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Greater Noida News : “संस्कार, संस्कृति और संगठन की एक दशक की यात्रा”ग्रेटर नोएडा में ब्राह्मण सभा (पंजी) उत्तर प्रदेश का 10वां स्थापना दिवस बना सामाजिक चेतना का उत्सव, ‘ब्रह्मचेतना’ स्मारिका का भव्य विमोचन, मुख्य अतिथि महेश शर्मा बोले— “संगठित समाज ही राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव”

ब्राह्मण सभा अध्यक्ष सुरेश चंद्र पचौरी का संदेश— “सुधार, समरसता और सकारात्मक सोच ही लक्ष्य”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। समाज की वैचारिक मजबूती, सांस्कृतिक चेतना और संगठनात्मक एकता का जीवंत उदाहरण रविवार को उस समय देखने को मिला, जब ब्राह्मण सभा (पंजी) उत्तर प्रदेश ने अपना 10वां स्थापना दिवस अत्यंत भव्य, गरिमामय और उत्सवपूर्ण वातावरण में मनाया। यह ऐतिहासिक आयोजन 21 दिसंबर 2025 को रॉयल हैबिटेट सेंटर (टिवोली), ग्रेटर नोएडा में संपन्न हुआ, जिसमें समाज के वरिष्ठजन, युवा, बुद्धिजीवी, साहित्यकार और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
दस वर्षों की सामाजिक यात्रा को समर्पित यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति, साहित्य और सामाजिक उत्तरदायित्व का सामूहिक उत्सव बन गया।

मुख्य अतिथि महेश शर्मा बोले— “संगठित समाज ही राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव”


समारोह के मुख्य अतिथि रहे डॉ. महेश शर्मा (सांसद, गौतम बुद्ध नगर एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री) ने ब्राह्मण सभा की एक दशक की भूमिका की सराहना करते हुए कहा—
“जब समाज संगठित होता है, तब वह केवल अपने अधिकारों की नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों की भी रक्षा करता है। ब्राह्मण सभा (पंजी) उत्तर प्रदेश ने पिछले दस वर्षों में सामाजिक समरसता, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सकारात्मक भूमिका निभाई है।”
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी परंपराओं, मूल्यों और सामाजिक दायित्वों को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाएं।

ब्रह्मचेतना’ स्मारिका का विमोचन, विचार और संस्कारों का दस्तावेज


इस अवसर पर सभा की विचारधारा, गतिविधियों और सामाजिक योगदान को समर्पित स्मारिका “ब्रह्मचेतना” का भव्य विमोचन किया गया। यह स्मारिका समाज की वैचारिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और भविष्य की दिशा का दस्तावेज मानी जा रही है। स्मारिका के विमोचन के दौरान मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों ने इसे समाज के लिए मार्गदर्शक बताया।


प्रतिभाओं और वरिष्ठजनों का सम्मान, सामाजिक सरोकारों को मिला मंच


कार्यक्रम के दौरान समाज में शिक्षा, सेवा, संस्कृति और सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले ब्राह्मण बंधुओं को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही— मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया
वरिष्ठ नागरिकों को उनके अनुभव, मार्गदर्शन और सामाजिक योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया इस सम्मान समारोह ने पीढ़ियों के बीच संवाद और सम्मान की भावना को और सशक्त किया।

ब्राह्मण सभा अध्यक्ष सुरेश चंद्र पचौरी का संदेश— “सुधार, समरसता और सकारात्मक सोच ही लक्ष्य”


ब्राह्मण सभा (पंजी) उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष सुरेश चंद्र पचौरी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा— “ब्राह्मण सभा का उद्देश्य केवल एक सामाजिक संगठन बनना नहीं, बल्कि समाज में सुधार, समरसता और सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनना है। पिछले दस वर्षों में सभा ने शिक्षा, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता के लिए निरंतर कार्य किया है।” उन्होंने समाज के युवाओं से संगठन से जुड़कर सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने का आह्वान किया।

कविता, गीत और संस्कृति से सजी सांस्कृतिक संध्या
स्थापना दिवस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण रहा सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रम।
प्रख्यात गीतकार संतोष आनंद ने जब मंच से अपना सुप्रसिद्ध गीत “एक प्यार का नगमा है…” प्रस्तुत किया, तो पूरा सभागार तालियों और भावनाओं से गूंज उठा। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम को भावनात्मक ऊंचाई प्रदान की।
इसके बाद आयोजित काव्य-सत्र में


कवि अमित शर्मा और कवि एडवोकेट मुकेश शर्मा, तुषा शर्मा और डॉ. कुमार आदित्य की रचनाओं ने श्रोताओं को विचार और संवेदना के संसार में ले जाकर साहित्यिक गरिमा को और समृद्ध किया।

गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति


समारोह में अभिषेक शर्मा (जिलाध्यक्ष, भाजपा), शैलेन्द्र शर्मा, प्रदीप दीक्षित, कप्तान परमजीत शर्मा, मुकेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। समाज के विभिन्न वर्गों से आए लोगों की सहभागिता ने आयोजन को व्यापक सामाजिक स्वरूप प्रदान किया।

एक दशक की उपलब्धियां, भविष्य की दिशा


दसवें स्थापना दिवस का यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि संगठन, संस्कार और सेवा के माध्यम से ही समाज सशक्त बनता है। ब्राह्मण सभा (पंजी) उत्तर प्रदेश का यह दशक समाज के लिए उपलब्धियों, आत्ममंथन और नए संकल्पों की नींव बनकर सामने आया। तालियों की गूंज, सम्मान की चमक और सांस्कृतिक ऊर्जा के साथ यह आयोजन ग्रेटर नोएडा के सामाजिक इतिहास में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज हो गया।

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Raftar Today
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