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UP Russia Breaking News : रूस बनेगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 का पार्टनर कंट्री, योगी सरकार की कूटनीतिक जीत से बढ़ेगा उत्तर प्रदेश का वैश्विक कद, 2024 में वियतनाम बना था पार्टनर कंट्री, अब रूस से बढ़ेंगी संभावनाएं

लखनऊ, रफ़्तार टुडे।
उत्तर प्रदेश की धरती पर इस साल फिर एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 से 29 सितंबर 2025 तक आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) में इस बार रूस पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल और सक्रिय कूटनीति का यह बड़ा नतीजा है, जिसे प्रदेश सरकार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती साख का प्रमाण माना जा रहा है। इस आयोजन का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जो इसे और भी खास बना देगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस की भागीदारी से ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में तकनीकी सहयोग, आईटी और शिक्षा क्षेत्र में एक्सचेंज प्रोग्राम, तथा कृषि और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश की संभावनाएं और मजबूत होंगी। यह साझेदारी न केवल व्यापारिक बल्कि रणनीतिक दृष्टिकोण से भी भारत और उत्तर प्रदेश के लिए फायदेमंद होगी।

लगातार तीसरे वर्ष भव्य आयोजन, इस बार रूस की एंट्री से बनेगा खास

पिछले दो वर्षों की सफलता के बाद इस बार तीसरे संस्करण में रूस की भागीदारी शो को और भी भव्य बना देगी। रूस से आने वाला हाई-लेवल प्रतिनिधिमंडल, बड़े-बड़े उद्योगपतियों, व्यापारिक संगठनों और सांस्कृतिक कलाकारों के साथ भाग लेगा। इससे न केवल व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे बल्कि भारत-रूस सांस्कृतिक रिश्तों में भी नई ऊर्जा का संचार होगा।

2024 में वियतनाम बना था पार्टनर कंट्री, अब रूस से बढ़ेंगी संभावनाएं

पिछले साल 2024 में वियतनाम ने यूपीआईटीएस में पार्टनर कंट्री के रूप में शिरकत की थी। उस दौरान आयोजित वियतनाम-इंडिया फोरम और यूपी-वियतनाम टूरिज्म कॉन्क्लेव ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक और पर्यटन संबंधों को नई दिशा दी थी। इसी तरह रूस की भागीदारी इस बार उत्तर प्रदेश को पूर्वी यूरोप और एशियाई देशों के बाजारों तक पहुंचाने का अवसर देगी।

रूस ने औपचारिक स्वीकृति दी, योगी सरकार की पहल रंग लाई

उत्तर प्रदेश सरकार ने मई 2025 में रूस को औपचारिक आमंत्रण भेजा था। भारत के मास्को स्थित दूतावास के माध्यम से भेजे गए निमंत्रण को रूस के प्रमुख मंत्रालयों—

मिनिस्ट्री ऑफ इंडस्ट्री एंड ट्रेड

मिनिस्ट्री ऑफ इकोनॉमिक डेवलपमेंट

मिनिस्ट्री ऑफ साइंस एंड हायर एजुकेशन

मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर

के साथ-साथ बड़े व्यापारिक संगठनों जैसे चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ रशिया, बिजनेस रशिया, ओपोरा रशिया आदि ने स्वीकार कर लिया है। अब रूस ने अपनी भागीदारी की आधिकारिक स्वीकृति पत्र उत्तर प्रदेश सरकार को भेज दिया है।

बिजनेस डेलिगेशन से उद्योग जगत को मिलेगा नया आयाम

रूस से आने वाला प्रतिनिधिमंडल खासतौर पर बैंकिंग, ऊर्जा, स्किलिंग, शिक्षा और आईटी/आईटीईएस जैसे क्षेत्रों पर फोकस करेगा। रूसी प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच निवेश, तकनीकी सहयोग और व्यापारिक साझेदारी के नए अवसर तलाशे जाएंगे।

सांस्कृतिक डेलिगेशन से भारत-रूस दोस्ती को मिलेगा नया रंग

इस आयोजन में रूस का 9 सदस्यीय सांस्कृतिक दल भी प्रस्तुति देगा। भारतीय दर्शकों के लिए यह अनुभव बेहद खास होगा, क्योंकि इससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूती मिलेगी। यह सिर्फ व्यापारिक साझेदारी नहीं बल्कि दोस्ताना रिश्तों को भी मजबूत बनाने का माध्यम बनेगा।

डूइंग बिजनेस इन रूस’ नॉलेज सेशन होगा आकर्षण का केंद्र

ट्रेड शो में एक विशेष सत्र ‘Doing Business in Russia’ आयोजित किया जाएगा। इसमें भारतीय और खासतौर पर उत्तर प्रदेश के उद्योगपतियों को रूस में निवेश के अवसरों, बाजार की संभावनाओं और कानूनी-व्यावसायिक ढांचे की जानकारी दी जाएगी। यह सेशन यूपी के उद्यमियों को रूस में कारोबार करने का रोडमैप उपलब्ध कराएगा।

योगी सरकार का विज़न: यूपी को बनाना ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बार-बार स्पष्ट कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश भारत का ग्रोथ इंजन है। उनका लक्ष्य प्रदेश को वैश्विक निवेश का हब बनाना है। यूपीआईटीएस 2025 में रूस के पार्टनर कंट्री बनने से न केवल प्रदेश के उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा बल्कि विदेशी निवेश का रास्ता भी खुलेगा। यह आयोजन उत्तर प्रदेश को विश्व मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।

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Raftar Today
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