Noida International Airport News : इंतजार खत्म नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उड़ान भरने को तैयार, 30 अक्टूबर को PM मोदी कर सकते है एयरपोर्ट का उद्घाटन, यूपी की तस्वीर बदलेगी और यात्रियों को मिलेगी नई सहूलियत, ग्रीन टेक्नोलॉजी वाला एयरपोर्ट, दिल्ली एनसीआर समेत वेस्ट यूपी की बदलेगी की आर्थिक हालात

नोएडा/जेवर, रफ़्तार टुडे। जिस सपने को लेकर लाखों लोगों ने वर्षों से इंतजार किया, वह अब पूरा होने जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) अपने पहले चरण की तैयारियों को लगभग पूरा कर चुका है और बहुत जल्द यहां से पहली उड़ान भरते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश को देश-दुनिया से जोड़ने का सपना साकार होगा। इस एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर का बोझ कम होगा, बल्कि पूरे यूपी की आर्थिक और औद्योगिक तस्वीर में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
पश्चिमी यूपी का भविष्य संवारने वाला एयरपोर्ट
नोएडा एयरपोर्ट के संचालन से वेस्ट यूपी को एक नया विकास इंजन मिलेगा। यह सिर्फ हवाई यात्राओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उद्योग, पर्यटन, निवेश और रोज़गार के नए दरवाजे खोलेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में यहां बनने वाला मल्टी-मोडल कार्गो हब देश का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र साबित हो सकता है।
आंकड़ों में समझें जेवर एयरपोर्ट की ताकत
कुल लागत: ₹29,561 करोड़
पहले चरण की यात्री क्षमता: 1.2 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष
पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल बिल्डिंग
क्षमता विस्तार: 2040 तक 7 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष
एक साथ खड़े हो सकेंगे 50 एयरक्राफ्ट
कुल चार चरणों में होगा निर्माण, जिसमें दो रनवे और चार टर्मिनल होंगे।
IGI एयरपोर्ट का दबाव होगा कम
वर्तमान में दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षमता से कहीं अधिक यात्रियों का भार उठा रहा है। नोएडा एयरपोर्ट शुरू होते ही यात्रियों का दबाव बंट जाएगा। इससे NCR, उत्तराखंड, राजस्थान और पश्चिमी यूपी के यात्रियों को दिल्ली तक लंबा सफर नहीं करना पड़ेगा।

निर्माण कार्य अंतिम पड़ाव पर
एयरपोर्ट के पहले चरण के तहत रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टावर और सुरक्षा इंतजामों का काम तेज़ी से पूरा किया जा रहा है। अक्टूबर तक टर्मिनल बिल्डिंग का काम पूरा करने का लक्ष्य।अत्याधुनिक एटीआरएस मशीनों से सुरक्षा जांच होगी।यात्रियों के लिए 103 सुरक्षा टावर और सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा।
यात्रियों के लिए हाईटेक सुविधाएं
नोएडा एयरपोर्ट यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगा।
हाई-स्पीड इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी
डिजिटल टिकटिंग और स्मार्ट बैगेज हैंडलिंग
प्रीमियम लाउंज, रेस्टोरेंट और बच्चों के लिए विशेष प्ले ज़ोन
मेडिकल सुविधा और अत्याधुनिक शॉपिंग एरिया
बेहतरीन कनेक्टिविटी होगी उपलब्ध
नोएडा एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका बेहतर कनेक्टिविटी नेटवर्क होगा।
यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव।
ग्रेटर नोएडा से एयरपोर्ट तक मेट्रो कनेक्शन।
प्रस्तावित बुलेट ट्रेन का एक स्टेशन भी यहीं होगा।
औद्योगिक निवेश और रोज़गार की नई लहर
एयरपोर्ट के संचालन से जेवर और उसके आसपास के क्षेत्र में उद्योगों का तेजी से विकास होगा। एयरपोर्ट के पास जर्मन, जापानी और कोरियाई कंपनियां निवेश करने में रुचि दिखा रही हैं। कार्गो हब से व्यापारियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिलेगी। अनुमान है कि लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
कब से शुरू हुआ सफर?
2017 – परियोजना को राज्य सरकार से मंजूरी मिली।
2018 – औपचारिक स्वीकृति और जमीन अधिग्रहण की शुरुआत।
2021 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट का शिलान्यास किया।
2025 – पहला चरण पूरा, उड़ान भरने को तैयार।

ग्रीन टेक्नोलॉजी वाला एयरपोर्ट
यह एयरपोर्ट भारत का पहला नेट जीरो कार्बन एमिशन एयरपोर्ट बनने जा रहा है। यहां ऊर्जा का बड़ा हिस्सा सोलर पावर से प्राप्त किया जाएगा और पानी का पुनर्चक्रण किया जाएगा।
यूपी के लिए मील का पत्थर
नोएडा एयरपोर्ट का शुभारंभ सिर्फ हवाई कनेक्टिविटी नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की प्रगति का प्रतीक होगा। आने वाले समय में यह एयरपोर्ट न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर बल्कि पूरे उत्तर भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।
स्थानीय लोगों की उम्मीदें
जेवर और आसपास के गांवों के लोग इस प्रोजेक्ट को अपनी जिंदगी बदलने वाला मान रहे हैं। जमीन देने वाले किसानों का कहना है कि एयरपोर्ट से क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधाएं बेहतर होंगी।



