Paramount Breaking News : "अब पीने का पानी बना जहर?", ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी में गंदे पानी से हड़कंप!, रसोई, कपड़े धुलाई, पीने का पानी से निकल रहा है बदबूदार पानी, पैरामाउंट प्रशासन चुप!, बिल्डर पर गंभीर आरोप, “नीचे से छोड़ा जा रहा है गंदा पानी”

ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे।
“अब रोटी बनाएं या अस्पताल भागें?” — यह सवाल पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी के निवासियों के बीच आम हो गया है, जहां बीते कई दिनों से गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई ने जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
रसोई के नलों से आ रहे पीले और झाग वाले पानी ने न सिर्फ लोगों की सेहत को खतरे में डाला है, बल्कि उनके धैर्य की भी परीक्षा ली है। पहले बिजली की अनियमितता, और अब यह पानी की समस्या — सोसाइटी में रहने वाले सैकड़ों परिवार अब खुद को ‘फंसा हुआ’ महसूस कर रहे हैं।
गंदे पानी की तस्वीरें और वीडियो वायरल
सोसाइटी के कई निवासियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा की हैं जिनमें साफ देखा जा सकता है कि पानी में मिट्टी, तेल जैसी परतें और अजीब बदबू है।
एक महिला निवासी ने कहा:
“पिछले दो दिनों से किचन में पानी इतना गंदा आ रहा है कि चाय भी नहीं बना पा रहे। खाना बनाना तो दूर की बात है। हमें रोज़ होटल से खाना मंगाना पड़ रहा है।”
बिल्डर पर गंभीर आरोप, “नीचे से छोड़ा जा रहा है गंदा पानी”
एक निवासी ने सीधा आरोप लगाया:
“बिल्डर सोसाइटी के नीचे से गंदे पानी का डिस्पोजल कर रहा है, जिससे पीने के पानी की लाइनें दूषित हो रही हैं। यह सीधे हमारी सेहत के साथ खिलवाड़ है।”
स्वास्थ्य को बड़ा खतरा
निवासियों का कहना है कि अगर ये पानी पीया गया या इससे नहाया गया तो त्वचा रोग, गैस्ट्रो इन्फेक्शन और अन्य बीमारियां होना तय है। कुछ परिवारों ने पहले से ही पेट दर्द, उल्टी और त्वचा पर खुजली की शिकायत की है।
पैरामाउंट के एक बुजुर्ग निवासी ने कहा:
“यह पानी बच्चों और बुजुर्गों के लिए जहर है। प्रशासन और बिल्डर दोनों ही आंखें मूंदे बैठे हैं।”
क्या यह पहली बार है? नहीं!
पैरामाउंट से पहले ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ईको विलेज 1, आस्था ग्रीन, पंचशील ग्रीन 2 और अरिहंत जैसी सोसाइटियों में भी दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
मई 2025 में आस्था ग्रीन सोसाइटी में दूषित पानी से दर्जनों लोग बीमार पड़ गए थे।
निवासियों की मांगें क्या हैं?
- तुरंत पानी की जांच कराई जाए और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए
- बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई हो
- सोसाइटी में अस्थायी RO टैंकर या जलापूर्ति का वैकल्पिक प्रबंध किया जाए
- जल बोर्ड या स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए
प्रशासन की चुप्पी चिंता बढ़ा रही है
अब तक न तो बिल्डर की ओर से कोई स्पष्ट बयान आया है और न ही जल आपूर्ति या स्वास्थ्य विभाग की टीम सोसाइटी में पहुंची है। लोग सवाल कर रहे हैं — “क्या प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतज़ार है?”
क्या कहना है निवासियों का?
सोसाइटी के निवासियों ने बताया:
“हमने बिल्डर को लिखित में शिकायत दी है। जिला प्रशासन को भी जानकारी दी जा चुकी है। अगर 48 घंटे में समाधान नहीं हुआ, तो हम समूह में डीएम ऑफिस जाकर प्रदर्शन करेंगे।”
क्या है समाधान? विशेषज्ञों की राय
जल गुणवत्ता विशेषज्ञों के मुताबिक:
- बिल्डर को पाइपलाइन की लीकेज और सीवेज लाइन के क्रॉस-कनेक्शन की जांच करनी चाहिए
- पूरे सिस्टम को फ्लश और क्लोरीनेट किया जाना चाहिए
- अस्थायी रूप से टैंकरों से पानी की आपूर्ति शुरू की जानी चाहिए
निष्कर्ष: “शहर तो बन रहा है, लेकिन इंसानियत कहां है?”
पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट की यह घटना साफ बताती है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर बेतहाशा निर्माण हो रहा है, लेकिन बुनियादी सुविधाएं जैसे साफ पानी, बिजली और सुरक्षा आज भी दूर की बात हैं।
बिजली की अनियमितता, और अब यह पानी की समस्या — सोसाइटी में रहने वाले सैकड़ों परिवार अब खुद को ‘फंसा हुआ’ महसूस कर रहे हैं।
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