Noida Airport News : “जेवर एयरपोर्ट की असली कहानी”, डॉ. महेश शर्मा का बड़ा खुलासा—कभी सफई-आगरा शिफ्ट करने की थी कोशिश, अब 28 मार्च 2026 को होगा ऐतिहासिक लोकार्पण, “2017 के बाद बदली तस्वीर”: योगी सरकार ने बनाया ड्रीम प्रोजेक्ट, “PM मोदी पर है पूरा विश्वास” सांसद का भावनात्मक बयान

जेवर/ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) को लेकर भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि आज जिस मेगा प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का “ड्रीम प्रोजेक्ट” कहा जा रहा है, उसकी नींव उन्होंने वर्ष 2014-15 में ही रख दी थी—जब उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं थी।
“अगर तब पहल नहीं करता, तो जेवर नहीं कहीं और होता एयरपोर्ट”
डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि जब उन्होंने जेवर एयरपोर्ट का प्रस्ताव आगे बढ़ाया, उस समय केंद्र में उनकी भूमिका अहम थी, लेकिन उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से इस एयरपोर्ट को सफई या आगरा शिफ्ट करने की कोशिशें की जा रही थीं।
सांसद के अनुसार, “अगर मैंने उस समय मजबूती से पहल नहीं की होती, तो यह एयरपोर्ट आज जेवर में नहीं बन रहा होता। यह कहीं और शिफ्ट हो सकता था।”
“एक साल तक फाइल रोकी”: बड़ा प्रशासनिक दावा
डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट को बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया। उनके अनुसार,
एयरपोर्ट को शिफ्ट करने की प्रक्रिया को रोकने के लिए
उन्होंने करीब एक साल तक फाइल को अपने उड्डयन विभाग में रोके रखा। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि परियोजना को जेवर से हटाया न जा सके और इसे सही स्थान पर विकसित किया जा सके।
“2017 के बाद बदली तस्वीर”: योगी सरकार ने बनाया ड्रीम प्रोजेक्ट
सांसद ने बताया कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद इस परियोजना को नई गति मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट घोषित किया और तेजी से कार्य आगे बढ़ाया।
इसके बाद 25 सितंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से इसका शिलान्यास किया, जो इस प्रोजेक्ट के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ।
“अब 28 मार्च 2026 को होगा ऐतिहासिक दिन”: लोकार्पण की तैयारी
डॉ. महेश शर्मा ने जानकारी दी कि अब यह बहुप्रतीक्षित परियोजना अपने अंतिम चरण में है और 28 मार्च 2026 को इसका लोकार्पण प्रस्तावित है। यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए एक इंफ्रास्ट्रक्चर गेमचेंजर साबित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में से एक होगा, जो
रोजगार के लाखों अवसर पैदा करेगा
औद्योगिक निवेश को आकर्षित करेगा
और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को वैश्विक कनेक्टिविटी से जोड़ देगा
“मोदी पर है पूरा विश्वास”: सांसद का भावनात्मक बयान
सांसद डॉ. महेश शर्मा ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की जमकर सराहना की।
उन्होंने कहा,
“हमें प्रधानमंत्री मोदी पर पूरा विश्वास है। वह नवयुग के निर्माता हैं। ऐसे नेता धरती पर बार-बार नहीं आते।”
यह बयान उन्होंने एयरपोर्ट के शुभारंभ को लेकर आयोजित कार्यक्रम के संदर्भ में दिया, जहां उन्होंने विकास और नेतृत्व की नई दिशा की बात कही।
“राजनीति से विकास तक”: जेवर एयरपोर्ट बना सियासी और आर्थिक केंद्र
जेवर एयरपोर्ट अब सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं रहा, बल्कि यह राजनीतिक विमर्श
विकास की प्रतिस्पर्धा
और क्षेत्रीय पहचान
का केंद्र बन चुका है।
जहां एक ओर इसे भाजपा सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके शुरुआती संघर्ष और राजनीतिक खींचतान की कहानी भी अब सामने आ रही है।
“संघर्ष से साकार तक की कहानी”
जेवर एयरपोर्ट की कहानी सिर्फ निर्माण की नहीं, बल्कि
राजनीतिक इच्छाशक्ति
प्रशासनिक रणनीति
और दीर्घकालिक विजन की कहानी है। डॉ. महेश शर्मा के दावों ने इस प्रोजेक्ट के पीछे की अंदरूनी प्रक्रिया को उजागर किया है, जो इसे और भी दिलचस्प और ऐतिहासिक बनाता है।



