UPITS 2025 News : ग्रेटर नोएडा में यूपीआईटीएस 2025 का दूसरा दिन बना ऐतिहासिक रिकॉर्डतोड़ भीड़, भारत-रूस व्यापार संवाद और एमएसएमई सत्र ने लिखी नई कहानी, रिकॉर्ड-ब्रेकिंग विज़िटर्स व्यापार और जनता का संगम

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया एक्सपो मार्ट द्वारा आयोजित यूपीआईटीएस 2025 (UP International Trade Show) का दूसरा दिन हर मायने में ऐतिहासिक साबित हुआ। जहां एक तरफ 91,259 लोगों की रिकॉर्ड तोड़ मौजूदगी दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर भारत-रूस व्यापार संवाद, एमएसएमई पर केंद्रित सत्र और युवाओं की भागीदारी ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुँचा दिया। यूपीआईटीएस 2025 का दूसरा दिन हर लिहाज से यादगार और ऐतिहासिक रहा। रिकॉर्ड फुटफॉल, भारत-रूस व्यापार संवाद, एमएसएमई सत्र, युवाओं की ऊर्जा और सांस्कृतिक संध्या ने इसे एक पूर्ण व्यापारिक और सामाजिक महोत्सव बना दिया। यह आयोजन उत्तर प्रदेश को न सिर्फ भारत बल्कि वैश्विक व्यापार मानचित्र पर नई पहचान दिला रहा है।
रिकॉर्ड-ब्रेकिंग विज़िटर्स: व्यापार और जनता का संगम
यूपीआईटीएस 2025 के दूसरे दिन 23,758 बी2बी (Business to Business) और 67,501 बी2सी (Business to Consumer) आगंतुकों ने शिरकत की। पहले दिन आए 49,000 विज़िटर्स को जोड़कर अब तक के दो दिनों में कुल 1,40,259 लोगों की मौजूदगी इस मेले में दर्ज की गई।
यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि यह आयोजन अब सिर्फ एक व्यापार मेला नहीं बल्कि उद्योग, उद्यमिता और उपभोक्ताओं के जुड़ाव का संगम बन गया है।
एमएसएमई सत्र: “एमएसएमई@2047 – एक विकसित भारत का इंजन”
दूसरे दिन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा एमएसएमई विभाग का सत्र। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा “एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए यूपीआईटीएस जैसे आयोजन पूरे देश में होने चाहिए। यह रोजगार सृजन और उद्यमिता के विस्तार का सशक्त जरिया है।”
वहीं यूपी सरकार के मंत्री राकेश सचान ने कहा – “भारत को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का सपना बिना एमएसएमई के संभव नहीं। सरकार उद्यमियों के साथ खड़ी है और आवश्यकतानुसार नीतियों में बदलाव भी करेगी।”
इस सत्र में उद्योग जगत के दिग्गज, अर्थशास्त्री और नीति-निर्माता मौजूद रहे और भारत के विकास में एमएसएमई की भूमिका पर गहन चर्चा की गई।

भारत-रूस व्यापार संवाद: रिश्तों में मजबूती
दूसरे दिन का सबसे चर्चित सत्र रहा भारत-रूस व्यापार संवाद।
इसमें 85 कंपनियों ने भाग लिया।
240+ बी2बी बैठकें हुईं।
120 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 5.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर रही।
रूस से आए प्रतिनिधियों ने विनिर्माण, ऊर्जा, कृषि, आईटी, पैकेजिंग, चिकित्सा उपकरण और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में गहरी रुचि दिखाई। रूसी प्रतिनिधियों में डॉ. एवगेनी जेनचेंको (उप व्यापार आयुक्त) और मामेद अखमेदोव (रूसी निर्यात केंद्र प्रमुख) ने भारत के साथ आर्थिक जुड़ाव बढ़ाने की दिशा में अपने विचार साझा किए।
विभागीय सत्र: नीतियों और विकास का खाका
यूपीआईटीएस के मंच पर इस दिन कई महत्वपूर्ण सत्र हुए –
शहरी विकास विभाग – सतत शहरी विकास पर चर्चा।
स्वास्थ्य विभाग – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) पर कार्यशाला।
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग – यूपी को “मैन्युफैक्चरिंग हब से ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर” बनाने की रणनीति।
कृषि विभाग – “समृद्धि का विकास: आत्मनिर्भर यूपी के लिए किसानों को सशक्त बनाना”।
बीमा जागरूकता कार्यक्रम – आईआरडीएआई और एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस की भागीदारी।
सीएम युवा पवेलियन: भविष्य के नेताओं की भागीदारी
दूसरे दिन सीएम युवा पवेलियन में युवाओं की भारी भागीदारी रही।
लगभग 2000 युवा विभिन्न जिलों से पहुंचे।
125+ छात्रों ने कॉर्पोरेट गिफ्टिंग सेगमेंट में अपने उद्यमी विचार प्रस्तुत किए।
20+ बी2बी बैठकें आयोजित हुईं।
362 छात्रों ने क्विज़, माइम और मॉडल यूनाइटेड नेशंस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
इसके अलावा एमिटी यूनिवर्सिटी, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों के छात्रों ने अपने नवाचार और प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर उद्योग जगत का ध्यान खींचा।
सांस्कृतिक संध्या: परंपरा और आधुनिकता का संगम
व्यापार और नीतिगत चर्चाओं के बीच शाम को मंच सजा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से –
भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ की नृत्य-नाटिका।
अनु सिन्हा और उनकी टीम की श्रीकृष्ण लीला।
मथुरा की रसिया गायन और चरकुला नृत्य।
जयपुर का स्वराग बैंड जिसने कार्यक्रम को समकालीन रंग दिया।
इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और यूपी की समृद्ध संस्कृति और आधुनिकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।

भारत-रूस व्यापार संवाद: नई साझेदारी की शुरुआत
इस दिन का सबसे चर्चित हिस्सा रहा भारत-रूस व्यापार संवाद।
85 कंपनियों की मौजूदगी रही।
मात्र तीन घंटे में 240+ बी2बी बैठकें हुईं।
120 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनकी कीमत लगभग 5.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर आँकी गई।
रूस की कंपनियों ने विनिर्माण, ऊर्जा, कृषि, आईटी, पैकेजिंग, चिकित्सा उपकरण और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में गहरी दिलचस्पी दिखाई।
रूसी प्रतिनिधियों में डॉ. एवगेनी जेनचेंको (उप व्यापार आयुक्त) और मामेद अखमेदोव (जेएससी रूसी निर्यात केंद्र प्रमुख) ने भाग लिया।
संस्कृति का संगम: परंपरा और आधुनिकता का मेल
व्यापार और नीतिगत चर्चाओं के बीच शाम को मंच सजा सांस्कृतिक रंगों से –
भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की नृत्य-नाटिका।
अनु सिन्हा और टीम की श्रीकृष्ण लीला।
मथुरा की रसिया गायन और चरकुला नृत्य।
स्वराग बैंड (जयपुर) का धमाकेदार प्रदर्शन।
इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और यूपीआईटीएस के मंच पर परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।
यूपीआईटीएस 2025 का दूसरा दिन हर लिहाज से ऐतिहासिक रहा। रिकॉर्ड-ब्रेकिंग विज़िटर्स, भारत-रूस व्यापार संवाद, एमएसएमई सत्र, युवाओं की भागीदारी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने इसे एक पूर्ण महोत्सव बना दिया। यह आयोजन अब सिर्फ व्यापार का मंच नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन चुका है।



