Greater Noida West News : ग्रेटर नोएडा वेस्ट की इस सोसाइटी में लिफ्ट बनी कालकोठरी, 20 मिनट तक कैद रहे 10 से अधिक लोग, सांस अंदर और बाहर की बाहर, प्रबंधन की लापरवाही उजागर, बटन ने किया धोखा – अंदर मची चीख-पुकार, बेसमेंट से मिली उम्मीद – शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की नामी सोसाइटी अजनारा होम्स में शुक्रवार की शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एम टावर की एक लिफ्ट ओवरलोड होने के कारण रिसेप्शन और बेसमेंट के बीच अचानक रुक गई। इस लिफ्ट में 10 से अधिक लोग करीब 20 मिनट तक अंदर कैद रहे। घबराए लोगों की हालत बिगड़ने लगी, वहीं सबसे बड़ा संकट यह रहा कि उस जगह मोबाइल नेटवर्क न होने की वजह से कोई भी मदद के लिए कॉल नहीं कर सका।
अंततः बेसमेंट में मौजूद एक व्यक्ति ने उनकी चीखें सुनकर सुरक्षा और मेंटेनेंस टीम को सूचना दी। काफी मशक्कत के बाद लिफ्ट को खोला गया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। हालांकि इस घटना ने सोसाइटी के निवासियों में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बटन ने किया धोखा – अंदर मची चीख-पुकार
एम टावर के निवासी दिनकर पांडे ने बताया कि जब वह अन्य निवासियों के साथ रिसेप्शन से लिफ्ट में चढ़े तो पहले से ही अंदर लगभग 10 लोग मौजूद थे। जैसे ही लिफ्ट का दरवाजा बंद हुआ, लिफ्ट बीच रास्ते में फंस गई और कोई भी बटन काम करना बंद कर गया।
लिफ्ट के अंदर मौजूद लोग चीखने-चिल्लाने लगे, लेकिन नेटवर्क न होने के कारण मदद के लिए कॉल करना नामुमकिन हो गया। कुछ लोग घबराहट के कारण पसीने-पसीने हो गए तो बच्चों और बुजुर्गों की हालत और ज्यादा खराब हो गई।
बेसमेंट से मिली उम्मीद – शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
करीब 20 मिनट तक कैद रहे लोग लिफ्ट के अंदर से जोर-जोर से आवाज लगाते रहे। उनकी आवाजें बेसमेंट तक पहुंचीं। वहां मौजूद एक व्यक्ति ने तुरंत मेंटेनेंस टीम को बुलाया।
कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत की और लिफ्ट का दरवाजा खोला। इसके बाद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान वहां अफरा-तफरी का माहौल था और बाहर खड़े परिजन भी चिंतित दिखाई दिए।
सोसाइटी प्रबंधन पर निवासियों का गुस्सा
घटना के बाद निवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने प्रबंधन और मेंटेनेंस टीम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि सोसाइटी की लिफ्टों का अभी तक रजिस्ट्रेशन तक नहीं हुआ है।
पिछले एक महीने में कई बार लिफ्ट फंसने की घटनाएं हो चुकी हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद मेंटेनेंस टीम सुधारात्मक कदम उठाने में विफल रही है।
“सांस अंदर और बाहर की बाहर” – दहशत में रहे लोग
लिफ्ट में फंसे लोगों ने बताया कि जैसे ही लिफ्ट रुकी, अंदर सांस लेने में तकलीफ होने लगी। हवा कम महसूस हो रही थी और घबराहट बढ़ती जा रही थी।
एक निवासी ने कहा – “20 मिनट का वह वक्त हमारे लिए किसी कालकोठरी में बिताए गए घंटों जैसा था। सांस अटक रही थी, बच्चों की हालत बिगड़ रही थी। हमें लगा कि शायद अब जिंदा बाहर निकलना मुश्किल होगा।”
बार-बार की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
अजनारा होम्स में रहने वाले निवासियों का कहना है कि लिफ्ट से जुड़ी परेशानियां नई नहीं हैं। पिछले कुछ महीनों में बार-बार लिफ्ट फंसने और तकनीकी खराबी की शिकायतें सामने आई हैं।
लोगों का कहना है कि प्रबंधन ने सिर्फ अस्थायी मरम्मत कराकर मामले को टालने की कोशिश की है। अगर समय रहते इस पर गंभीर ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
निवासियों की चिंता – “कब सुरक्षित महसूस करेंगे?”
इस घटना ने एक बार फिर सोसाइटी निवासियों की सुरक्षा को सवालों के घेरे में ला दिया है। लोग पूछ रहे हैं कि “हम अपने ही घर में कब सुरक्षित महसूस करेंगे?”
लोगों का कहना है कि महंगे फ्लैट खरीदने और भारी-भरकम मेंटेनेंस शुल्क देने के बावजूद अगर उनकी जान खतरे में रहती है तो यह प्रबंधन की बड़ी विफलता है।
प्राधिकरण और प्रशासन से जांच की मांग
निवासियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन से मांग की है कि सोसाइटी में लगे सभी लिफ्टों की तकनीकी जांच कराई जाए। जिन लिफ्टों का रजिस्ट्रेशन और सुरक्षा जांच नहीं हुई है, उन्हें तुरंत बंद किया जाए। दोषी प्रबंधन और मेंटेनेंस टीम पर सख्त कार्रवाई की जाए।
लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए तो वे सोसाइटी परिसर में विरोध प्रदर्शन करेंगे।



