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Indian Pharmacy Expo News : भारत का फार्मा सेक्टर बदल रहा है अपनी परिभाषा!, जेनेरिक्स से “ग्लोबल इनोवेशन पावरहाउस” बनने की दौड़ में अग्रसर—ग्रेटर नोएडा में शुरू हुआ दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा फार्मा एक्सपो CPHI & P-MEC INDIA, भारत—इनोवेशन + IP सुरक्षा + पारदर्शी प्रक्रियाएँ = ग्लोबल पावरहाउस

ग्रेटर नोएडा, दिल्ली-एनसीआर, रफ़्तार टूडे। दुनिया की फार्मेसी कहे जाने वाले भारत का फार्मास्युटिकल सेक्टर अब नए युग में प्रवेश कर चुका है। जेनेरिक दवाओं के वॉल्यूम-आधारित साम्राज्य से आगे बढ़ते हुए भारत अब वैल्यू-आधारित, इनोवेशन-संचालित वैश्विक फार्मा पावरहाउस बनने की तेज़ रफ़्तार पर है। इस ऐतिहासिक बदलाव की झलक आज ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में देखने को मिली, जहाँ CPHI और P-MEC INDIA 2025 का भव्य उद्घाटन हुआ।

दक्षिण एशिया के सबसे बड़े इस फार्मा एक्सपो में 120+ देशों से आए 2,000 से अधिक प्रदर्शक और 50,000 से ज्यादा उद्योग विशेषज्ञ एक मंच पर जुटे। यह न सिर्फ दुनिया की सबसे बड़ी फार्मा कम्युनिटी को जोड़ रहा है, बल्कि भारतीय फार्मा सेक्टर के उभरते इनोवेशन इकोसिस्टम को वैश्विक पहचान भी दिला रहा है।

भारत—जेनेरिक्स से जटिल दवाओं की ओर

सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) के संयुक्त औषधि नियंत्रक डॉ. आर. चंद्रशेखर ने उद्घाटन समारोह में बताया कि भारत अब “सिर्फ जेनेरिक दवाओं का निर्माता” नहीं रहा, बल्कि बायोसिमिलर्स, पेप्टाइड्स, जटिल जेनेरिक्स और नेक्स्ट-जनरेशन बायोलॉजिक्स में तेजी से अग्रसर हो रहा है।

उन्होंने कहा “भारत अब वॉल्यूम नहीं, वैल्यू पर काम कर रहा है। इनोवेशन ही नए फार्मा भारत की पहचान बनेगा।”

उन्होंने सरकार द्वारा शुरू की गई ₹1,00,000 करोड़ की हॉस्पिटल फाइनेंस योजना को R&D बढ़ाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।
इससे अगले 5 वर्षों में भारत ‘दुनिया की फार्मेसी’ से ‘इनnovation-Driven Pharma Nation’ बनने की दिशा में मजबूत स्थिति में है।

फार्मा एक्सपोर्ट काउंसिल—‘जेनेरिक सोच से आगे बढ़ने का समय’

फार्मास्युटिकल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (Pharmexcil) के अध्यक्ष नामित जोशी ने कहा कि वैश्विक फार्मा मार्केट तेजी से बदल रहा है। उन्होंने साफ कहा “अगर भारत को दुनिया की फार्मेसी बने रहना है तो जेनेरिक की पारंपरिक मानसिकता से आगे बढ़ना होगा। भविष्य वैल्यू-आधारित इनोवेशन में है।”

भारत—इनोवेशन + IP सुरक्षा + पारदर्शी प्रक्रियाएँ = ग्लोबल पावरहाउस

ऑर्गेनाइजेशन ऑफ फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स ऑफ इंडिया (OPPI) के महानिदेशक अनिल माताई ने जोर देकर कहा कि भारत अब “सिर्फ निर्माण करने वाला देश” नहीं है, बल्कि “इनnovation-केंद्रित पावरहाउस” बन रहा है।

उन्होंने कहा “बौद्धिक संपदा सुरक्षा, बेहतर नियम और पेटेंट उल्लंघनों पर सख्ती—ये भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जा रहे हैं।”

इंडिया एक्सपो मार्ट—फार्मा मशीनरी, लैब टेक्नोलॉजी और भविष्य की दवाओं का महासंगम

इस विशाल एक्सपो में प्रदर्शित है

उन्नत फार्मा मशीनरी

हाई-टेक पैकेजिंग समाधान

फार्मा सामग्री

आधुनिक प्रयोगशाला और बायोटेक तकनीक

एडवांस्ड फॉर्मूलेशन मॉडल

डिजिटल फार्मा ऑटोमेशन

यह एक्सपो न सिर्फ उत्पादों का प्रदर्शन है, बल्कि अनेक देशों के बीच सहयोग, टेक्नोलॉजी साझेदारी और ग्लोबल फार्मा सप्लाई चेन को मजबूत करने का सबसे बड़ा मंच भी है।

इंफॉर्मा मार्केट्स—“भारत ने अपनी वैश्विक पहचान को दोगुना कर दिया”

इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया के प्रबंध निदेशक योगेश मुद्रास ने बताया कि भारत के फार्मा निर्यात दोगुने होकर 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर पहुँच चुके हैं।
साथ ही दुनिया के लगभग 50% लाइफ साइंस लीडर्स ने भारत में अपने ऑपरेशन स्थापित किए हैं—जो भारत की विश्वसनीयता का प्रमाण है।

उन्होंने कहा “हम भारत को पारंपरिक जेनेरिक्स ही नहीं, बल्कि जटिल फॉर्मूलेशन, बायोलॉजिक्स और उन्नत उपचारों में भी वैश्विक नेता बनते देख रहे हैं।”

भारतीय फार्मा सेक्टर: अगली छलांग ‘इनोवेशन’ की

CPHI & P-MEC INDIA एक्सपो ने यह संदेश बेहद स्पष्ट कर दिया है भारत का फार्मास्युटिकल उद्योग अब दुनिया के लिए “कम कीमत वाली दवाइयों का सप्लायर” नहीं, बल्कि “अगली पीढ़ी की चिकित्सा का निर्माता” बन रहा है।

नई नीतियाँ, R&D में रिकॉर्ड निवेश, बायोटेक्नोलॉजी की तेजी और वैश्विक सहयोग—
ये सभी मिलकर भारत को वैश्विक फार्मा इनोवेशन का इंजन बनाने वाले हैं।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
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