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यथार्थ हॉस्पिटल में रैपिड एआई तकनीक की शुरुआत, ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए साबित होगी उपयोगी

रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ हॉस्पिटल ने एडवांस स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रैपिड एआई तकनीक की शुरुआत की गई है। इस नई तकनीक के माध्यम से ब्रेन स्ट्रोक और न्यूरोवस्कुलर बीमारियों की पहचान अब पहले से कहीं अधिक तेज और सटीक हो सकेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति होती है, जिसमें दिमाग तक रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है या रक्त वाहिका फट जाती है। ऐसे में हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि देरी से दिमाग को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। रैपिड एआई तकनीक इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए विकसित की गई है, जो सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांचों का स्वतः विश्लेषण कर कुछ ही मिनटों में महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराती है।

यह तकनीक बड़ी रक्त वाहिकाओं में रुकावट, रक्त प्रवाह की स्थिति और दिमाग में हुए नुकसान का आकलन तेजी से करती है। रियल-टाइम अलर्ट के जरिए डॉक्टरों को तुरंत निर्णय लेने में मदद मिलती है, जिससे इलाज में देरी कम होती है और मरीज के ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।

हॉस्पिटल प्रबंधन के अनुसार रैपिड एआई तीन मिनट से भी कम समय में विस्तृत और रंग-कोडेड रिपोर्ट प्रदान करने में सक्षम है, जो पारंपरिक जांच प्रक्रियाओं की तुलना में कहीं अधिक तेज है। इससे उन महत्वपूर्ण क्षणों में सहायता मिलती है, जब हर मिनट में लाखों न्यूरॉन्स नष्ट हो सकते हैं।

सीओओ एवं फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. सुनील बलियान ने बताया कि यह तकनीक विशेष रूप से न्यूरोलॉजिकल इमरजेंसी में जीवनरक्षक साबित होगी और मरीजों को समय पर सटीक इलाज उपलब्ध कराने में मदद करेगी। वहीं न्यूरोसर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. सुमित गोयल ने कहा कि स्ट्रोक का इलाज समय पर निर्भर करता है और रैपिड एआई के जरिए स्कैन का त्वरित विश्लेषण कर सही समय पर उपचार शुरू किया जा सकता है, जिससे मृत्यु दर और विकलांगता में कमी लाई जा सकती है।

हॉस्पिटल में पहले से उपलब्ध कैथ लैब, 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के साथ अब इस नई तकनीक के जुड़ने से मरीजों को और अधिक प्रभावी एवं त्वरित उपचार मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रैपिड एआई तकनीक न केवल बीमारी की पहचान को तेज करती है, बल्कि बचाए जा सकने वाले दिमागी ऊतक की पहचान कर उपचार की समय-सीमा को भी बढ़ाती है। इससे स्ट्रोक जैसे गंभीर मामलों में मरीजों के जीवन की रक्षा और बेहतर रिकवरी की संभावना में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

इस पहल के साथ यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में आधुनिक और उन्नत न्यूरो केयर सेवाओं को नई दिशा देने का प्रयास किया है।

Gaurav sharma
Abhishek Sharma

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