Greater Noida Authority News : कूड़ा फैलाने पर सख्ती, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ब्लिंकिट पर ठोका 10,500 का जुर्माना, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को जागरूक कर सफाई अभियान को दी रफ्तार, कूड़ा सेग्रिगेशन करने वाले निवासियों को मिला सम्मान, सीईओ एन.जी. रवि कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग लगातार औचक निरीक्षण

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा में स्वच्छता को लेकर प्राधिकरण ने अब और भी सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। सीईओ एन.जी. रवि कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग लगातार औचक निरीक्षण कर रहा है और कूड़ा इधर-उधर फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ निवासियों को जागरूक भी कर रहा है। इस अभियान का सबसे ताजा उदाहरण रविवार को सामने आया, जब ग्राम छोटी मिलक में ब्लिंकिट कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड पर 10,500 रुपये का जुर्माना ठोका गया।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह सख्त कार्यवाही इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कचरा प्रबंधन और स्वच्छता में किसी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ब्लिंकिट पर जुर्माना और ट्रैक्टर-ट्रॉली की जब्ती से यह संदेश गया है कि चाहे कंपनी हो या व्यक्ति, जो भी कचरा गलत तरीके से फेंकेगा उसे जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। वहीं, कूड़ा अलग करने और स्वच्छता बनाए रखने वाले लोग सम्मानित होकर बाकी लोगों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
स्वच्छ भारत अभियान को नई ऊर्जा
देशभर में चल रहे स्वच्छ भारत मिशन को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अपने स्तर पर नई ऊर्जा देने में जुटा है। ग्राम छोटी मिलक में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने साफ-सफाई का निरीक्षण किया और गंदगी फैलाने वालों को कड़ी चेतावनी दी। यही नहीं, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी 130 मीटर रोड की सर्विस रोड पर अवैध रूप से कचरा डालते हुए पकड़ा गया, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने साफ कह दिया कि जुर्माना जमा किए बिना वाहन को छोड़ा नहीं जाएगा।
ब्लिंकिट पर पड़ा जुर्माना, ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ग्राम छोटी मिलक में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि ब्लिंकिट कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा खुले में कूड़ा फेंका जा रहा था। इस पर प्राधिकरण ने कंपनी पर ₹10,500 का जुर्माना लगाया।
यही नहीं, टीम ने 130 मीटर रोड की सर्विस रोड (इकोटेक-12 के पास) पर अवैध रूप से कचरा गिराते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी पकड़ लिया। उसे जब्त करके ग्रेटर नोएडा वेस्ट कार्यालय परिसर में खड़ा कर दिया गया। यह तभी छोड़ा जाएगा जब संबंधित व्यक्ति जुर्माना अदा करेगा।
सेक्टरों में घर-घर पहुंच रही टीम
स्वास्थ्य विभाग की टीम रविवार को सेक्टर-बीटा-1 और गामा-1 भी पहुंची। यहां टीम ने सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और निवासियों से बातचीत की। लोगों से पूछा गया कि क्या कूड़ा उठाने वाली गाड़ी रोजाना आ रही है या नहीं। जिन बिंदुओं पर शिकायत मिली, वहां तुरंत संबंधित स्टाफ को निर्देश दिए गए।
गीला-सूखा कूड़ा अलग करने वालों का सम्मान
सेक्टर-36 में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन निवासियों को सम्मानित किया जो गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग कर जमा करते हैं। सहायक प्रबंधक गौरव बघेल और उनकी टीम ने उन्हें फूलमाला पहनाकर प्रोत्साहित किया। इस पहल से न केवल निवासियों में उत्साह बढ़ा बल्कि यह संदेश भी गया कि स्वच्छता में योगदान देने वालों की सराहना भी होगी।

लगातार चल रहा है निरीक्षण अभियान
स्वास्थ्य विभाग की टीम इस समय सेक्टर पी-3, सिग्मा-1, सिग्मा-2, सिग्मा-3, सिग्मा-4, सेक्टर-36 और सेक्टर-37 में लगातार सफाई निरीक्षण अभियान चला रही है। हर सेक्टर में लोगों को समझाया जा रहा है कि कूड़ा सिर्फ कलेक्शन वाहन में ही डालें, सड़क किनारे या खाली जगह पर नहीं।
एसीईओ श्री लक्ष्मी VS का सख्त संदेश
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने निवासियों से अपील की है कि वे कूड़े को घर में ही गीला और सूखा अलग करें और केवल कूड़ा कलेक्शन वाहन आने पर ही उसे दें। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा को साफ-सुथरा बनाने में हर नागरिक की जिम्मेदारी है और अगर लोग सहयोग करेंगे तभी शहर को स्मार्ट और सुंदर बनाया जा सकता है।
सम्मानित हुए जिम्मेदार नागरिक
स्वास्थ्य विभाग के सहायक प्रबंधक गौरव बघेल के नेतृत्व में टीम ने सेक्टर-36 में उन निवासियों को फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया, जो गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग करके कलेक्शन वाहन को सौंप रहे हैं।
यह पहल सेक्टरवासियों को और अधिक प्रेरित करने वाली साबित हुई। स्थानीय लोगों ने प्राधिकरण के इस कदम को जागरूकता और प्रोत्साहन का बेहतरीन उदाहरण बताया।
सेक्टरवासियों का समर्थन
सेक्टरवासियों ने भी इस अभियान की सराहना की और भरोसा दिलाया कि वे सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में प्राधिकरण को हर संभव सहयोग देंगे। फीडबैक फाउंडेशन की टीम भी मौके पर पहुंची और निवासियों को कचरा प्रबंधन से जुड़ी तकनीक और आदतों के बारे में जागरूक किया।



