Sharda Health Care News : आयुष्मान भारत के 7 साल, शारदा अस्पताल का भव्य ‘आयुष्मानवत 2025’ सम्मेलन, चेयरमैन पी.के. गुप्ता बोले ट्रंप के टैरिफ से इंडियन हॉस्पिटल्स को बड़ा फायदा, नर्सें देश में रहेंगी, आईटी सेक्टर को झटका, वाई के गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य ही असली समर्पण

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात होने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा स्थित प्रतिष्ठित शारदा अस्पताल आयुष्मान भारत योजना की सातवीं वर्षगांठ को बेहद खास बनाने की तैयारी में है। इस अवसर पर अस्पताल 23 और 24 सितंबर 2025 को दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन और कार्यशालाओं का आयोजन करेगा, जिसका नाम रखा गया है – ‘आयुष्मानवत 2025’।
यह आयोजन न केवल चिकित्सा सेवाओं को नई दिशा देगा, बल्कि यह भी बताएगा कि भविष्य में भारत कैसे वैश्विक स्तर पर हेल्थकेयर लीडर बन सकता है।
पी.के. गुप्ता का बड़ा बयान – ट्रंप का टैरिफ और भारत का फायदा
कार्यक्रम की घोषणा के दौरान शारदा अस्पताल के चेयरमैन पी.के. गुप्ता ने एक अहम बयान दिया। उन्होंने कहा “ट्रंप के टैरिफ से इंडियन हॉस्पिटल को बड़ा फायदा होगा। नर्स H-1B वीजा पर अमेरिका जाएंगी नहीं, तो वे यहीं भारत में सेवाएं देंगी। इससे हमारी चिकित्सा व्यवस्था मजबूत होगी। आईटी सेक्टर को इससे नुकसान होगा, लेकिन हेल्थ सेक्टर को नई ताकत मिलेगी। मुझे विश्वास है कि अमेरिका की अदालत इस टैरिफ को जल्द निरस्त करेगी।” उनके इस बयान ने न केवल स्वास्थ्य जगत बल्कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक बहस को भी नई दिशा दे दी है।
आयुष्मानवत 2025 – स्वास्थ्य क्षेत्र की नई राह
यह दो दिवसीय आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर केंद्रित होगा। इसमें देशभर से नामी डॉक्टर, नीति विशेषज्ञ, स्वास्थ्य प्रशासक और रिसर्च स्कॉलर्स शामिल होंगे।
मुख्य विषयों में शामिल हैं –
ग्रामीण इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता उपयोग
रोबोटिक-केन्द्रित इलाज और सर्जरी की संभावनाएं
कैंसर, डायबिटीज़ और हृदय रोग की रोकथाम और आधुनिक उपचार
स्वास्थ्य सेवाओं में समानता और पारदर्शिता
भारत का स्वास्थ्य तंत्र – चुनौतियां और अवसर
भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र हमेशा से असमानता से जूझता रहा है। जहां महानगरों में आधुनिक अस्पताल और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की कमी है।
‘आयुष्मानवत 2025’ इस खाई को पाटने का प्रयास करेगा। इसमें विशेष ध्यान इस बात पर होगा कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेलीमेडिसिन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए गांव-गांव तक गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाया जा सकता है।
शारदा अस्पताल का विजन – स्वास्थ्य सेवा सबके लिए
शारदा अस्पताल के चेयरमैन पी.के. गुप्ता ने कहा –
“आयुष्मान भारत ने सात सालों में करोड़ों परिवारों को राहत दी है। अब समय है इसे और मज़बूत बनाने का। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में अपनी जान न गंवाए। चाहे वह शहर में हो या गांव में, हर नागरिक को सस्ती और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा मिले।”
उन्होंने आगे कहा कि शारदा अस्पताल हमेशा सरकार की योजनाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलता रहा है और भविष्य में भी स्वास्थ्य क्षेत्र के हर सुधार में अपनी अहम भूमिका निभाएगा।

ट्रंप के टैरिफ का असर – आईटी सेक्टर बनाम हेल्थ सेक्टर
पी.के. गुप्ता का बयान केवल भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र तक सीमित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अमेरिका की नई नीतियों से आईटी सेक्टर को नुकसान जरूर होगा क्योंकि वहां भारतीय टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स की मांग कम होगी। लेकिन यही स्थिति भारत के हॉस्पिटल सेक्टर के लिए वरदान बन सकती है।
नर्सें और मेडिकल प्रोफेशनल्स अब विदेश की बजाय भारत में सेवाएं देंगी। इससे यहां अस्पतालों की क्षमता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं बढ़ेंगी।
मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा क्योंकि भारत में इलाज और सस्ता व बेहतर हो सकेगा।
आयुष्मानवत 2025 – सम्मेलन की खास झलकियां
नेशनल वर्कशॉप्स: डॉक्टरों और नर्सों को नई तकनीकों पर प्रशिक्षित किया जाएगा।
पॉलिसी सेशन: नीतिनिर्माताओं के साथ संवाद होगा कि कैसे भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बन सकता है।
पेशेंट-सेंट्रिक इनोवेशन: मरीजों को केंद्र में रखकर नए मॉडल पेश किए जाएंगे।
डिजिटल हेल्थ कैम्पस: वर्चुअल प्लेटफॉर्म्स पर मरीज-डॉक्टर इंटरैक्शन के भविष्य पर चर्चा।
स्वास्थ्य ही असली समर्पण _ Y.K गुप्ता
‘आयुष्मानवत 2025’ सिर्फ एक आयोजन नहीं बल्कि भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र की भविष्य की रूपरेखा है। शारदा अस्पताल का यह संकल्प है कि आने वाले वर्षों में हर भारतीय को स्वास्थ्य का अधिकार मिले।
वाई.के. गुप्ता के शब्दों में “स्वास्थ्य सेवा ही सच्चा समर्पण है और यही भारत की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।” भारत की ओर दुनिया की नज़र – मेडिकल टूरिज्म का हब। भारत पहले से ही मेडिकल टूरिज्म का बड़ा केंद्र बन चुका है। किफायती इलाज, अनुभवी डॉक्टर और आधुनिक तकनीक इसकी खासियत है। ‘आयुष्मानवत 2025’ इस दिशा को और मजबूत करेगा।
संभव है आने वाले वर्षों में भारत न केवल अपने नागरिकों बल्कि पूरी दुनिया को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में अग्रणी भूमिका निभाए।
*शारदा अस्पताल के चिकित्सा अध्यक्ष डॉ. ब्रिगेडियर राम मूर्ति शर्मा ने आगे कहा उन्होंने कहा, “आयुष्मान भारत योजना में कमजोर समुदायों के लिए स्वास्थ्य संबंधी खामियों को पाटने की अपार क्षमता है। शारदा अस्पताल में, हम पहले से ही ऑन्कोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, जनरल सर्जरी और श्वसन चिकित्सा जैसी विशेषताओं में हजारों लाभार्थियों का इलाज कर चुके हैं। आयुशारदा 2025 के साथ, हम स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को कार्ड बनाने से लेकर दावा प्रसंस्करण तक-और कार्यबल क्षमता, नैतिक चिंताओं और सार्वजनिक-निजी सहयोग जैसी चुनौतियों पर बातचीत को बढ़ावा देने के लिए व्यावहारिक रूप से सीखने से लैस करना चाहते हैं। ऐसा करके, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि भारत भर के अस्पताल प्रत्येक लाभार्थी को उच्च गुणवत्ता, निर्बाध और सम्मानजनक देखभाल प्रदान करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हों।
आयुष्मान भारत के तहत सबसे पहले सूचीबद्ध अस्पतालों में से एक के रूप में, शारदा अस्पताल पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर में रोगियों के लिए एक विश्वसनीय केंद्र के रूप में उभरा है। हर महीने, 1,200 से अधिक आयुष्मान भारत लाभार्थी शारदा अस्पताल में उपचार प्राप्त करते हैं, जिसमें डायलिसिस, ऑन्कोलॉजी, जनरल सर्जरी, रेस्पिरेटरी मेडिसिन और जनरल मेडिसिन जैसी विशेषज्ञताएं शामिल हैं। सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली सेवाओं में लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, कैंसर उपचार (गर्भाशय ग्रीवा, मौखिक, स्तन, यकृत) दीर्घकालिक रोग प्रबंधन और सीटी, एमआरआई, पीईटी सीटी, सीटी-निर्देशित हस्तक्षेप, डीएसए और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच जैसे उन्नत निदान शामिल हैं। अस्पताल के लगभग एक तिहाई आयुष्मान रोगी वरिष्ठ नागरिक हैं, जिनकी पुरानी और जानलेवा स्थितियों में देखभाल की महत्वपूर्ण मांग है।
80% सेवाओं के साथ अब पेपरलेस और लाभार्थियों के लिए 100% कैशलेस, शारदा अस्पताल दक्षता में सुधार के लिए डिजिटल नवाचारों को एकीकृत करना जारी रखता है। इसके अलावा, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ऑन्कोलॉजी, न्यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, यूरोलॉजी, ईएनटी, नेत्र विज्ञान, दंत चिकित्सा और प्लास्टिक और पुनर्निर्माण सर्जरी में अस्पताल की सुपर-स्पेशलिटी पेशकशों ने इसे योजना के तहत समग्र उपचार प्रदान करने में सक्षम बनाया है। इन उपलब्धियों को पहचानते हुए, शारदा अस्पताल लंबे समय तक आईसीयू में रहने जैसी चुनौतियों का समाधान करना जारी रखता है, जिससे विशेष रूप से बुजुर्ग रोगियों में देखभाल की लागत बढ़ जाती है, जबकि स्वास्थ्य रुझानों की पहचान करने और समुदाय के लिए निवारक रणनीतियों को विकसित करने के लिए रोगी डेटा अनुसंधान का लाभ उठाया जाता है।
आयुशारदा 2025 की मेजबानी करते हुए, शारदा अस्पताल न केवल आयुष्मान भारत की यात्रा की याद दिलाता है, बल्कि इसके भविष्य को आकार देने के लिए मंच भी तैयार करता है। यह सम्मेलन यह सुनिश्चित करने में सहयोग, ज्ञान साझा करने और नवाचार की शक्ति को रेखांकित करता है कि प्रत्येक नागरिक-चाहे वह सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि का हो-गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्राप्त कर सकता है। इस पहल के साथ, शारदा अस्पताल सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को आगे बढ़ाने और भारत के लिए एक लचीली स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के निर्माण में अग्रणी के रूप में अपनी स्थिति की पुष्टि करता है।



