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Noida Authority News : अनुशासन पर सख्ती, ऐशो-आराम पर सवाल, नोएडा प्राधिकरण ने संविदा जेई को किया बाहर, ‘विला–एसयूवी’ की चर्चाओं से गरमाया माहौल, संपत्तियों की चर्चा ने बढ़ाया विवाद, बर्खास्तगी के बाद ‘पैरवी’ की कोशिशें,

नोएडा, रफ़्तार टुडे। नोएडा प्राधिकरण में अनुशासन को लेकर एक बार फिर सख्त संदेश दिया गया है। प्राधिकरण ने अनुशासन और आचरण के विरुद्ध कार्यशैली के आरोपों में संविदा पर तैनात एक जूनियर इंजीनियर (जेई) को सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई सीधे सीईओ स्तर से की गई है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि प्राधिकरण अब कार्यशैली, जिम्मेदारी और नियमों के पालन को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है।
इस बर्खास्तगी के साथ ही प्राधिकरण के गलियारों में एक और मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया—जेई की कथित संपत्तियां और लग्ज़री लाइफस्टाइल। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि कार्रवाई केवल अनुशासनात्मक आधार पर की गई है, लेकिन संपत्तियों को लेकर उठे सवालों ने पूरे मामले को और सुर्खियों में ला दिया है।


क्या है पूरा मामला?
प्राधिकरण के अनुसार संबंधित संविदा जेई विभिन्न समयों पर विद्युत, यांत्रिक सहित अन्य विभागों में तैनात रहा है। कुछ समय पहले उसे विभागीय कार्यों में लापरवाही और आचरण से जुड़ी शिकायतों के चलते चार्ज से हटाने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बावजूद यह सामने आया कि वह वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर टेंडर से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने जैसी गतिविधियों में शामिल रहा। यह कृत्य प्राधिकरण के नियमों और सेवा शर्तों के सीधे उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की समीक्षा के बाद इसे गंभीर माना और अंततः संविदा समाप्त करने का निर्णय लिया गया।


संपत्तियों की चर्चा ने बढ़ाया विवाद
इस प्रकरण में सबसे ज्यादा सुर्खियां उस समय बनीं, जब जेई की कथित संपत्तियों और शानो-शौकत भरी जीवनशैली को लेकर चर्चाएं शुरू हुईं।
बताया जा रहा है कि—
देहरादून में एक विला
करीब एक करोड़ रुपये की लग्ज़री एसयूवी
और अन्य महंगी संपत्तियां
वर्ष 2019 के बाद सामने आईं। सोशल मीडिया पर जेई की पत्नी और भाई द्वारा साझा की गई रील्स और तस्वीरें वायरल होने के बाद यह मामला प्राधिकरण के भीतर तेजी से फैल गया।
कर्मचारियों के बीच यह चर्चा भी आम हो गई कि करीब 40 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाला संविदा जेई इतनी महंगी जीवनशैली कैसे जी रहा है। कई बार उसे उसी लग्ज़री एसयूवी से कार्यालय आते देखा गया और अन्य कर्मचारियों द्वारा उसके साथ फोटो खिंचवाने की बातें भी सामने आईं।

देहरादून कनेक्शन से बढ़ी हलचल
जांच के दौरान अधिकारियों को यह भी जानकारी मिली कि संबंधित जेई का अधिकतर समय देहरादून में रहना बताया जा रहा है। इससे पहले भी उसके कार्यस्थल पर नियमित उपस्थिति और जिम्मेदारियों के निर्वहन को लेकर सवाल उठते रहे थे।
इन तमाम पहलुओं ने मिलकर प्राधिकरण को यह सोचने पर मजबूर किया कि संविदा कर्मचारी होने के बावजूद नियमों की अनदेखी की जा रही है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


बर्खास्तगी के बाद ‘पैरवी’ की कोशिशें
सेवा समाप्त होने के बाद जेई द्वारा प्रभावशाली पैरवी के प्रयास भी किए गए। सूत्रों के अनुसार, उसने कुछ अधिकारियों को भावनात्मक संदेश भेजे और दोबारा सेवा में लिए जाने की कोशिश की।
हालांकि प्राधिकरण ने इस पर दो टूक रुख अपनाते हुए साफ कर दिया कि निर्णय अंतिम है और किसी भी सूरत में उसे दोबारा बहाल नहीं किया जाएगा।


प्राधिकरण का स्पष्ट संदेश
प्राधिकरण के अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि—
कार्रवाई पूरी तरह अनुशासन और कार्यशैली के आधार पर की गई है
संपत्तियों को लेकर कोई आधिकारिक जांच या टिप्पणी फिलहाल नहीं की जा रही है


संविदा या स्थायी—नियम सभी के लिए समान हैं
अधिकारियों का कहना है कि नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में प्राधिकरण की भूमिका बेहद अहम है। ऐसे में यदि कोई कर्मचारी नियमों के विरुद्ध कार्य करता है, तो उसके खिलाफ कठोर कदम उठाना अनिवार्य है।

कर्मचारियों में गया सख्त संदेश
इस कार्रवाई के बाद प्राधिकरण के कर्मचारियों में यह संदेश साफ तौर पर गया है कि— सोशल मीडिया की चमक-दमक
प्रभावशाली छवि या कथित रसूख
किसी को भी नियमों से ऊपर नहीं रख सकता।
अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही—अब प्राधिकरण की प्राथमिकता है।

संविदा जेई की बर्खास्तगी केवल एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं, बल्कि नोएडा प्राधिकरण की बदलती कार्यसंस्कृति का संकेत है। जहां एक ओर शहर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं दूसरी ओर प्राधिकरण यह स्पष्ट कर रहा है कि विकास के साथ-साथ अनुशासन और ईमानदारी भी उतनी ही जरूरी है।
भले ही संपत्तियों को लेकर आधिकारिक स्तर पर कोई जांच न हो, लेकिन यह मामला यह जरूर दिखाता है कि अब सवाल पूछे जा रहे हैं—और जवाबदेही तय की जा रही है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
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