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Surajpur Ramlila : सूरजपुर में श्री आदर्श रामलीला का दिव्य मंचन, सीता स्वयंवर और राम बारात ने बांधा समां, श्रद्धा-भक्ति के संग झूमे भक्तजन, राम बारात का आलौकिक दृश्य, सीता स्वयंवर का दिव्य मंचन

सूरजपुर, रफ़्तार टुडे। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक धरोहर के रंगों से सराबोर सूरजपुर की धरती शुक्रवार की शाम भगवान श्रीराम और माता सीता के पावन मिलन की साक्षी बनी। श्री आदर्श रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित भव्य रामलीला में सीता स्वयंवर का मंचन अद्वितीय आकर्षण का केंद्र रहा। भगवान श्रीराम की बारात जब बैंड-बाजों, घोड़ों और सजी-धजी बग्घियों पर सवार होकर निकली तो वातावरण जय श्रीराम और जय सीताराम के उद्घोष से गूंज उठा।

सूरजपुर में आयोजित सीता स्वयंवर और राम बारात का यह मंचन आने वाले वर्षों तक लोगों की स्मृतियों में जीवंत रहेगा। श्रद्धालु इसे एक अलौकिक अनुभव बताते नहीं थक रहे। निश्चित ही, इस आयोजन ने साबित कर दिया कि रामलीला हमारी परंपराओं का धरोहर है और इसकी महक पीढ़ियों तक समाज को जोड़ती रहेगी।

राम बारात का आलौकिक दृश्य

राम बारात का नजारा मानो किसी स्वर्गिक आयोजन जैसा था। मधुर बैंड की धुनें, घोड़ों की टापें और झूमते-गाते भक्तों की टोली ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह भक्तों ने फूल बरसाकर बारात का स्वागत किया। समिति पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं के नृत्य ने माहौल को उल्लास और उत्साह से भर दिया।

दीप प्रज्ज्वलन और मुख्य अतिथि का सम्मान

भव्य मंचन का शुभारंभ समाजसेवी जगवीर भाटी और देवेंद्र बैसला ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। श्री आदर्श रामलीला कमेटी ने उनका स्वागत विशेष स्मृति-चिह्न तलवार भेंट कर किया, जो धर्म और पराक्रम का प्रतीक है। इस सम्मान ने आयोजन की गरिमा को और भी बढ़ा दिया।

सीता स्वयंवर का दिव्य मंचन

रामलीला मंचन का सबसे खास और भावनात्मक क्षण था सीता स्वयंवर। शिवजी का भारी धनुष जब किसी से नहीं उठ पाया, तब भगवान श्रीराम ने सहजता से उसे उठाकर तोड़ दिया और माता सीता का वरण किया। यह दृश्य देखकर दर्शकों के रोम-रोम खड़े हो गए। मंचन इतना जीवंत और प्रभावशाली रहा कि लगा मानो त्रेता युग साक्षात सूरजपुर की धरती पर उतर आया हो।

भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा परिसर

पूरा आयोजन स्थल भक्ति और उत्साह के रंगों से रंगा दिखाई दिया। “जय श्रीराम” और “जय सीताराम” के उद्घोष से वातावरण गूंजता रहा। श्रद्धालु झूमते, नाचते और भक्ति भाव में डूबे हुए नजर आए। छोटे-बड़े सभी ने आयोजन में पूरे उत्साह से भाग लिया और इस दिव्य अवसर को अपनी यादों में सहेज लिया।

भव्यता और अनुशासन की रही चर्चा

रामलीला समिति की अनुशासित व्यवस्था और मंचन की भव्यता ने हर किसी का मन मोह लिया। मंच पर कलाकारों की शानदार प्रस्तुति, संगीत और संवाद अदायगी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रद्धालुओं ने आयोजन को सफल और अविस्मरणीय बनाने के लिए समिति के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

आस्था और संस्कृति का अद्वितीय संगम

यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक प्रस्तुति नहीं बल्कि समाज को जोड़ने वाला सांस्कृतिक उत्सव भी था। सीता स्वयंवर का मंचन लोगों को मर्यादा, धर्म और आदर्शों का संदेश देता रहा। सूरजपुर की यह रामलीला न सिर्फ धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक बनी बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया।

समिति पदाधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाई शोभा

आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में समिति पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से अध्यक्ष सतवीर भाटी, महासचिव एडवोकेट सतपाल शर्मा, प्रबंधक लक्ष्मण सिंघल, कोषाध्यक्ष विशाल गोयल, ओमवीर बैसला, पंडित राजेश ठेकेदार, विनोद पंडित तेल वाले, विनोद सिकंदराबादी, अशोक शर्मा, मूलचंद शर्मा, सुभाष शर्मा जींस वाले, रघुवीर जेसीबी वाले, पंडित कर्मवीर आर्य, मानक चंद्र शर्मा और प्रेमवीर शर्मा शामिल रहे। उनकी उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी ने पूरे कार्यक्रम की शोभा को और भव्य बना दिया।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़

Raftar Today
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