Breaking News : ग्रेटर नोएडा का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन!, 1200 करोड़ के इंटिग्रेटेड मास्टर प्लान से बदलेगी शहर की तस्वीर, अब हाईटेक होगा जलापूर्ति, सीवर और ड्रेनेज सिस्टम, बारिश के पानी से लेकर सीवेज तक हर बूंद पर होगी स्मार्ट निगरानी, 245 एमएलडी क्षमता के दो नए एसटीपी होंगे स्थापित
प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने कहा कि कंसल्टेंट कंपनी द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट मास्टर प्लान का जल्द ही विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया जाएगा

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा अब केवल चौड़ी सड़कों, आधुनिक सेक्टरों और ऊंची इमारतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहर की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाओं को भी हाईटेक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। शहर के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने लगभग 1200 करोड़ रुपये की लागत से एक महत्वाकांक्षी इंटिग्रेटेड मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत जलापूर्ति, सीवर और ड्रेनेज सिस्टम को पहली बार एकीकृत (Integrated) ढंग से विकसित किया जाएगा। यह योजना न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि आने वाले कई दशकों तक शहर की बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को भी ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
इस परियोजना को ग्रेटर नोएडा के विकास की सबसे बड़ी आधारभूत योजनाओं में से एक माना जा रहा है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि कुमार एनजी के अनुसार, कंसल्टेंट कंपनी ने ड्राफ्ट मास्टर प्लान तैयार कर लिया है और जल्द ही उसका विस्तृत प्रेजेंटेशन प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। आवश्यक संशोधनों के बाद इसे बोर्ड की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
अलग-अलग नहीं, अब एक ही सिस्टम से चलेगा पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर
अब तक ग्रेटर नोएडा में जलापूर्ति, सीवर और ड्रेनेज का संचालन अलग-अलग विभागों द्वारा किया जाता रहा है, जिससे कई बार समन्वय की कमी और तकनीकी समस्याएं सामने आती थीं। नई योजना के तहत इन तीनों व्यवस्थाओं को एक ही मास्टर प्लान के अंतर्गत जोड़ दिया जाएगा, जिससे पूरे सिस्टम की कार्यक्षमता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आधुनिक शहर के लिए इंटिग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल सबसे प्रभावी व्यवस्था होती है। इससे रखरखाव की लागत कम होती है, परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आती है और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं।
1200 करोड़ की परियोजना में बनेगा भविष्य का स्मार्ट नेटवर्क
इस महत्वाकांक्षी परियोजना में केवल नए इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण ही नहीं होगा, बल्कि उसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था भी शामिल होगी। जलापूर्ति नेटवर्क को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा, सीवर सिस्टम को अधिक सक्षम बनाया जाएगा और पूरे शहर के ड्रेनेज नेटवर्क को वैज्ञानिक तरीके से विकसित किया जाएगा।
बारिश का पानी बनेगा सबसे बड़ा संसाधन
इस मास्टर प्लान की सबसे बड़ी विशेषता रेन वाटर मैनेजमेंट है। वर्तमान में बारिश का अधिकांश पानी नालों के माध्यम से व्यर्थ चला जाता है, लेकिन नई योजना में वर्षा जल को वैज्ञानिक तरीके से संग्रहित कर उसका पुनः उपयोग किया जाएगा। बारिश के पानी को अलग नेटवर्क के माध्यम से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा, जहां उसका संरक्षण और उपयोग किया जा सकेगा। इससे भूजल स्तर सुधारने के साथ-साथ जल संकट से निपटने में भी मदद मिलेगी।
सीवर और ड्रेनेज होंगे पूरी तरह अलग
शहरों में अक्सर बारिश के दौरान जलभराव की सबसे बड़ी वजह सीवर और ड्रेनेज सिस्टम का आपस में जुड़ जाना होता है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने जा रहा है। नई योजना के तहत सीवर लाइन और ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह अलग विकसित किया जाएगा, ताकि वर्षा का पानी सीवेज में न मिले और प्रदूषण भी कम हो। इससे न केवल जलभराव की समस्या कम होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
245 एमएलडी क्षमता के दो नए एसटीपी होंगे स्थापित
इंटिग्रेटेड मास्टर प्लान के तहत लगभग 245 एमएलडी क्षमता के दो अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए जाएंगे। इनमें से एक बड़ा एसटीपी ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बनाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य हिंडन नदी में बिना उपचारित गंदे पानी के प्रवाह को रोकना है। उपचारित जल का उपयोग सिंचाई, हरित क्षेत्रों और अन्य गैर-पीने योग्य कार्यों में किया जाएगा।
बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर तैयार होगी व्यवस्था
ग्रेटर नोएडा तेजी से विकसित हो रहा है। नई आवासीय परियोजनाएं, औद्योगिक क्षेत्र, आईटी पार्क और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी बड़ी परियोजनाओं के कारण आने वाले वर्षों में आबादी में तेज वृद्धि होने की संभावना है।
इसी को ध्यान में रखते हुए जलापूर्ति क्षमता और सीवरेज निस्तारण व्यवस्था का विस्तार भविष्य की जरूरतों के अनुरूप किया जाएगा, ताकि शहर को आने वाले वर्षों में किसी प्रकार की मूलभूत समस्या का सामना न करना पड़े।
कंसल्टेंट कंपनी जल्द देगी विस्तृत प्रेजेंटेशन
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने बताया कि कंसल्टेंट कंपनी द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट मास्टर प्लान का जल्द ही विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। इसके बाद तकनीकी सुझावों और आवश्यक संशोधनों को शामिल कर अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू होगी।
स्मार्ट सिटी की दिशा में बड़ा कदम
शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना केवल जलापूर्ति, सीवर और ड्रेनेज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रेटर नोएडा को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने का रोडमैप है। स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन के जरिए यह परियोजना ग्रेटर नोएडा को देश के सबसे आधुनिक और टिकाऊ शहरों की श्रेणी में खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यदि योजना तय समय पर लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में शहर के लाखों नागरिकों को बेहतर पेयजल, आधुनिक सीवर व्यवस्था, जलभराव से राहत और पर्यावरण के अनुकूल शहरी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। यह परियोजना ग्रेटर नोएडा के विकास इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।



