शिक्षाग्रेटर नोएडा

Ryan School News : “किताबों से फैक्ट्री फ्लोर तक का सफर”, रयान इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा के विद्यार्थियों ने वैलहॉल एक्सपोर्ट्स प्रा. लि. के औद्योगिक दौरे में सीखी ‘इंडस्ट्री की असली भाषा’, अनुभव से बढ़ी समझ और आत्मविश्वास

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। शिक्षा अब सिर्फ किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं रही। आधुनिक युग में सीखने का अर्थ है — अनुभव से समझना, देखना और जानना कि वास्तविक दुनिया कैसे काम करती है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए रयान इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा ने अपने विद्यार्थियों के लिए एक शानदार अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम (Experiential Learning Program) आयोजित किया।

इस कार्यक्रम के तहत कक्षा 10वीं और 11वीं के छात्रों ने कपड़ा निर्यात क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी वैलहॉल एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का औद्योगिक भ्रमण किया। इस दौरे ने छात्रों को वास्तविक उद्योग जगत की झलक दिखाई, जहाँ उन्होंने न केवल वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया को समझा, बल्कि एक संगठित टीमवर्क, गुणवत्ता नियंत्रण और वैश्विक बाजार की बारीकियों को भी करीब से जाना।

उद्योग का कक्षा में विस्तार — जब बच्चों ने देखा ‘थ्योरी’ को ‘प्रैक्टिकल’ बनते हुए

भ्रमण की शुरुआत कंपनी प्रबंधन द्वारा छात्रों के स्वागत से हुई। इसके बाद बच्चों को समूहों में विभाजित किया गया ताकि वे विभिन्न विभागों का व्यवस्थित अवलोकन कर सकें।
उन्होंने देखा कि कच्चे धागे और फैब्रिक कैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के तैयार परिधानों (Export Garments) में बदलते हैं।
वैलहॉल एक्सपोर्ट्स की उत्पादन इकाई में छात्रों ने कटिंग, स्टिचिंग, प्रिंटिंग, फिनिशिंग और पैकिंग जैसी हर प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा।

कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों ने समझाया कि कैसे मशीनों की सटीकता, कार्य अनुशासन और गुणवत्ता मानक (Quality Standards) किसी भी ब्रांड की सफलता का आधार होते हैं।
छात्रों ने जाना कि एक निर्यात आदेश (Export Order) के पीछे कितनी मेहनत, योजना और समयबद्धता की आवश्यकता होती है।

शिक्षण से अनुभव तक — “सीखा, देखा और समझा”

रयान इंटरनेशनल स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों में औद्योगिक समझ, टीम भावना और व्यावहारिक ज्ञान को विकसित करना था।
कक्षा में सीखी गई सिद्धांतात्मक अवधारणाओं जैसे उत्पादन प्रबंधन, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain), और गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) को वास्तविक रूप में देखने का यह अवसर बच्चों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ।

एक छात्रा ने उत्साहपूर्वक कहा “हमने किताबों में सीखा था कि ‘सप्लाई चेन’ क्या होती है, लेकिन जब हमने खुद देखा कि कैसे कपड़े को एक उत्पाद में बदला जाता है और फिर निर्यात के लिए पैक किया जाता है, तो वह अनुभव कभी नहीं भूलेंगे।”

प्रौद्योगिकी और रचनात्मकता का संगम — “टेक्सटाइल सिर्फ कपड़ा नहीं, एक कला है”

वैलहॉल एक्सपोर्ट्स के प्रोडक्शन हेड ने छात्रों को बताया कि आधुनिक तकनीक (Modern Technology) और कला (Creativity) मिलकर टेक्सटाइल इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि आज कपड़ा उद्योग में कंप्यूटर-एडेड डिजाइन (CAD), स्वचालित कटिंग मशीन, और डिजिटल प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग उत्पादन की गति और गुणवत्ता दोनों को बढ़ा रहा है।

बच्चों ने यह भी देखा कि कैसे हर कपड़े की गुणवत्ता की जांच (Inspection) की जाती है ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा किया जा सके।
कई छात्रों ने इस क्षेत्र में भविष्य में करियर बनाने की इच्छा भी जताई।

संवाद से बढ़ी समझ — “ग्लोबल ट्रेड का वास्तविक चेहरा”

भ्रमण के दौरान कंपनी के प्रबंध निदेशक ने विद्यार्थियों को बताया कि एक निर्यातक (Exporter) के लिए केवल उत्पाद अच्छा बनाना ही काफी नहीं होता, बल्कि ग्लोबल मार्केट की मांग, प्रतिस्पर्धा और नियमों की समझ भी बेहद जरूरी होती है।
उन्होंने समझाया कि कैसे भारतीय वस्त्र उद्योग अपनी गुणवत्ता और डिज़ाइन के कारण विश्वभर में लोकप्रिय है।

विद्यार्थियों ने उनसे सवाल पूछे — जैसे कि “निर्यात के लिए क्या लाइसेंस चाहिए?”, “एक ऑर्डर की डिलीवरी में कितना समय लगता है?” और “विदेशी क्लाइंट्स से कैसे संपर्क किया जाता है?”
इन प्रश्नों के उत्तरों ने बच्चों में वैश्विक व्यापार (Global Business) की वास्तविकता के प्रति गहरी जिज्ञासा जगाई।

शिक्षकों और प्रबंधन की राय — “कक्षा से बाहर की सीख ही असली शिक्षा है”

विद्यालय की प्राचार्या ने कहा “रयान इंटरनेशनल स्कूल का उद्देश्य बच्चों को किताबों से परे सोचने के लिए प्रेरित करना है। इस तरह के औद्योगिक भ्रमण (Industrial Visits) छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाते हैं।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि शिक्षा अब केवल परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसे जीवन कौशल (Life Skills) और वास्तविक अनुभव (Real-World Exposure) से जोड़ना आवश्यक है।

छात्रों की प्रतिक्रियाएँ — “सीखने का यह तरीका मजेदार और यादगार रहा”

एक छात्र ने कह “हमने महसूस किया कि हर बड़ा उत्पाद छोटे-छोटे प्रयासों का नतीजा होता है। हर स्टिच, हर मशीन की आवाज़ मेहनत की कहानी कहती है।”

दूसरे छात्र ने जोड़ा “अब हमें समझ आया कि एक ब्रांड बनने में केवल डिजाइन नहीं, बल्कि टीमवर्क, तकनीक और समर्पण की भी भूमिका होती है।”

भ्रमण के अंत में बच्चों को कंपनी की ओर से “सर्टिफिकेट ऑफ लर्निंग” प्रदान किया गया।

शिक्षा जब अनुभव से जुड़ती है, तब होती है पूर्ण”

वैलहॉल एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का यह औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए केवल एक सैर नहीं, बल्कि भविष्य की ओर एक प्रेरक कदम था।
इस अनुभव ने न केवल उन्हें औद्योगिक कार्यप्रणालियों से अवगत कराया, बल्कि यह भी सिखाया कि हर पेशे के पीछे समर्पण, नवाचार और अनुशासन की मजबूत नींव होती है।

इस तरह रयान इंटरनेशनल स्कूल ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि जब शिक्षा अनुभव के साथ जुड़ती है, तब वह वास्तव में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को आकार देती है।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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