी हाईस्पीड कॉरिडोर
एनसीआर और यूपी के विकास को मिलेगा नया इंजन
विशेषज्ञों का मानना है कि Delhi–Varanasi High Speed Rail Corridor लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
इससे न केवल यात्रा समय कम होगा बल्कि पर्यटन, व्यापार, उद्योग और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे। खासतौर पर Noida International Airport और आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों को भी इस हाईस्पीड रेल से बड़ा लाभ मिल सकता है।



