Gl bajaj College News : तकनीक और चिकित्सा का संगम, जी.एल. बजाज में गूंजा ‘MEDHA 2025’ – 36 घंटे का मेडिकल डिवाइस हैकथॉन बना, नवाचार का महाकुंभ!, युवा नवाचारियों का बढ़ा हौसला, भविष्य में और बड़े मंचों पर मौका, तकनीक से मानवता की सेवा की दिशा में एक और बड़ा कदम

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। तकनीक और चिकित्सा का संगम देखने को मिला जी.एल. बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित ‘MEDHA 2025’ के दौरान। यह 36 घंटे का मेडिकल डिवाइस हैकथॉन देशभर से आए 150 से अधिक प्रतिभागियों के लिए नवाचार का एक जीवंत मंच साबित हुआ। कार्यक्रम का आयोजन IIT बॉम्बे के BETiC (Biomedical Engineering and Technology Incubation Centre) के सहयोग से किया गया।
इस आयोजन का मकसद था – स्वास्थ्य क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों के लिए तकनीकी समाधान तैयार करना, जिससे भारत के हेल्थकेयर सेक्टर को एक नई दिशा मिले।
जब तकनीक मिली संवेदना से – जी.एल. बजाज बना नवाचार और स्वास्थ्य समाधान का केंद्र
यह 36 घंटे का मेडिकल डिवाइस हैकथॉन देशभर से आए 150 से अधिक प्रतिभागियों के लिए नवाचार का एक जीवंत मंच साबित हुआ। कार्यक्रम का आयोजन IIT बॉम्बे के BETiC (Biomedical Engineering and Technology Incubation Centre) के सहयोग से किया गया।
नवाचार की रातें और सृजन की सुबहें: 36 घंटे का रोमांचक सफर
7–8 अक्टूबर 2025 को आयोजित इस नवाचार मैराथन ने ग्रेटर नोएडा के शैक्षणिक माहौल में ऊर्जा भर दी।
36 घंटों तक लगातार चलने वाले इस इवेंट में प्रतिभागियों ने मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, फिजियोथेरेपी, मेडिसिन, साइंस और फार्मेसी जैसे विविध क्षेत्रों से मिलकर टीम बनाई और असली क्लिनिकल समस्याओं के समाधान पर काम किया। रात भर चलने वाले कोडिंग, मॉडलिंग, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट और मेडिकल इनोवेशन के इस संगम ने यह साबित किया कि जब युवाओं में जोश और मिशन एक साथ हो, तो चमत्कार जन्म लेता है।
उद्घाटन में प्रेरणा और समापन में सम्मान
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि श्री एस. पी. मिश्रा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा “तकनीकी ज्ञान तभी सार्थक है जब उसमें मानवता की संवेदना जुड़ी हो।
MEDHA जैसा मंच युवाओं को न सिर्फ सोचने बल्कि समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा देता है।”
समापन समारोह के मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता, निदेशक, गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (GIMS) ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि “यह देखकर गर्व होता है कि आने वाली पीढ़ी न केवल तकनीक समझती है बल्कि उसे मानव कल्याण के लिए उपयोग में लाने की इच्छा भी रखती है।”
डॉक्टरों ने दीं असली चुनौतियाँ, इंजीनियरों ने खोजे समाधान
इस हैकथॉन की सबसे बड़ी खासियत रही कि इसमें डॉक्टरों ने वास्तविक क्लिनिकल समस्याएँ प्रस्तुत कीं —
जैसे कि लो-कॉस्ट डायग्नोस्टिक डिवाइस, रीहैबिलिटेशन टूल्स, इमरजेंसी मॉनिटरिंग सिस्टम, AI आधारित मेडिकल असिस्टेंस टूल्स, और हॉस्पिटल में रोगी प्रबंधन के स्मार्ट समाधान। वहीं दूसरी ओर, इंजीनियरिंग और तकनीकी छात्रों ने अपने मेंटर्स के मार्गदर्शन में प्रोटोटाइप और हार्डवेयर सॉल्यूशन तैयार किए। इससे मेडिकल और इंजीनियरिंग जगत के बीच एक जीवंत सहयोग की नींव रखी गई।
निर्णायक मंडल में शामिल हुए देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ
कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में शारदा हॉस्पिटल, कैलाश हॉस्पिटल, GIMS और IIT बॉम्बे जैसे संस्थानों के विशेषज्ञ मौजूद थे। इन विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन नवाचार, उपयोगिता, सामाजिक प्रभाव और तकनीकी व्यवहार्यता के आधार पर किया।
सर्वश्रेष्ठ चयनित टीमें अब IIT बॉम्बे में होने वाले राष्ट्रीय स्तर के फाइनल राउंड में भाग लेंगी,
जहाँ उन्हें अपने मेडिकल इनोवेशन को देश के अग्रणी वैज्ञानिकों और निवेशकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
“मानवता की सेवा ही असली नवाचार है” – उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल
कार्यक्रम के दौरान जी.एल. बजाज के उपाध्यक्ष श्री पंकज अग्रवाल ने कहा “जी.एल. बजाज में हमारा उद्देश्य केवल शिक्षण नहीं, बल्कि ऐसा नवाचार विकसित करना है जो मानवता की सेवा करे।
MEDHA 2025 इसी विजन का प्रतीक है — जहाँ युवा इंजीनियर और डॉक्टर मिलकर भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा दे रहे हैं।”
निदेशक डॉ. प्रीति बजाज का संदेश: “तकनीक और चिकित्सा का संगम ही भविष्य है”
जी.एल. बजाज की निदेशक प्रो. (डॉ.) प्रीति बजाज ने कहा “यह आयोजन सिद्ध करता है कि तकनीक और चिकित्सा का संगम ही भविष्य की स्वास्थ्य प्रणाली की असली पहचान बनेगा। हमारे छात्र केवल तकनीकी रूप से सक्षम नहीं, बल्कि समाज की ज़रूरतों को समझने वाले इनोवेटर भी हैं।
मुझे अपने विद्यार्थियों और पूरी टीम पर गर्व है।”
नवाचार आधारित शिक्षा मॉडल का शानदार उदाहरण
‘MEDHA 2025’ ने एक बार फिर साबित किया कि जी.एल. बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं,
बल्कि एक ऐसा Innovation Ecosystem है जहाँ युवा सोचते हैं, बनाते हैं और समाज को कुछ नया देने का सपना देखते हैं। संस्थान की यह पहल ‘Atmanirbhar Bharat’ और ‘Make in India’ मिशन की भावना को भी आगे बढ़ाती है,
क्योंकि स्वास्थ्य उपकरणों में स्वदेशी तकनीक का विकास भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है।
युवा नवाचारियों का बढ़ा हौसला, भविष्य में और बड़े मंचों पर मौका
MEDHA 2025 के बाद चयनित टीमों को न केवल IIT बॉम्बे में भाग लेने का अवसर मिलेगा,
बल्कि उनके विचारों को इन्क्यूबेशन, पेटेंट और निवेश तक पहुंचाने की दिशा में भी सहयोग मिलेगा।
इस पहल से कई स्टार्टअप्स को जन्म मिलने की उम्मीद है, जो आने वाले वर्षों में भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में क्रांति ला सकते हैं।
तकनीक से मानवता की सेवा की दिशा में एक और बड़ा कदम
अंत में यह कहा जा सकता है कि MEDHA 2025 केवल एक प्रतियोगिता नहीं,
बल्कि यह “Technology with Empathy” का ऐसा संदेश है जिसने तकनीक को इंसानियत से जोड़ दिया।
यह आयोजन भारत के युवा मस्तिष्कों की उस शक्ति का प्रमाण है, जो आने वाले कल का हेल्थकेयर भारत तैयार करने के लिए तत्पर है।



