Galgotia University News : स्वास्थ्य तकनीक और एंटीना की नई क्रांति, गलगोटियाज कॉलेज में आयोजित एआईसीटीई-प्रायोजित कार्यक्रम में देशभर के 40 से अधिक संस्थानों के विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव, DRDO (SSPL) दिल्ली का औद्योगिक भ्रमण बना प्रमुख आकर्षण

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
भविष्य की स्वास्थ्य सेवाएं कैसी होंगी? क्या एंटीना तकनीक अस्पतालों में जीवन रक्षक बन सकती है? ऐसे ही विषयों पर गहन मंथन और तकनीकी विमर्श हुआ गलगोटियाज कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, ग्रेटर नोएडा में, जहाँ 30 जून से 5 जुलाई 2025 तक AICTE-अटल प्रायोजित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आयोजन हुआ। इस एफडीपी का मुख्य विषय था – “अगली पीढ़ी की स्वास्थ्य देखभाल तकनीकों के लिए एंटीना इंजीनियरिंग”, जो तकनीकी और चिकित्सा के संगम पर केंद्रित रहा।
देशभर के 40+ प्रतिष्ठित संस्थानों के विद्वानों की भागीदारी
दिल्ली-एनसीआर के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से आए 40 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों के प्रोफेसर, शोधार्थी और इंजीनियरिंग विशेषज्ञ इस छह दिवसीय कार्यक्रम में शामिल हुए। इसका उद्देश्य था — शिक्षकों को ऐसी तकनीकी जानकारी और औद्योगिक अनुभव देना, जिससे वे स्वास्थ्य देखभाल तकनीकों की अगली पीढ़ी के लिए छात्रों को तैयार कर सकें।
IIT रुड़की के प्रो. डॉ. अखिलेश मोहन का उद्घाटन भाषण
कार्यक्रम का शुभारंभ IIT रुड़की के प्रोफेसर डॉ. अखिलेश मोहन के प्रेरक भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने कहा:
“AI, IoT और एंटीना प्रौद्योगिकी के सम्मिलन से आने वाला समय स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आएगा। वायरलेस स्वास्थ्य निगरानी और रिमोट सर्जरी अब कल्पना नहीं, हकीकत बन चुकी है।”
DRDO (SSPL) दिल्ली का औद्योगिक भ्रमण बना प्रमुख आकर्षण
एफडीपी का सबसे रोमांचक पहलू रहा — DRDO के Solid State Physics Laboratory (SSPL) का औद्योगिक भ्रमण, जहाँ प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से रक्षा तकनीकों, मेडिकल उपकरणों और वायरलेस कम्युनिकेशन के लिए इस्तेमाल हो रही अत्याधुनिक एंटीना तकनीकों का अवलोकन करने का मौका मिला।
तकनीकी जगत की दिग्गज हस्तियों ने साझा की विशेषज्ञता
इस छह दिवसीय कार्यक्रम के विभिन्न तकनीकी सत्रों में देश के नामचीन वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधि वक्ता के रूप में उपस्थित हुए:
- डॉ. महेश पी. अबेगांवकर (IIT दिल्ली)
- डॉ. मुकेश के. खंडेलवाल (दिल्ली विश्वविद्यालय)
- डॉ. मुकेश जेवरिया (NPL दिल्ली)
- डॉ. सुरेंद्र कुमार (टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड)
- ललित कुमार (C-DAC, नोएडा)
- राधेश्याम गुप्ता (ST Microelectronics)
- गौरव अरोड़ा (TCS, नोएडा)
- डॉ. कुणाल श्रीवास्तव (Clarivate)
- डॉ. अभिषेक (IMT गाजियाबाद)
इन सभी ने अपने संबोधन में रियल-टाइम मेडिकल डिवाइसेस, स्मार्ट हॉस्पिटल सिस्टम, वायरलेस स्वास्थ्य निगरानी नेटवर्क और सर्जिकल टूल्स के लिए एंटीना डिज़ाइन जैसे विषयों पर व्याख्यान दिया।
प्रोग्राम का समन्वयन और आयोजकीय टीम की भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन का श्रेय जाता है डॉ. सचिन कुमार और डॉ. अंकुर उत्सव को, जिन्होंने हर सत्र को व्यवस्थित किया और प्रतिभागियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी वातावरण प्रदान किया।
गलगोटियाज कॉलेज के दृष्टिकोण की झलक
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि ऐसे तकनीकी कार्यक्रम केवल शिक्षकों का ज्ञान नहीं बढ़ाते, बल्कि उन्हें उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार अकादमिक बदलाव लाने में भी मदद करते हैं। इससे छात्र भी भविष्य के लिए अधिक सक्षम बनते हैं।
तकनीक + स्वास्थ्य = जीवन सुरक्षा की नई परिभाषा
इस कार्यक्रम में स्पष्ट संदेश गया कि आने वाले समय में वायरलेस हेल्थ सिस्टम, रिमोट मोनिटरिंग, IoMT (Internet of Medical Things) और AI आधारित ट्रैकिंग से स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती, सुलभ और अधिक सुरक्षित बनेंगी। इसमें एंटीना तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
सोशल मीडिया पर खूब चर्चा
कार्यक्रम की तस्वीरें, क्लिप और उद्धरण सोशल मीडिया पर #AntennaForHealth, #GalgotiasFDP2025, #FutureOfHealthcare, #AICTEATALFDP, #WirelessMedicine जैसे हैशटैग्स के साथ तेजी से वायरल हुए।
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