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Noida Authority News : नोएडा क्षेत्र में नॉएडा प्राधिकरण की बड़ी पहल, नौ घनी आबादी वाले ग्रामों में सफाई, सीवर और जलापूर्ति व्यवस्था के सुधार हेतु चला विशेष अभियान, मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम. ने दिए निर्देश, विकास की नई रफ्तार नौ गांवों में शुरू हुआ सुधार अभियान

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा अथॉरिटी) ने अपने क्षेत्र के घनी आबादी वाले नौ प्रमुख ग्रामों — बरेला, सतलापुर, छछरौली, मिजारो, सर्फाबाद, सतलापुर, मोरना, याकूबपुर और भंगेल में व्यापक सुधार अभियान की शुरुआत की है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री लोकेश एम. की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जलापूर्ति, सफाई, सीवर लाइन, सड़कों की मरम्मत और नालियों की सफाई जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री कृष्णा करुणेश, महाप्रबंधक (सिविल/जन स्वास्थ्य) श्री महेन्द्र सिंह, महाप्रबंधक (जल/विद्युत) श्री आर.एन.पी. सिंह, तथा अन्य वरिष्ठ अभियंता और अधिकारी मौजूद रहे।

सीवर और जलापूर्ति व्यवस्था में व्यापक सुधार के निर्दे

सीईओ लोकेश एम. ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सीवर जाम, ओवरफ्लो और जलभराव जैसी समस्याएं नागरिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर हैं, इसलिए प्राथमिकता के साथ उनका समाधान आवश्यक है।

उन्होंने निर्देश दिए कि —

1. सभी चयनित गांवों में सीवर लाइन और मेन हॉल की सफाई का एक महीने का विशेष अभियान चलाया जाए।

2. जिन ग्रामों में सीवर ओवरफ्लो की शिकायतें हैं, वहां छोटे सम्पवेल बनाकर पंपिंग सेट लगाए जाएं ताकि गंदे पानी की निकासी सुनिश्चित की जा सके।

3. छोटी सीवर लाइनों को बड़ी लाइनों से जोड़ा जाए और ग्राम सीमाओं के बाहर छोटे पंपिंग स्टेशन निर्मित किए जाएं ताकि जल निकासी में बाधा न हो।

स्वच्छता मिशन: सड़कों और नालियों की सफाई पर जोर

जन स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि वे उपरोक्त सभी गांवों में एक महीने का सघन नाली सफाई अभियान चलाएं।
जिन क्षेत्रों में गंदगी और जलभराव की स्थिति है, वहां ब्लिचिंग पाउडर का छिड़काव किया जाए और विशेष सफाई दल नियुक्त किए जाएं।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जलनिकासी की स्थिति में सुधार से बरसात के मौसम में भी जलभराव की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।

डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रणाली को किया जाएगा मज़बू

बैठक में यह भी तय हुआ कि गांवों की जनसंख्या को देखते हुए डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। फिलहाल जिन गांवों में केवल एक वाहन है, वहां अब दो गाड़ियां प्रतिदिन सुबह और शाम संचालित होंगी ताकि किसी भी समय कचरा जमा न हो।

गांवों के बाहरी हिस्सों में पड़े खाली भूखंडों और कूड़े के ढेरों की साफ-सफाई कराई जाएगी। साथ ही “कचरा न डालें” चेतावनी बोर्ड भी लगाए जाएंगे।

पशुधन प्रबंधन और गोबर निस्तारण पर जोर

कई ग्रामों में ग्रामवासियों द्वारा रखे गए पशुओं की बढ़ती संख्या के कारण गोबर निस्तारण एक चुनौती बन रही थी।
प्राधिकरण ने इस दिशा में भी कदम उठाते हुए निर्देश दिए कि

प्रत्येक ग्राम में गोबर से खाद या गैस उत्पादन हेतु छोटे गोबर प्रबंधन प्लांट तैयार किए जाएं।

गोबर उठवाने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष योजना तैयार की जाए।

इससे स्वच्छता के साथ-साथ गांवों की जैविक खाद उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी।

टूटी नालियों की मरम्मत और ओवरफ्लो समाधान

सीईओ लोकेश एम. ने स्पष्ट किया कि नालियों की टूटी दीवारें और सीवर ओवरफ्लो ग्रामीण जीवन में असुविधा और स्वास्थ्य खतरे का बड़ा कारण हैं।
इसलिए पहले चरण में सभी टूटी नालियों की मरम्मत और सिफ्ट जालियों की सफाई का काम वर्क सर्किल द्वारा एक महीने में पूरा किया जाएगा।

जिन गलियों में सीवर ओवरफ्लो की वजह से जलभराव होता है, वहां समर्पित ब्लॉकेज हटाने वाली मशीनों को तैनात करने के आदेश दिए गए हैं।

पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास की नीति

बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि नालियों में रेत या कचरा डालने वाले व्यक्तियों पर ग्राम समितियों की मदद से निगरानी रखी जाएगी। जहां लंबी रैंप या निर्माण सामग्री के कारण जलनिकासी बाधित है, वहां स्थानीय निवासियों की सहायता से रैंप हटाकर निकासी व्यवस्था बहाल की जाएगी।

साथ ही हर गांव में जलाशयों और ट्यूबवेलों का निर्माण एवं पुनर्जीवन भी कराया जाएगा ताकि भूजल स्तर को बनाए रखा जा सके।

सीईओ का संदेश — “गांवों का विकास हमारी प्राथमिकता

मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री लोकेश एम. ने कहा के “नोएडा का विकास केवल शहरी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। हम हर गांव को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने के लिए वचनबद्ध हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान के परिणामस्वरूप न केवल सीवर और सफाई व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीणों के जीवनस्तर में भी वास्तविक उन्नति दिखाई देगी।

नोएडा प्राधिकरण की यह पहल दर्शाती है कि शहरी–ग्रामीण संतुलित विकास अब केवल नीति नहीं, बल्कि मैदानी हकीकत बन रहा है।
सीवर सुधार, जलापूर्ति, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता पर केंद्रित यह मिशन आने वाले समय में नोएडा के ग्रामीण अंचलों को आधुनिक और स्वच्छ जीवनशैली की दिशा में अग्रसर करेगा।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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