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Breaking News : छह साल का इंतज़ार खत्म!, अब नहीं लगेगा जाम, नहीं भरेंगे अंडरपास में ‘तालाब’ — 15 जून से दौड़ेगा तिलपता-मकौड़ा फ्लाईओवर, ग्रेटर नोएडा वेस्ट-ईस्ट की दूरी होगी मिनटों में तय, 130 मीटर रोड पर बन रहे बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर के खुलते ही लाखों लोगों को मिलेगी राहत, रोजाना के ट्रैफिक संकट और जलभराव की समस्या पर भी लगेगा विराम

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों निवासियों के लिए लंबे इंतजार के बाद आखिरकार राहत भरी खबर सामने आई है। करीब छह वर्षों से निर्माणाधीन तिलपता-मकौड़ा फ्लाईओवर अब 15 जून से वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। 130 मीटर चौड़ी सड़क पर बन रहा यह महत्वपूर्ण फ्लाईओवर न केवल ट्रैफिक व्यवस्था को नई रफ्तार देगा, बल्कि वर्षों से लोगों को परेशान कर रही अंडरपास में जलभराव और जाम की समस्या को भी काफी हद तक कम करेगा।
इस परियोजना के पूरा होने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, ग्रेटर नोएडा ईस्ट, सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र और आसपास की बड़ी आवासीय सोसायटियों के निवासियों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा। लंबे समय से इस फ्लाईओवर का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह किसी बड़ी सौगात से कम नहीं माना जा रहा।

आठ डेडलाइन के बाद आखिर मिला उद्घाटन का दिन
तिलपता और मकौड़ा गोलचक्कर के बीच बन रहा यह फ्लाईओवर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) परियोजना का हिस्सा है। इसका निर्माण कार्य डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) द्वारा वर्ष 2020 में शुरू किया गया था। प्रारंभिक योजना के अनुसार इसका निर्माण काफी पहले पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से परियोजना लगातार विलंब का शिकार होती रही। जानकारी के अनुसार इस फ्लाईओवर के लिए कई बार नई-नई डेडलाइन तय की गईं, लेकिन हर बार निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण उद्घाटन टलता रहा। पिछले वर्ष दीपावली के आसपास इसकी एक लेन को चालू करने की योजना भी बनाई गई थी, लेकिन वह भी साकार नहीं हो सकी। अब आखिरकार 15 जून की तिथि तय कर दी गई है और अधिकारियों का दावा है कि इस बार लोगों को और इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

बारिश में अंडरपास बन जाता था ‘तालाब’, घंटों जाम में फंसते थे लोग
जिस स्थान पर यह फ्लाईओवर बनाया गया है, वहां पहले से मौजूद अंडरपास लंबे समय से लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ है। हर बारिश के दौरान अंडरपास में भारी जलभराव हो जाता है। कई बार हालात ऐसे बन जाते हैं कि कारें, बाइक और अन्य वाहन पानी में फंस जाते हैं।
जलभराव के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है और लोगों को घंटों सड़क पर परेशान होना पड़ता है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूल बसें, एंबुलेंस और मालवाहक वाहन भी इस समस्या से प्रभावित होते रहे हैं।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट से ईस्ट का सफर होगा आसान और तेज
फ्लाईओवर खुलने का सबसे बड़ा लाभ ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा ईस्ट के बीच यात्रा करने वाले हजारों लोगों को मिलेगा। वर्तमान में पीक आवर्स के दौरान इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक देखने को मिलता है। फ्लाईओवर के शुरू होने से वाहन बिना किसी रुकावट के सीधे गुजर सकेंगे। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत भी होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फ्लाईओवर आने वाले वर्षों में इस पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

अंडरपास को भी मिलेगा नया रूप
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ACEO सुमित यादव के अनुसार फ्लाईओवर शुरू होने के बाद अंडरपास में जलभराव की स्थायी समस्या को दूर करने के लिए विशेष कार्य शुरू किया जाएगा। प्राधिकरण की योजना के अनुसार—
अंडरपास में बेहतर ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा।
जलनिकासी की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
रोशनी की बेहतर व्यवस्था की जाएगी।
दीवारों पर पेंटिंग और सौंदर्यीकरण का कार्य होगा।
सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इससे अंडरपास भी आधुनिक और सुरक्षित रूप में दिखाई देगा।

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इन सोसायटियों और औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा

इन सोसायटियों और औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
फ्लाईओवर और सर्विस रोड के निर्माण से क्षेत्र की कई प्रमुख आवासीय सोसायटियों के निवासियों को सीधा लाभ मिलने वाला है। इनमें प्रमुख रूप से—शिवालिक होम्स, अंसल हाउसिंग, ओएसिस, पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट, मिग्सन ग्रींस जैसी बड़ी सोसायटियां शामिल हैं।

औद्योगिक विकास और रियल एस्टेट को भी मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने का सीधा असर वहां के आर्थिक विकास पर पड़ता है। तिलपता-मकौड़ा फ्लाईओवर के चालू होने से औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और क्षेत्र में नए निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। वहीं रियल एस्टेट सेक्टर को भी इसका लाभ मिलेगा, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी हमेशा आवासीय परियोजनाओं की मांग को बढ़ाती है।

लाखों लोगों को मिलेगी रोजाना राहत
करीब छह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अब यह फ्लाईओवर केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि लाखों लोगों की उम्मीदों का प्रतीक बन गया है। हर दिन इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को अब जाम, जलभराव और अनावश्यक देरी से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
15 जून का दिन ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए एक महत्वपूर्ण दिन माना जा रहा है, जब यह बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर आखिरकार जनता के लिए खुल जाएगा और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नई रफ्तार देगा।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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