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Breaking News : ताज और रेडिशन का नाम, सपनों में गोवा–मुंबई का झाँसा, और जेब से उड़ गए 50,000 रुपये!, एडवोकेट गौरव शर्मा के साथ हाई-प्रोफाइल होटल मेंबरशिप के नाम पर ‘आशीष वर्मा’ ने खेला बड़ा फ्रॉड”, एडवोकेट गौरव शर्मा का बड़ा कदम—अब FIR की तैयारी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। आज के डिजिटल युग में ठगी के तरीके दिन-ब-दिन बदलते जा रहे हैं। कभी बैंक कॉल के नाम पर, कभी नौकरी के नाम पर और अब “लक्ज़री होटल मेंबरशिप” के नाम पर। ताजा मामला ग्रेटर नोएडा के एडवोकेट गौरव शर्मा से जुड़े फ्रॉड का है, जहां एक युवक आशीष वर्मा ने खुद को ताज होटल और रेडिशन होटल का कर्मचारी बताकर 50,000 रुपये की ठगी कर दी।

बेहद शातिर तरीके से रचे गए इस पूरे खेल में आरोपी ने ऐसा भ्रम पैदा किया कि सामने वाला व्यक्ति खुद को एक “प्रीमियम सदस्य” बनने की राह पर समझ रहा था, जबकि असलियत में उसके पैसे ‘होटल’ में नहीं, बल्कि ठग के जेब में जा रहे थे।

कहानी की शुरुआत: ताज और रेडिशन की मेंबरशिप का सपना, और विश्वास का बिछाया जाल

एडवोकेट गौरव शर्मा ने बताया कि आरोपी आशीष वर्मा ने खुद को “ताज होटल” और “रेडिशन होटल” का प्रतिनिधि बताकर उनसे संपर्क किया।
उसने बताया कि—

ताज होटल की एक स्पेशल मेंबरशिप चल रही है

रेडिशन होटल में सीमित समय का लग्ज़री पैकेज है

टॉप-लेवल कस्टमर्स को लाइफस्टाइल बेनिफिट्स दिए जा रहे हैं

फाइव-स्टार हॉस्पिटैलिटी में साल भर की प्रीमियम सेवाएं मिलेंगी

इन बातों को सुनकर कोई भी व्यक्ति प्रभावित हो सकता है, और गौरव शर्मा भी हुए।

30,000 रुपये का ‘डिपॉजिट’—UPI पर उड़ाए पैसे

आरोपी ने मेंबरशिप एक्टिवेशन के नाम पर 30,000 रुपये तुरंत डिपॉजिट करने को कहा।
गौरव शर्मा ने बताया कि “वह इतनी प्रोफेशनल तरीके से बात कर रहा था कि शक करने की कोई वजह ही नहीं रही। उसने होटल के ऑफिशियल पैकेज की तरह बात की और कहा कि ‘सर, आपका मेंबरशिप कार्ड और वाउचर 48 घंटे में पहुंच जाएगा’।”

इसके बाद गौरव शर्मा ने 30,000 रुपये UPI नंबर पर ट्रांसफर कर दिए।

बचा हुआ 20,000 रुपये और फाइनल ‘कन्फर्मेशन’ का झांसा

पहली बार 30,000 रुपये मिलते ही आरोपी ने दूसरा जाल फेंक दिया।

उसने कहा“सर, बॉक्सिंग चार्ज, टैक्स, और कार्ड एक्टिवेशन फी बाकी है।”

“पूरा पैकेज तभी एक्टिव होगा जब आप बाकी 20,000 भेज देंगे।”

विश्वास के चलते गौरव शर्मा ने बाकी 20,000 रुपये भी ट्रांसफर कर दिए। यानी कुल 50,000 रुपये ठग के हाथ में चले गए।

48 घंटे… फिर एक हफ्ता… फिर 3 महीने—लेकिन मेंबरशिप वाउचर गायब!

वाउचर आने की डेडलाइन पहले 48 घंटे थी।
फिर 7 दिन का बहाना बना।
फिर 15 दिन।
और देखते-देखते 3 महीने बीत गए!

गौरव शर्मा ने बताया “जब भी कॉल करते, वह कहता—सर आज रात तक हो जाएगा, कल सुबह कन्फर्मेशन आ जाएगा, शाम तक आपका कार्ड पहुंच जाएगा—लेकिन आज तक कोई वाउचर नहीं आया।”

अब कॉल उठाना बंद… फोन स्विच ऑफ… और मैसेज का कोई जवाब नहीं

धीरे-धीरे आरोपी का व्यवहार बदल गया।
कभी कॉल न उठाना…
कभी फोन स्विच ऑफ रखना…
कभी टालमटोल…

यह साफ हो गया कि सामने वाला “होटल कर्मचारी” नहीं बल्कि एक ठग था।

एडवोकेट गौरव शर्मा का बड़ा कदम—अब FIR की तैयारी, भेजा कानूनी नोटिस

ठगी का एहसास होते ही गौरव शर्मा हरकत में आए।
उन्होंने कानूनी प्रक्रिया शुरू की और कहा “मैंने इस व्यक्ति को लीगल नोटिस भेजा है। FIR ड्राफ्ट तैयार है और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।”

उन्होंने बताया कि यदि आरोपी ने पैसे वापस नहीं किए तो उसके खिलाफ IPC की कई धाराओं में गंभीर कार्रवाई होगी।

‘दिन में सपने दिखाए… कभी गोवा, कभी मुंबई’ — फ्रॉड का मनोवैज्ञानिक खेल

गौरव शर्मा ने सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई “ठग हर बार नई–नई कहानियाँ सुनाता था। कहता था—सर आपको गोवा की फ्री ट्रिप मिलेगी, मुंबई होटल में 2 रात का कॉम्प्लिमेंट्री स्टे मिलेगा, स्पा, क्लब और इवेंट पास भी मिलेगा… बस थोड़ा इंतजार करें।”

आरोपी की यही “सपनों की मार्केटिंग” इस फ्रॉड का असली हथियार थी।

कैसे हुआ शक?—होटल सत्यापन में खुली बड़ी पोल

जब गौरव शर्मा ने होटल की ऑफिशियल टीम से बात की तो खुलासा हुआ कि होटल में ऐसा कोई प्रतिनिधि ‘आशीष वर्मा’ नहीं है

ऐसी कोई मेंबरशिप स्कीम नहीं चल रही है

पैकेज की राशि होटल कभी UPI नंबर पर नहीं लेता

यह पूरी ठगी का केस है

यह सुनते ही मामला साफ हो गया कि यह “लाइफ़स्टाइल पैकेज” नहीं बल्कि “हाई-प्रोफाइल ठगी” थी।

ऐसे ठगी कैसे करते हैं ऐसे गिरोह?—जांच में सामने आए सामान्य पैटर्न

ऐसे ठग—

फाइव-स्टार होटल

लक्ज़री ट्रेवल

और एक्सक्लूसिव मेंबरशिप

जैसे नामों का इस्तेमाल करते हैं।

वे शिकार को बताते हैं सीमित समय का ऑफर

फुल रिफंडेबल

VIP बेनिफिट्स

जल्द एक्टिवेशन

यही मनोवैज्ञानिक ट्रिक्स लोगों को झांसे में फँसाने के लिए काफी हैं।

सावधान! ऐसे ठगी से बचने के लिए ध्यान रखें ये 7 बातें

1️⃣ किसी भी होटल या कम्पनी की मेंबरशिप सीधे UPI पर पैसे नहीं लेती।
2️⃣ कम कीमत में फाइव-स्टार ऑफ़र मिलना अक्सर 100% फ्रॉड होता है।
3️⃣ होटल से सीधे वेरिफिकेशन जरूर करें।
4️⃣ UPI नंबर किसी निजी व्यक्ति का हो तो तुरंत शक करें।
5️⃣ कॉल रिकॉर्डिंग, मेसेज और ट्रांजैक्शन सबूत संभालकर रखें।
6️⃣ PAN, GST नंबर पूछें और जांचें।
7️⃣ फ्रॉड की जानकारी साइबर सेल को तुरंत दें।

अब पुलिस कार्रवाई की तैयारी, मामला पहुंचा साइबर फ्रॉड की श्रेणी में

यह मामला सीधे-सीधे ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का है। गौरव शर्मा ने कहा कि वे साइबर थाना

स्थानीय पुलिस

और बैंक/UPI प्लेटफॉर्म

से शिकायत दर्ज करवाएंगे।

FIR में—

धोखाधड़ी

विश्वासघात

आपराधिक षड्यंत्र

ऑनलाइन ठगी

की धाराएं लग सकती हैं।

सपनों में ‘फाइव-स्टार मेंबरशिप’… और हकीकत में खाली जेब

आशीष वर्मा नामक युवक ने ताज होटल और रेडिशन होटल की ब्रांड वैल्यू का गलत इस्तेमाल करते हुए एक एडवोकेट तक को ठग लिया। यह घटना बताती है कि ठगी सिर्फ गांव-कस्बों में नहीं,

बल्कि पढ़े-लिखे लोगों के साथ भी हो सकती है।

यह मामला डिजिटल ठगों की बढ़ती चालबाजियों को सामने लाता है और लोगों को सावधान रहने की सीख देता है।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़

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