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Breaking News : त्रिकुटा पहाड़ियों पर त्रासदी वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भीषण भूस्खलन, 31 मौतें, जम्मू-कटरा हाईवे बंद, 22 ट्रेनें रद्द, श्रद्धालुओं में दहशत और मातम का माहौल, प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री ने जताई चिंता – हालात पर रखेंगे सीधी नजर

जम्मू, रफ़्तार टुडे।
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के लिए बुधवार की सुबह कभी न भूलने वाला दर्द लेकर आई। पवित्र गुफा मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर अर्द्धकुंवारी के इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास अचानक हुए भारी भूस्खलन ने हज़ारों श्रद्धालुओं के बीच अफरातफरी मचा दी। इस भीषण हादसे में अब तक 31 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई श्रद्धालुओं के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद श्रद्धालुओं में मातम का माहौल है और क्षेत्र में हाहाकार मच गया है।

लगातार बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, हालात बेहद गंभीर

जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में पिछले तीन दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है। इसी के चलते पहाड़ों की मिट्टी ढीली पड़ गई और त्रिकुटा पर्वत पर यह बड़ा हादसा घटित हो गया। जम्मू-कटरा हाईवे को फिलहाल बंद कर दिया गया है और नॉर्दर्न रेलवे ने 22 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि 27 ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है। बारिश ने हालात इतने बिगाड़ दिए हैं कि जम्मू के निचले इलाकों में जलभराव, पुल ढहने और बिजली लाइनों के क्षतिग्रस्त होने जैसी घटनाएँ भी सामने आई हैं।

अर्द्धकुंवारी में अफरातफरी – श्रद्धालु मलबे में दबे

हादसा अर्द्धकुंवारी के इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास हुआ, जहां उस समय भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। अचानक पहाड़ी से चट्टानें और मिट्टी खिसकने लगीं और देखते ही देखते पूरा क्षेत्र मलबे में तब्दील हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कई श्रद्धालु वहां से निकल भी नहीं पाए और मलबे के नीचे दब गए। यह दृश्य इतना भयावह था कि चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।

NDRF और SDRF की टीमें जुटीं – रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाई

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और NDRF व SDRF की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन लगातार बारिश और पहाड़ी से पत्थरों के खिसकते रहने की वजह से ऑपरेशन में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन ने कहा कि प्राथमिकता श्रद्धालुओं की जान बचाने और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की है।

घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया

सूत्रों के अनुसार हादसे में घायल हुए 50 से अधिक श्रद्धालुओं को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं और घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।

जम्मू-कश्मीर में हालात नाजुक – पुल ढहे, बिजली व्यवस्था चरमराई

भूस्खलन की वजह से जम्मू संभाग में अब तक तीन और लोगों की मौत हो चुकी है। 24 से ज्यादा घर और पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वहीं, जम्मू शहर समेत कई इलाकों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हुआ है, जिससे श्रद्धालुओं और उनके परिजनों को आपस में संपर्क करने में कठिनाई हो रही है।

प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री ने जताई चिंता – हालात पर रखेंगे सीधी नजर

प्रधानमंत्री मोदी जी व जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना पर गहरा दुख जताया और कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से हालात की निगरानी करेंगे। उन्होंने श्रीनगर से तुरंत जम्मू के लिए रवाना होने का ऐलान किया। साथ ही प्रशासन को राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिना आवश्यकता यात्रा मार्ग पर न निकलें।

श्रद्धालुओं में दहशत, यात्रा पर बड़ा संकट

वैष्णो देवी यात्रा हर साल लाखों भक्तों के लिए आस्था का सबसे बड़ा पर्व होती है। लेकिन इस हादसे ने न केवल श्रद्धालुओं को झकझोर दिया है, बल्कि देशभर में चिंता का माहौल बना दिया है। जो श्रद्धालु अभी भी यात्रा मार्ग पर फंसे हुए हैं, उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक फिलहाल यात्रा को स्थगित कर दिया गया है।

त्रासदी से सीख लेने का समय

यह हादसा प्राकृतिक आपदाओं के सामने इंसान की लाचारी को एक बार फिर उजागर करता है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन और केंद्र सरकार के लिए यह बड़ी चुनौती है कि वे न केवल तत्काल राहत कार्य को तेज़ करें, बल्कि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचाव के लिए ठोस इंतजाम भी करें। श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा एक आस्था का पर्व है, लेकिन सुरक्षित वातावरण के बिना यह आस्था जीवन पर भारी पड़ सकती है।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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