Jewar Airport News : आसमान से जुड़ेगा संगम! प्रयागराज से जेवर एयरपोर्ट की सीधी उड़ान तय, नोएडा–ग्रेटर नोएडा का सफर होगा आसान, जल्द होना है जेवर एयरपोर्ट का शुभारंभ

जेवर/प्रयागराज, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश के हवाई नक्शे पर एक और ऐतिहासिक बदलाव की पटकथा लिखी जा चुकी है। नोएडा में बन रहा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब केवल दिल्ली-एनसीआर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संगम नगरी प्रयागराज को भी सीधे देश के सबसे महत्वाकांक्षी एयरपोर्ट प्रोजेक्ट से जोड़ने जा रहा है। प्रयागराज से जेवर एयरपोर्ट के लिए सीधी विमान सेवा शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। विमानन कंपनी इंडिगो इस रूट पर उड़ान भरेगी और इसे डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) के मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल में शामिल कर लिया गया है।
यह खबर न केवल प्रयागराज बल्कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, अलीगढ़ और मथुरा जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। जेवर एयरपोर्ट के शुभारंभ के साथ ही यह उड़ान सेवा भी शुरू कर दी जाएगी, जिसके बाद प्रयागराज से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर की दूरी कुछ घंटों में सिमट जाएगी।
जेवर एयरपोर्ट: यूपी के विकास की नई उड़ान
नोएडा के पास बन रहा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। इस एयरपोर्ट को एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में गिना जा रहा है। इसके शुरू होते ही न केवल दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा, बल्कि पूरे एनसीआर और पश्चिमी यूपी को नई आर्थिक रफ्तार मिलेगी।
अब प्रयागराज को इस एयरपोर्ट से जोड़ने का फैसला यह संकेत देता है कि सरकार और विमानन कंपनियां यूपी को हवाई कनेक्टिविटी के मजबूत नेटवर्क में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
समर शेड्यूल में मिली मंजूरी
डीजीसीए द्वारा मार्च माह के अंतिम सप्ताह से समर शेड्यूल 2026 लागू किया जाएगा। इसी शेड्यूल में प्रयागराज–जेवर के बीच सीधी उड़ान को शामिल कर लिया गया है।
हालांकि उड़ान की समय-सारिणी (टाइमिंग) जेवर एयरपोर्ट के औपचारिक शुभारंभ के बाद जारी की जाएगी, लेकिन मंजूरी मिलना ही यह साफ कर देता है कि अब यह सेवा ज्यादा दूर नहीं है।
विमानन विशेषज्ञों के मुताबिक, शुरुआती चरण में यह उड़ान सप्ताह में कई दिन संचालित की जा सकती है और यात्रियों की संख्या बढ़ने पर इसे डेली फ्लाइट में भी बदला जा सकता है।
दिल्ली के जाम से मिलेगी राहत
प्रयागराज एयरपोर्ट सलाहकार समिति के सदस्य मुरारी लाल अग्रवाल ने बताया कि अभी प्रयागराज से नोएडा या ग्रेटर नोएडा जाने वाले यात्रियों को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरना पड़ता है। वहां से सड़क मार्ग द्वारा नोएडा पहुंचने में घंटों लग जाते हैं, खासकर दिल्ली के भारी जाम के कारण।
उन्होंने कहा, “जेवर एयरपोर्ट के लिए प्रयागराज से सीधी विमान सेवा शुरू होने से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। अब लोगों को दिल्ली के ट्रैफिक में फंसने की मजबूरी नहीं रहेगी।”
पश्चिमी यूपी के लिए वरदान साबित होगी उड़ान
इस नई हवाई सेवा का लाभ सिर्फ नोएडा या ग्रेटर नोएडा तक सीमित नहीं रहेगा।
जेवर एयरपोर्ट से बेहतर रोड और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी के चलते अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, बुलंदशहर जैसे जिलों तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा।
कारोबारी वर्ग, आईटी प्रोफेशनल्स, छात्र और धार्मिक पर्यटन से जुड़े लोग इस सेवा से सबसे ज्यादा लाभान्वित होंगे। प्रयागराज धार्मिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण शहर है, वहीं नोएडा-ग्रेटर नोएडा औद्योगिक और आईटी हब के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। दोनों को जोड़ने वाली यह उड़ान आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगी।
इंडिगो भरेगी उड़ान
डीजीसीए के समर शेड्यूल में शामिल इस रूट पर इंडिगो एयरलाइंस उड़ान शुरू करेगी। इंडिगो पहले से ही प्रयागराज से देश के कई प्रमुख शहरों के लिए सेवाएं दे रही है। जेवर को अपने नेटवर्क में शामिल करना यह दर्शाता है कि एयरलाइंस को इस रूट पर अच्छी यात्री संख्या की उम्मीद है।
राजेश चावला, निदेशक, प्रयागराज एयरपोर्ट ने कहा—
“डीजीसीए के समर शेड्यूल में प्रयागराज से जेवर के बीच सीधी उड़ान शामिल कर ली गई है। इंडिगो इस सेवा को शुरू करेगी। इसके बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा, अलीगढ़ और मथुरा जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।”
यूपी की हवाई क्रांति को मिलेगा नया आयाम
एक तरफ अयोध्या, वाराणसी, लखनऊ और गोरखपुर जैसे शहरों में एयरपोर्ट्स का विस्तार हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ जेवर जैसे मेगा प्रोजेक्ट यूपी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हवाई मानचित्र पर मजबूत बना रहे हैं। प्रयागराज से जेवर की सीधी उड़ान इस हवाई क्रांति का एक और अहम अध्याय है।
जल्द खुलेगा जेवर एयरपोर्ट, बढ़ेगी उत्सुकता
अब सबकी निगाहें जेवर एयरपोर्ट के औपचारिक शुभारंभ पर टिकी हैं। जैसे ही एयरपोर्ट शुरू होगा, प्रयागराज–जेवर फ्लाइट की टाइमिंग और बुकिंग की प्रक्रिया भी सामने आ जाएगी। यात्रियों, कारोबारियों और आम लोगों के लिए यह सिर्फ एक नई उड़ान नहीं, बल्कि समय, सुविधा और विकास की नई ऊंचाई है—जिसमें प्रयागराज से उड़कर सीधे जेवर की धरती पर उतरना अब सपना नहीं, हकीकत बनने जा रहा है।



