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Greater Noida West News : इस सोसाइटी में AOA चुनाव पर घमासान! छह साल की देरी, आरोप-प्रत्यारोप और पारदर्शिता की जंग—आखिर जिम्मेदार कौन?, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सबसे बड़ी सोसाइटी में ‘लोकतंत्र’ को लेकर बवाल, निवासी पूछ रहे—क्या कभी मिलेगा जवाबदेह AOA?

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ईको विलेज-1 (Eco Village-1) का माहौल इन दिनों चुनावी रंग में रंगने के बजाय एक अलग ही तूफानी बहस का केंद्र बना हुआ है। वजह—AOA (Apartment Owners Association) चुनाव की वह प्रक्रिया, जो लगातार देरी और विवादों के बीच उलझती चली जा रही है।

निवासी खुलकर सामने आकर कह रहे हैं कि छह साल से AOA होने के बावजूद न तो कोई सदस्यता अभियान चला, न ही कोई पारदर्शी GBM (जनरल बॉडी मीटिंग) हुई, और अब जब चुनाव का मौका आया है, तो जानबूझकर बाधाएँ खड़ी की जा रही हैं।

इस पूरे मामले ने सोसाइटी के अंदर असंतोष की ज्वाला को भड़का दिया है, और अब सवाल यह है आखिर इस देरी का जिम्मेदार कौन? और कब मिलेगी सोसाइटी को जवाबदेह AOA?

चुनाव शुरू—लेकिन कछुआ चाल की वजह क्या?

शिकायतों के बढ़ते स्वर और निवासियों की नाराजगी के बाद प्रशासन को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा।
23 अगस्त 2025 को

डिप्टी रजिस्ट्रार वैभव कुमार ने

चुनाव अधिकारी आशीष मौर्या की नियुक्ति की

और 11 सितंबर से चुनाव प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया।

कागज़ों पर तो सब कुछ समय पर चल रहा था, लेकिन ज़मीनी वास्तविकता अलग थी।

पुरानी AOA के कारण देरी?—बैंक विवरण समय पर न देने का आरोप

निवासियों का गंभीर आरोप है कि पुरानी AOA ने जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया को धीमा किया।

चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए

बैंक अकाउंट डिटेल

मेंबरशिप फॉर्म

रजिस्टर

जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों की आवश्यकता थी।

लेकिन आरोप है कि AOA ने यह जानकारी 27 अक्टूबर तक उपलब्ध ही नहीं कराई, जिससे लगभग 30 दिनों तक सदस्यता अभियान पूरी तरह अटका रहा।

इस देरी ने निवासियों के धैर्य की सीमा तोड़ दी।

₹100 सदस्यता शुल्क बना विवाद का विषय—कुछ व्यक्तियों पर अफवाह फैलाने का आरोप

जैसे-तैसे प्रक्रिया आगे बढ़ी ही थी कि एक नई बहस खड़ी कर दी गई चुनाव आवेदन शुल्क ₹100 क्यों रखा गया है?

कुछ व्यक्तियों ने सोशल मीडिया और सोसाइटी ग्रुप्स में इस शुल्क को लेकर अफवाह फैलानी शुरू कर दी।

लेकिन चुनाव अधिकारी के अनुसार यह शुल्क चुनाव संचालन में होने वाले खर्चों के लिए निर्धारित है
यह आधिकारिक फॉर्म पर भी स्पष्ट रूप से अंकित है
और कानूनी रूप से बिल्कुल वैध है

फिर भी, विरोध के चलते प्रक्रिया एक बार फिर विवाद में झूलने लगी।

निवासी बोले—“प्रक्रिया पारदर्शी है, लेकिन कुछ लोग जानबूझकर अड़ंगे लगा रहे हैं”

निवासी डीके जायसवाल ने कहा “प्रशासन बिल्कुल पारदर्शी प्रक्रिया चला रहा है, लेकिन कुछ लोग भ्रामक बातें फैलाकर चुनाव रोकना चाहते हैं। इसका सीधा नुकसान सोसाइटी के विकास को हो रहा है। जब तक नई AOA नहीं आती, बिल्डर और फैसिलिटी पर निवासियों का कोई नियंत्रण नहीं है।”

निवासी राज चौधरी का आरोप “छह साल तक AOA ने न GBM कराई, न सदस्यता चलाई। अब जब चुनाव की घड़ी आई है तो ऊपरी-नीचें के तरीके निकालकर बाधाएँ खड़ी की जा रही हैं। यह सोसाइटी हित के बिल्कुल खिलाफ है।”

कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया को विवादित बनाने की कोशिश?

निवासियों का कहना है कि चुनाव अधिकारी के नियंत्रण में पूरी प्रक्रिया कानूनी तरीके से चल रही है, लेकिन कुछ लोग लगातार—

भ्रम फैलाने

मुद्दों को तोड़-मरोड़कर पेश करने

और अफवाहों से माहौल बिगाड़ने

की कोशिश कर रहे हैं।

इन प्रयासों का उद्देश्य स्पष्ट रूप से चुनाव में देरी करना बताया जा रहा है।

निवासियों की सामूहिक अपील—“अफवाहों से दूर रहें, फॉर्म भरें, चुनाव का समर्थन करें”

ईको विलेज-1 के सक्रिय निवासी डीके जायसवाल, जीएस तिवारी, निशांत, आरके पांडे, शशिभूषण, दुर्गेश श्रीवास्तव, शैलेश, मुकेश शर्मा, देवेन शर्मा, राज कुमार, जोया रहमान, राज चौधरी
और अन्य लोगों ने संयुक्त रूप से निवासियों को संदेश दिया—

अफवाहों पर ध्यान न दें

सभी मालिक समय पर सदस्यता फॉर्म भरें

कानूनी और पारदर्शी रूप से हो रहे चुनाव का समर्थन करें

उनका कहना है कि AOA आने से

सोसाइटी में जवाबदेही बढ़ेगी

फैसिलिटी पर निगरानी होगी

और विकास कार्यों में तेजी आएगी

निवासियों की प्रशासन से अपील—“विवाद बढ़ाने वालों पर कार्रवाई हो”

निवासी प्रशासन के पास एक लिखित अपील भेजने की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें मांग की गई है—

डिप्टी रजिस्ट्रार वैभव कुमार

चुनाव अधिकारी आशीष मौर्या

और जिलाधिकारी मेधा रूपम

इस मामले में संज्ञान लें और उन लोगों पर उचित कार्रवाई करें
जो बिना तथ्य, बिना जानकारी, केवल भ्रम फैलाकर चुनाव प्रक्रिया को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी मांग है कि चुनाव निष्पक्ष रूप से कराया जाए

पारदर्शिता बनाए रखी जाए

और सोसाइटी को जल्द से जल्द एक सक्षम व जवाबदेह AOA मिले

ताकि ईको विलेज-1 भी विकास के रास्ते पर नई रफ्तार पकड़ सके।

EV-1 में लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा!

ईको विलेज-1 में चुनाव सिर्फ एक सोसाइटी चुनाव नहीं, बल्कि
व्यवस्था बनाम अव्यवस्था
पारदर्शिता बनाम भ्रम
विकास बनाम देरी

की जंग बन चुका है। निवासियों की एक ही मांग है “चुनाव समय पर हो, निष्पक्ष हो और बिना किसी बाधा के पूरा किया जाए।”

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
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