YEIDA Authority News : "यमुना प्राधिकरण की 87वीं बोर्ड बैठक में चला विकास का मेगा इंजन!", हजारों करोड़ की योजनाओं को हरी झंडी, अवैध कब्ज़ों पर कड़ी कार्रवाई, नए मुख्यालय और डिजिटल पोर्टल से बढ़ेगी पारदर्शिता, एक साल में 192 करोड़ का रिकॉर्ड लाभ, वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी बनी बड़ी राहत, फरवरी 2026 तक आवेदन की सुविधा

जेवर, रफ़्तार टुडे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 87वीं बोर्ड बैठक 7 नवंबर 2025 को औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में क्षेत्रीय विकास, निवेश आकर्षण, भूमि प्रबंधन, नई तकनीकी सेवाओं और पारदर्शिता बढ़ाने से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी गई।
यह बैठक न केवल वित्तीय दृष्टि से ऐतिहासिक साबित हुई, बल्कि जेवर क्षेत्र के विकास मॉडल को नई दिशा देने वाली भी रही।
प्राधिकरण की वार्षिक आय, परियोजनाओं की गति, और भविष्य की रणनीतियों ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि यीडा उत्तर प्रदेश के विकास के सबसे तेज़ इंजन के रूप में उभर चुका है।
प्राधिकरण की शानदार कमाई — 2839 करोड़ की आय, 1564 करोड़ का शुद्ध लाभ
सबसे पहले वित्तीय वर्ष 2024–25 के खातों को बोर्ड की मंजूरी दी गई।
आंकड़े बताते हैं कि यीडा ने ₹2839.97 करोड़ की आय अर्जित की, जबकि व्यय ₹1250.41 करोड़ रहा।
इस प्रकार प्राधिकरण को ₹1564.19 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज हुआ — जो पिछले वर्ष की तुलना में कई गुना अधिक है।
वित्तीय अनुशासन, ई-नीलामी की पारदर्शी प्रक्रिया, और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग की दक्षता ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई। बोर्ड ने इस उपलब्धि के लिए टीम को सराहना भी दी।
वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी बनी बड़ी राहत — फरवरी 2026 तक आवेदन की सुविधा
लंबित भुगतान, ब्याज और दंड जैसे मामलों के समाधान के लिए बोर्ड ने वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी 2025/02 को प्रभावी रूप से लागू करने का निर्णय लिया।
अब आवंटियों को बकाया मामलों में राहत का अवसर मिलेगा। अब तक 5725 आवेदनों में से अधिकांश निस्तारित किए जा चुके हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 तय की गई है। इससे हजारों निवेशकों और गृहस्वामियों को बड़ी राहत मिलेगी।
प्राधिकरण का कहना है कि इस पॉलिसी से न केवल बकाया राजस्व की वसूली बढ़ेगी बल्कि निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा।

गांवों के 7% आबादी भूखंडों का अद्यतन — प्लॉट वितरण में तेजी
प्राधिकरण क्षेत्र के 29 गांवों में 7% आबादी भूखंडों के निस्तारण पर समीक्षा की गई। कुल 6260 भूखंडों में से 4171 का निस्तारण पूरा हो चुका है। शेष गांवों में प्रक्रिया को तेजी देने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष रूप से सेक्टर 17, 22D और 25 में प्लॉट वितरण की रफ्तार बढ़ाई जा रही है।
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में नगरीय विस्तार और संतुलित विकास को बल मिलेगा।
मेडिकल डिवाइसेज पार्क बना निवेशकों का हॉटस्पॉट — 53 यूनिट्स में निर्माण शुरू
सेक्टर 28 में बन रहा मेडिकल डिवाइसेज पार्क यीडा के औद्योगिक भविष्य का केंद्र बनता जा रहा है।
कुल 350 एकड़ में फैले इस पार्क में 203 प्लॉट हैं, जिनमें से 101 का आवंटन पूरा हो चुका है और 53 निवेशकों ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
इसके साथ ही सेक्टर 29 और 33 में भी औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार तेज़ है।
लीज़ डीड, कब्ज़ा हस्तांतरण और बिल्डिंग मैप अनुमोदन जैसे कार्यों में तेजी दिखाई जा रही है। यह पार्क भारत के हेल्थटेक सेक्टर को नई उड़ान देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

हाइड्रोजन बस सेवा से एनसीआर–आगरा रूट होगा हरा-भरा!
प्राधिकरण ने NTPC के साथ मिलकर हाइड्रोजन बस सेवा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
यह सेवा दिल्ली–एनसीआर से आगरा रूट तक चलेगी।

बसों का राजस्व एनटीपीसी को दिया जाएगा।
संचालन लागत को न्यूनतम रखने की नीति अपनाई जाएगी।
यह सेवा शून्य प्रदूषण के साथ भविष्य की स्वच्छ परिवहन तकनीक को बढ़ावा देगी। जेवर एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे के बीच यह बस सेवा “ग्रीन कनेक्टिविटी” का नया मानक बनेगी।

अवैध कब्ज़ों पर अब कड़ा रुख — 1200 करोड़ की जमीन पुनः प्राप्त
प्राधिकरण ने अवैध कॉलोनियों और कब्ज़ों पर सख्त रवैया अपनाने की पुष्टि की।
हाल ही में 1200 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की भूमि अवैध कब्ज़ों से मुक्त कराई गई।
बोर्ड ने निर्णय लिया है कि आगे भी किसी भी प्रकार की अनधिकृत निर्माण गतिविधि पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू रहेगी। यह कदम न केवल भूमि संरक्षण के लिए आवश्यक है, बल्कि वैध आवंटियों के हितों की रक्षा भी सुनिश्चित करेगा।
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में बड़ा कदम — One Map YEIDA Portal हुआ लाइव
प्राधिकरण ने नागरिकों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए One Map YEIDA Portal को जनता के लिए लाइव कर दिया।
अब आम नागरिक घर बैठे ही—
प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी,
खाली पड़ी जमीन का विवरण,
मास्टर प्लान,
और लेआउट मैप्स देख सकेंगे।
यह पोर्टल पूरी तरह GIS आधारित है और विकास योजनाओं की ऑनलाइन ट्रैकिंग को आसान बनाएगा।
यह डिजिटल इंडिया की भावना के अनुरूप एक बड़ा नवाचार है।
सेक्टर 18 में बनेगा नया यमुना प्राधिकरण भवन — चार जोनल ऑफिस भी होंगे तैयार
बोर्ड बैठक में यीडा के नए मुख्यालय निर्माण को भी मंजूरी दी गई। यह भवन सेक्टर 18 में प्रस्तावित है।
निर्माण से पहले नक्शा तैयार करने के लिए कंपनी का चयन कर लिया गया है। साथ ही, प्राधिकरण ने चार सेक्टरों में जोनल ऑफिस बनाने का भी निर्णय लिया है ताकि प्रशासनिक सेवाएं जनता तक तेजी से पहुंच सकें।
बोर्ड ने निर्देश दिया है कि डिजाइन और अनुमोदन प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए ताकि नए साल के शुरुआती महीनों में निर्माण कार्य शुरू हो सके।

डिजिटल, औद्योगिक और सामाजिक समन्वय से बनेगा नया विकास मॉडल
यीडा की इस बैठक ने एक बात स्पष्ट कर दी कि अब विकास केवल औद्योगिक नहीं बल्कि स्मार्ट, हरित और समावेशी दिशा में आगे बढ़ेगा। जेवर एयरपोर्ट, मेडिकल डिवाइस पार्क, हाइड्रोजन बस, और डिजिटल पोर्टल — ये सभी मिलकर इस क्षेत्र को उत्तर भारत का सबसे हाई-टेक ज़ोन बनाने की दिशा में अग्रसर हैं।
यमुना क्षेत्र में विकास की सुपर स्पीड!
इन सभी निर्णयों ने यह साबित कर दिया है कि प्राधिकरण केवल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि भविष्य के भारत की तकनीकी आत्मा गढ़ रहा है। अब जेवर और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र केवल एक हाइवे नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल, ट्रांसपोर्ट, हाउसिंग और इनोवेशन का संगम बनता जा रहा है।
अगले पांच सालों में यह इलाका न सिर्फ नोएडा बल्कि पूरे उत्तर भारत का सबसे प्रभावशाली आर्थिक कॉरिडोर बनने की दिशा में अग्रसर है।



