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YEIDA Authority News : ‘मेवा से मेगा निवेश तक’: वंडरलैंड फूड्स का यूपी में बड़ा दांव, यमुना एक्सप्रेसवे पर ₹240 करोड़ की ग्रीनफील्ड यूनिट, 750 महिलाओं को मिलेगा रोजगार, यूपी सरकार के साथ MoU, निवेश को मिली रफ्तार, विदेशी निवेश का भरोसा ₹140 करोड़ का FDI

ग्रेटर नोएडा / यमुना सिटी, रफ़्तार टूडे। भारत में हेल्दी स्नैकिंग की बदलती परिभाषा और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच वंडरलैंड फूड्स ने उत्तर प्रदेश में ऐसा कदम उठाया है, जिसे न सिर्फ औद्योगिक निवेश बल्कि महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और ग्रीन इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। प्रीमियम नट्स और ड्राई फ्रूट्स के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी वंडरलैंड फूड्स अब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में लगभग ₹240 करोड़ के निवेश से एक अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड नट्स एवं ड्राई फ्रूट्स प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने जा रही है।

प्रकृति, पोषण और प्रगति—तीनों का संगम

वंडरलैंड फूड्स का ब्रांड दर्शन हमेशा से प्रकृति की श्रेष्ठता, शुद्धता और पोषण पर आधारित रहा है। आज जब भारत का उपभोक्ता हेल्दी विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहा है, तब यह कंपनी न केवल स्वाद बल्कि गुणवत्ता, ट्रेसबिलिटी और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स पर भी विशेष ध्यान दे रही है। यही कारण है कि वंडरलैंड फूड्स को आज देश के प्रीमियम नट्स और ड्राई फ्रूट्स ब्रांड्स में अग्रणी माना जाता है।

यूपी सरकार के साथ MoU, निवेश को मिली रफ्तार

अपने विस्तार की रणनीति के तहत वंडरलैंड फूड्स ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अंतर्गत YEIDA क्षेत्र को औद्योगिक निवेश का नया केंद्र बनाने की दिशा में यह परियोजना बेहद अहम मानी जा रही है।
यह यूनिट न सिर्फ उत्पादन क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि यमुना एक्सप्रेसवे को फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में स्थापित करने में भी सहायक होगी।

विदेशी निवेश का भरोसा: ₹140 करोड़ का FDI

इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें आशा वेंचर्स फंड–I और ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट पीएलसी (यूनाइटेड किंगडम सरकार का उपक्रम) द्वारा कुल ₹140 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) किया जा रहा है।
यह निवेश न केवल वंडरलैंड फूड्स के बिजनेस मॉडल पर वैश्विक भरोसे को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि यूपी अब इंटरनेशनल इन्वेस्टर्स के लिए भरोसेमंद डेस्टिनेशन बन चुका है।

30,000 वर्ग मीटर भूमि, औद्योगिक विकास को नया आयाम

दिनांक 17 दिसंबर 2025 को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) श्री राकेश कुमार सिंह ने सेक्टर 8D में स्थित 30,000 वर्ग मीटर औद्योगिक भूमि का आशय पत्र (Letter of Intent) वंडरलैंड फूड्स के चेयरमैन श्री राकेश कुमार गुप्ता को सौंपा। इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) श्री शैलेंद्र भाटिया और श्री राजेश कुमार भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान YEIDA अधिकारियों ने निवेशकों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

24 महीनों में उत्पादन शुरू होने की संभावना

कंपनी सूत्रों के अनुसार, भूमि का कब्जा मिलने के बाद 24 महीनों के भीतर उत्पादन शुरू करने की योजना है। यह यूनिट आधुनिक मशीनरी, फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स और ग्रीन एनर्जी सॉल्यूशंस से लैस होगी, जिससे पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा। यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी नीतियों को भी मजबूती प्रदान करेगी।

महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनेगी यह यूनिट

वंडरलैंड फूड्स के संस्थापक श्री राकेश कुमार गुप्ता के अनुसार, यह परियोजना सामाजिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस यूनिट के माध्यम से समाज के कमजोर वर्ग से आने वाली 750 से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
महिलाओं को न केवल रोजगार बल्कि स्किल डेवलपमेंट, सुरक्षित कार्य वातावरण और स्थायी आय का अवसर भी प्रदान किया जाएगा। यह पहल महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में देखी जा रही है।

₹800 करोड़ सालाना राजस्व का लक्ष्य

परियोजना के पूर्ण रूप से परिचालन में आने के बाद कंपनी को प्रति वर्ष ₹800 करोड़ से अधिक के राजस्व की उम्मीद है। इससे न केवल राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय सप्लाई चेन, ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

यमुना एक्सप्रेसवे बनता जा रहा फूड प्रोसेसिंग हब

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल पॉलिसीज के चलते यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र तेजी से निवेशकों की पसंद बनता जा रहा है। वंडरलैंड फूड्स की यह यूनिट आने वाले समय में अन्य फूड प्रोसेसिंग कंपनियों को भी यहां निवेश के लिए प्रेरित कर सकती है।

YEIDA और यूपी सरकार की निवेशक-हितैषी नीति

YEIDA अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल जमीन आवंटन नहीं, बल्कि ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस, तेज अनुमतियां और बुनियादी ढांचे की बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। वंडरलैंड फूड्स जैसी परियोजनाएं इस नीति की सफलता का प्रमाण हैं।

स्थानीय युवाओं और किसानों को भी मिलेगा लाभ

इस यूनिट के स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं किसानों को भी ड्राई फ्रूट्स और एग्री-बेस्ड सप्लाई चेन से जोड़ने के अवसर बढ़ेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

वंडरलैंड फूड्स का यह निवेश केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और अंतरराष्ट्रीय निवेश का संगम है। यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में ₹240 करोड़ की यह ग्रीनफील्ड यूनिट आने वाले वर्षों में न सिर्फ कंपनी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को फूड प्रोसेसिंग सेक्टर का मजबूत केंद्र बनाने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगी।

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