अथॉरिटीआम मुद्देग्रेटर नोएडाटॉप न्यूजताजातरीन

Greater Noida Authority News : “अब नहीं चलेगा कूड़ा फैलाने का खेल!” — ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के उल्लंघन पर की बड़ी कार्रवाई, Blinkit समेत कई संस्थाओं पर लगा जुर्माना!, स्मार्ट सिटी बनने की राह में ‘स्वच्छता’ पहला कदम

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा की सड़कों और गलियों में अब कचरा फैलाने वालों के दिन लदने वाले हैं! शहर को ‘क्लीन एंड ग्रीन’ बनाने की दिशा में ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। Solid Waste Management Rules 2016 के उल्लंघन पर प्राधिकरण ने कई संस्थानों और दुकानों पर जुर्माने की कार्रवाई की है।

अथॉरिटी का यह कदम उन लोगों के लिए स्पष्ट चेतावनी है जो अब भी कूड़े के निपटान में लापरवाही बरत रहे हैं। इस बार कार्रवाई के शिकंजे में आई हैं नामी कंपनियां और स्थानीय दुकानदार — जो खुले में कचरा फेंककर शहर की सफाई व्यवस्था को बिगाड़ रहे थे।

बड़ी कार्रवाई — Blinkit समेत कई संस्थानों पर गिरी गाज

प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक (स्वास्थ्य) राजेश कुमार के अनुसार, ग्रेटर नोएडा की छोटी मिलक स्थित Blinkit Commerce Company पर ₹21,000 का भारी जुर्माना लगाया गया है। कारण? कंपनी द्वारा कचरे का उचित सेग्रिगेशन (Segregation) और निपटान नहीं किया जा रहा था।

इसके अलावा, सेक्टर-2 के KV Plaza में स्थित Hina Kitchen पर ₹1,000 का जुर्माना और सेक्टर-3 के एक मकान मालिक पर ₹1,500 का जुर्माना लगाया गया है। इन सभी मामलों में मुख्य गलती यह पाई गई कि कचरा खुले में फेंका जा रहा था, जिससे इलाके में गंदगी फैल रही थी।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चलाया निरीक्षण अभियान

अथॉरिटी की स्वास्थ्य टीम, जिसमें निरीक्षक संजीव विधूड़ी और उनकी टीम शामिल थी, ने शहरभर में एक विशेष Inspection Drive चलाया। इस दौरान पाया गया कि कई दुकानों में डस्टबिन तक नहीं रखे गए थे। परिणामस्वरूप, आधा दर्जन दुकानों पर कुल ₹1,400 का जुर्माना ठोका गया।

टीम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी जुर्माने की राशि तीन कार्य दिवसों के भीतर जमा की जाए। जो ऐसा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ आगे और सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें व्यवसायिक लाइसेंस रद्द करने तक की चेतावनी शामिल है।

एसीईओ लक्ष्मी वी.एस. का सख्त संदेश — “हर नागरिक की जिम्मेदारी है सफाई”

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ लक्ष्मी वी.एस. ने कहा कि शहर को Clean and Green City बनाना सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि हर नागरिक और संस्थान की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा “Bulk Waste Generators जैसे कंपनियां, रेस्टोरेंट, हॉस्टल या बड़ी हाउसिंग सोसाइटियां कूड़े को सही तरीके से अलग करें, डस्टबिन का प्रयोग करें और प्राधिकरण के दिशानिर्देशों का पालन करें। सफाई सिर्फ एक विभाग का काम नहीं, बल्कि हम सबका नैतिक दायित्व है।”

उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने घरों और दुकानों से निकलने वाले कूड़े को इधर-उधर न फेंके, बल्कि Door-to-Door Collection System का प्रयोग करें, जिससे शहर में गंदगी न फैले।

स्मार्ट सिटी बनने की राह में ‘स्वच्छता’ पहला कदम

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी लगातार शहर को स्मार्ट सिटी की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। सड़कों की सफाई, ग्रीन बेल्ट का विस्तार, वेस्ट से एनर्जी प्रोजेक्ट्स और रीसाइक्लिंग यूनिट्स जैसी योजनाएं इसी मिशन का हिस्सा हैं।

स्वच्छता पर सख्ती के पीछे अथॉरिटी का स्पष्ट उद्देश्य है —
“हर गली, हर सड़क और हर मार्केट को कचरा-मुक्त बनाना।”

यह पहल आने वाले समय में ग्रेटर नोएडा को न केवल NCR की सबसे साफ-सुथरी सिटी बनाएगी, बल्कि अन्य जिलों के लिए भी एक रोल मॉडल साबित करेगी।

जुर्माना भरने की समय सीमा और भविष्य की सख्ती

प्राधिकरण ने संबंधित संस्थाओं को तीन दिनों का समय दिया है कि वे जुर्माने की राशि जमा करें। यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं हुआ, तो अगली कार्रवाई में सेवाएं निलंबित करने, व्यापार बंद करने या अतिरिक्त आर्थिक दंड लगाने तक की संभावना है।

साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि जल्द ही एक और स्वच्छता ऑडिट किया जाएगा, जिसमें नियम तोड़ने वाले प्रतिष्ठानों की लिस्ट तैयार की जाएगी।

नागरिकों की भागीदारी ही असली सफलता

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों का मानना है कि शहर की सफाई तभी संभव है जब नागरिक खुद इस अभियान का हिस्सा बनें। इसलिए उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे:

घरों में कचरा अलग-अलग रखें (Dry & Wet Waste Segregation)

डस्टबिन का प्रयोग करें

सड़कों या पार्कों में कूड़ा न फेंकें

और दूसरों को भी जागरूक करें।

मेरा शहर, मेरी जिम्मेदारी” – अब लोगों की बारी!

स्वच्छता को लेकर प्राधिकरण का ये कदम एक बड़ा संदेश देता है “अगर शहर साफ चाहिए, तो जिम्मेदारी सबकी है।”

अब सवाल यह नहीं कि कूड़ा कौन उठाएगा, बल्कि यह है कि कचरा कोई फैलाए ही क्यों?

ग्रेटर नोएडा में चल रही यह सख्ती सिर्फ जुर्माने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक स्वच्छ, हरित और स्मार्ट शहर की ओर कदम है। आने वाले समय में यदि नागरिक और संस्थान मिलकर काम करें, तो “क्लीन ग्रेटर नोएडा, ग्रीन ग्रेटर नोएडा” का सपना जल्द ही साकार हो सकता है।

Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button